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Basti News: एंटी करप्शन टीम को घेरने वाले लेखपाल और कर्मचारियों पर रिपोर्ट
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बस्ती। बस्ती सदर तहसील में बुधवार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए कानूनगो की गिरफ्तारी के दौरान लेखपाल और कर्मचारियों का विरोध करना भारी पड़ गया। इस मामले में पुलिस ने एक लेखपाल समेत 30 अज्ञात कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र सिंह यादव ने कोतवाली में तहरीर देकर कानूनगो के बचाव में उतरे एक लेखपाल को नामजद करते हुए 25- 30 अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट की प्राथमिकी दर्ज कराई है। एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक ने आरोप लगाया हैं कि कानूनगो अशर्फीलाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार करने के दौरान तहसील परिसर में लेखपाल राजेश व उनके अन्य 25-30 कर्मचारियों ने टीम के सभी सदस्यों को घेर लिया। इसमें लेखपाल, कानूनगो, तहसील कर्मचारी शामिल रहे। यह लोग टीम के सदस्यों को गाली देते हुए आमादा मारपीट पर अमादा हो गए। जान से मारने की धमकी भी दी गई। टीम के पास मौजूद सरकारी मोबाइल व लैपटॉप छीनने एवं गिरफ्तार कानूनगो अशर्फीलाल को छुड़ाने और सरकारी गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया। इससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आसपास दुकानें बंद कर लोग भागने लगे। गिरफ्तारी के दौरान टीम के सभी सदस्यों को जानमाल का खतरा हो गया था।
कोतवाली पुलिस ने लेखपाल राजेश और 25-30 कर्मचारियों और कानूनगो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के दूसरे दिन भी तहसील में हड़कंप की स्थिति रही।
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एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र सिंह यादव ने कोतवाली में तहरीर देकर कानूनगो के बचाव में उतरे एक लेखपाल को नामजद करते हुए 25- 30 अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट की प्राथमिकी दर्ज कराई है। एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक ने आरोप लगाया हैं कि कानूनगो अशर्फीलाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार करने के दौरान तहसील परिसर में लेखपाल राजेश व उनके अन्य 25-30 कर्मचारियों ने टीम के सभी सदस्यों को घेर लिया। इसमें लेखपाल, कानूनगो, तहसील कर्मचारी शामिल रहे। यह लोग टीम के सदस्यों को गाली देते हुए आमादा मारपीट पर अमादा हो गए। जान से मारने की धमकी भी दी गई। टीम के पास मौजूद सरकारी मोबाइल व लैपटॉप छीनने एवं गिरफ्तार कानूनगो अशर्फीलाल को छुड़ाने और सरकारी गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया। इससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आसपास दुकानें बंद कर लोग भागने लगे। गिरफ्तारी के दौरान टीम के सभी सदस्यों को जानमाल का खतरा हो गया था।
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कोतवाली पुलिस ने लेखपाल राजेश और 25-30 कर्मचारियों और कानूनगो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के दूसरे दिन भी तहसील में हड़कंप की स्थिति रही।