{"_id":"66bd197e3274170f560e538c","slug":"report-came-after-19-days-medicines-met-the-standards-basti-news-c-207-1-bst1001-122147-2024-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: 19 दिन बाद आई रिपोर्ट... मानक पर खरी उतरीं दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: 19 दिन बाद आई रिपोर्ट... मानक पर खरी उतरीं दवाएं
Thu, 15 Aug 2024 02:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 15 Aug 2024 02:24 AM IST
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ गई थी 55 प्रसूताओं की हालत
एंटीबायोटिक समेत तीन इंजेक्शन की हुई थी सैंपुलिंग, वाराणसी लैब से गुणवत्ता की कराई गई जांच
संवाद न्यूज एजेेंसी
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में 27 जुलाई को लगाए गए इंजेक्शन की जांच रिपोर्ट में तीनों दवाएं स्टैंडर्ड मानक की पाई गईं। 19 दिन बाद बुधवार को डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला वाराणसी से संबंधित दवाओं के गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट आ गई है। इसमें सैंपुलिंग की गई सरकारी आपूर्ति की तीनों दवाओं का स्टैंडर्ड मानक के अनुरूप पाया गया है।
27 जुलाई की रात महिला अस्पताल में दवा का डोज दिए जाने के बाद 55 प्रसूताओं की हालत बिगड़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अलावा डीएम भी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान प्रसूताओं को सरकारी आपूर्ति की दी गई दवाओं की सैंपुलिंग कराई गई थी। इसमें सेफ्रट्रिएक्जोन एंटीबायोटिक इंजेक्शन, सोडियम क्लोराइट, जेंटामाइसिन इंजेक्शन शामिल रहा। सैंपुलिंग के बाद अस्पताल में उपलब्ध संबंधित बैच की अन्य दवाओं का उपयोग भी प्रतिबंधित कर दिया गया था।
इन दवाओं की गुणवत्ता जॉच के लिए औषधि निरीक्षक अरविंद कुमार खुद सैंपल लेकर डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला वाराणसी पहुंचे थे। तभी से रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा था। घटना के समय प्राथमिक जांच में अन्य कोई कमियां उजागर नहीं हुईं। इसलिए दवा की गुणवत्ता पर संदेह जताया गया।
विज्ञापन
19 दिन बाद प्रयोगशाला से भेजी गई रिपोर्ट में तीनों का दवाओं का स्टैंडर्ड मानक के अनुरूप पाया गया है। ऐसे में दवा की गुणवत्ता पर जताया संदेह खत्म हो गया। औषधि निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि तीन दवाओं का सैंपुल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया था। तीनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। यह सभी दवाएं मानक के अनुरूप पाई गई है।
विज्ञापन
एंटीबायोटिक समेत तीन इंजेक्शन की हुई थी सैंपुलिंग, वाराणसी लैब से गुणवत्ता की कराई गई जांच
संवाद न्यूज एजेेंसी
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में 27 जुलाई को लगाए गए इंजेक्शन की जांच रिपोर्ट में तीनों दवाएं स्टैंडर्ड मानक की पाई गईं। 19 दिन बाद बुधवार को डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला वाराणसी से संबंधित दवाओं के गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट आ गई है। इसमें सैंपुलिंग की गई सरकारी आपूर्ति की तीनों दवाओं का स्टैंडर्ड मानक के अनुरूप पाया गया है।
27 जुलाई की रात महिला अस्पताल में दवा का डोज दिए जाने के बाद 55 प्रसूताओं की हालत बिगड़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अलावा डीएम भी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान प्रसूताओं को सरकारी आपूर्ति की दी गई दवाओं की सैंपुलिंग कराई गई थी। इसमें सेफ्रट्रिएक्जोन एंटीबायोटिक इंजेक्शन, सोडियम क्लोराइट, जेंटामाइसिन इंजेक्शन शामिल रहा। सैंपुलिंग के बाद अस्पताल में उपलब्ध संबंधित बैच की अन्य दवाओं का उपयोग भी प्रतिबंधित कर दिया गया था।
विज्ञापन
इन दवाओं की गुणवत्ता जॉच के लिए औषधि निरीक्षक अरविंद कुमार खुद सैंपल लेकर डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला वाराणसी पहुंचे थे। तभी से रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा था। घटना के समय प्राथमिक जांच में अन्य कोई कमियां उजागर नहीं हुईं। इसलिए दवा की गुणवत्ता पर संदेह जताया गया।
विज्ञापन
19 दिन बाद प्रयोगशाला से भेजी गई रिपोर्ट में तीनों का दवाओं का स्टैंडर्ड मानक के अनुरूप पाया गया है। ऐसे में दवा की गुणवत्ता पर जताया संदेह खत्म हो गया। औषधि निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि तीन दवाओं का सैंपुल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया था। तीनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। यह सभी दवाएं मानक के अनुरूप पाई गई है।