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जिले से छपरा को जोड़ेगा जल परिवहन
basti
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:18 PM IST
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कलवारी के घाघरा घाट पर जल परिवहन के लिए बना पोर्ट।
- फोटो : amar ujala
बस्ती। जल परिवहन की परिकल्पना को स्वरूप मिलने में ज्यादा समय नहीं रह गया है। इस परिवहन से बस्ती बिहार के छपरा से जुड़ेगा। यहां से ढाई सौ किमी की यात्रा जल मार्ग से संभव हो जाएगी। इस यात्रा में छोटे बड़े सैकड़ों गांव जुड़ेंगे। व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह योजना कलवारी के माझा क्षेत्र में कारगर साबित होगी।
जिले में सांसद हरीश द्विवेदी ने जल परिवहन की मंजूरी करीब वर्ष भर पहले जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी से घोषित करा दिया था। समय बीता मगर परियोजना केवल घोषणाओं तक ही रह गई। हालांकि, सांसद द्विवेदी घोषणा को लेकर गंभीर थे और मंत्रालय में इसे लेकर खूब मशक्कत किए। इसका परिणाम रहा कि 25 जून को जिले में पोर्ट निर्माण की कवायद शुरू हो गई और मशीनें शिफ्ट होकर कलवारी के घाघरा घाट पर पहुंच गईं। हालांकि, पानी कम होने से इसका परीक्षण पूरी तरह नहीं हो सका, मगर सांसद मय दल-बल मौके पर गए, जहां उन्होंने बारीकी से एक-एक बिंदु पर तकनीकी टीम से बातचीत की।
जल परिवहन विभाग ने जिले को छपरा के जय प्रकाश नगर से जोड़ा है। यहीं से पानी का जहाज कलवारी के घाघरा घाट तक आएगा। तकनीकी टीम के आरसी पांडेय व भाजयुमो जिला महामंत्री नितेश शर्मा बताते हैं कि छपरा के जय प्रकाश नगर से जहाज मांझी, धरौली, तुरतीपुर, बरहज, दोहरीघाट, खम्हरिया चांदीपुर, बिड़हरघाट होते हुए टांडा से सटे कलवारी के घाघरा घाट पर पहुंचेगा। यह यात्रा करीब ढाई सौ किमी की होगी। जहाज का रूट घाघरा नदी से जुड़े सैकड़ों गांवों को छूकर निकलेगा। हालांकि, यह केवल तय पोर्ट पर ही रुकेगा, मगर व्यावसायिक दृष्टिकोण से बेहद लाभकारी साबित होगा। जल परिवहन की सबसे खास बात यह होगी कि ग्रामीण क्षेत्र के उत्पाद उन शहरों तक पहुंच जाएंगे, जहां उसकी पैदावार नहीं होती। तकनीकी टीम यह भी बताती है कि प्रथम चरण में यह कार्य होने के बाद द्वितीय चरण में इसका रूट और विस्तारित किया जाएगा। पांडेय कहते हैं कि चूंकि अभी घाघरा में पानी नहीं है। ऐसे में अभी कुछ दिन बाद ही इसका परीक्षण होगा। जब पानी बढ़ेगा तभी पानी में जहाज उतरेगा।
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जिले में सांसद हरीश द्विवेदी ने जल परिवहन की मंजूरी करीब वर्ष भर पहले जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी से घोषित करा दिया था। समय बीता मगर परियोजना केवल घोषणाओं तक ही रह गई। हालांकि, सांसद द्विवेदी घोषणा को लेकर गंभीर थे और मंत्रालय में इसे लेकर खूब मशक्कत किए। इसका परिणाम रहा कि 25 जून को जिले में पोर्ट निर्माण की कवायद शुरू हो गई और मशीनें शिफ्ट होकर कलवारी के घाघरा घाट पर पहुंच गईं। हालांकि, पानी कम होने से इसका परीक्षण पूरी तरह नहीं हो सका, मगर सांसद मय दल-बल मौके पर गए, जहां उन्होंने बारीकी से एक-एक बिंदु पर तकनीकी टीम से बातचीत की।
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जल परिवहन विभाग ने जिले को छपरा के जय प्रकाश नगर से जोड़ा है। यहीं से पानी का जहाज कलवारी के घाघरा घाट तक आएगा। तकनीकी टीम के आरसी पांडेय व भाजयुमो जिला महामंत्री नितेश शर्मा बताते हैं कि छपरा के जय प्रकाश नगर से जहाज मांझी, धरौली, तुरतीपुर, बरहज, दोहरीघाट, खम्हरिया चांदीपुर, बिड़हरघाट होते हुए टांडा से सटे कलवारी के घाघरा घाट पर पहुंचेगा। यह यात्रा करीब ढाई सौ किमी की होगी। जहाज का रूट घाघरा नदी से जुड़े सैकड़ों गांवों को छूकर निकलेगा। हालांकि, यह केवल तय पोर्ट पर ही रुकेगा, मगर व्यावसायिक दृष्टिकोण से बेहद लाभकारी साबित होगा। जल परिवहन की सबसे खास बात यह होगी कि ग्रामीण क्षेत्र के उत्पाद उन शहरों तक पहुंच जाएंगे, जहां उसकी पैदावार नहीं होती। तकनीकी टीम यह भी बताती है कि प्रथम चरण में यह कार्य होने के बाद द्वितीय चरण में इसका रूट और विस्तारित किया जाएगा। पांडेय कहते हैं कि चूंकि अभी घाघरा में पानी नहीं है। ऐसे में अभी कुछ दिन बाद ही इसका परीक्षण होगा। जब पानी बढ़ेगा तभी पानी में जहाज उतरेगा।
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