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Basti News: गले में खराश के साथ बढ़ गए सांस के रोगी
Wed, 03 Apr 2024 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 03 Apr 2024 01:27 AM IST
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मौसम का असर
जिला अस्पताल में आ रहे 100 में 10 मरीजों में सांस की बीमाारी
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में बढ़ी मरीजों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल में गले में खराश वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बदले मौसम की चपेट में आए मरीज बुखार के साथ सांस की तकलीफ से परेशान हैं। गंभीर रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। आईसीयू फुल हो चुका है।
पिछले कई दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिला है। रात में ठंडा महसूस होता है। जबकि दिन में तेज धूप के साथ गर्मी से लोग परेशान हैं। इससे वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और गले में इंफेक्शन आदि की समस्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अंकित चतुर्वेदी के कक्ष में मंगलवार को मरीजों की भीड़ थी।
उन्होंने बताया कि बदले मौसम के कारण वायरल फीवर, सांस रोगी और उल्टी-दस्त से परेशान मरीज ज्यादा आ रहे हैं। गंभीर मरीज को भर्ती किया जा रहा है। शेष को दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। मेडिकल वार्ड में भी सभी बेड फुल दिखे। अधिकतर मरीज पेट में दर्द लिए परेशान थे। बच्चों में भी बुखार की समस्या बढ़ गई है।
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि मौसम में उतार-चढ़ाव वायरल संक्रमण के अनुकूल मौसम होता है। इससे बचने की जरूरत होती है। इस मौसम में एसी व कूलर का प्रयोग खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा ठंडा पानी या कोई भी ठंडा पेय पदार्थ का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यदि गले में खराश है तो गलाला करें। दवा भी ले सकते हैं।
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जिला अस्पताल में आ रहे 100 में 10 मरीजों में सांस की बीमाारी
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में बढ़ी मरीजों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल में गले में खराश वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बदले मौसम की चपेट में आए मरीज बुखार के साथ सांस की तकलीफ से परेशान हैं। गंभीर रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। आईसीयू फुल हो चुका है।
पिछले कई दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिला है। रात में ठंडा महसूस होता है। जबकि दिन में तेज धूप के साथ गर्मी से लोग परेशान हैं। इससे वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और गले में इंफेक्शन आदि की समस्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अंकित चतुर्वेदी के कक्ष में मंगलवार को मरीजों की भीड़ थी।
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उन्होंने बताया कि बदले मौसम के कारण वायरल फीवर, सांस रोगी और उल्टी-दस्त से परेशान मरीज ज्यादा आ रहे हैं। गंभीर मरीज को भर्ती किया जा रहा है। शेष को दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। मेडिकल वार्ड में भी सभी बेड फुल दिखे। अधिकतर मरीज पेट में दर्द लिए परेशान थे। बच्चों में भी बुखार की समस्या बढ़ गई है।
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि मौसम में उतार-चढ़ाव वायरल संक्रमण के अनुकूल मौसम होता है। इससे बचने की जरूरत होती है। इस मौसम में एसी व कूलर का प्रयोग खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा ठंडा पानी या कोई भी ठंडा पेय पदार्थ का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यदि गले में खराश है तो गलाला करें। दवा भी ले सकते हैं।