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Basti News: लाइन लॉस कम करने के लिए हो रही कटौती
Wed, 24 Jul 2024 03:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 24 Jul 2024 03:20 AM IST
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कार्रवाई के डर से अभियंताओं द्वारा की जा रही बेतहाशा कटौती
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अघोषित बिजली कटौती से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के उपभोक्ता परेशान हैं। जिस कटौती को लोकल फाल्ट बताकर उपभोक्ताओं को बरगलाया जा रहा है। दरअसल वह कुछ और ही है। विभागीय जानकारी बताते हैं कि अभियंता लाइन लॉस कम करने के चक्कर में बेतहाशा कटौती कर रहे हैं।
ट्रांसमिशन प्रबंधन ग्रिड में भरपूर बिजली का दावा कर रहा है। इसके बावजूद बेतहाशा कटौती उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। शिकायत करने पर उपभोक्ताओं को लोकल फाल्ट बताया जाता है। दरअसल, शहर के विद्युत उपकेंद्र 45 प्रतिशत तक लाइन लॉस से जूझ रहे हैं। जबकि ग्रामीण इलाकों में लाइन लॉस 55-60 प्रतिशत तक है। उपभोक्ताओं को दी गई बिजली के सापेक्ष राजस्व प्राप्त न हाेने पर विभाग इसे लाइन लॉस की श्रेणी में रखता है। पावर कारपोरेशन का सख्त निर्देश है कि लाइन लॉस को कम करके 15 प्रतिशत तक लाया जाए। इसकी नियमित समीक्षा भी हो रही है। इसके बावजूद यह कम नहीं हो रहा है। ऐसे में अभियंताओं को इसका तोड़ निकालते हुए बिजली कटौती शुरु कर दिया है। अब जब बिजली ही नहीं मिलेगी तो खपत रुक जाएगी और लाइन लॉस का प्रतिशत कुछ हद तक कम हो जाएगा। इससे अभियंता कार्रवाई से बच जाएंगे और उच्चाधिकारियों को मनचाहा परिणाम मिल जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अघोषित बिजली कटौती से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के उपभोक्ता परेशान हैं। जिस कटौती को लोकल फाल्ट बताकर उपभोक्ताओं को बरगलाया जा रहा है। दरअसल वह कुछ और ही है। विभागीय जानकारी बताते हैं कि अभियंता लाइन लॉस कम करने के चक्कर में बेतहाशा कटौती कर रहे हैं।
ट्रांसमिशन प्रबंधन ग्रिड में भरपूर बिजली का दावा कर रहा है। इसके बावजूद बेतहाशा कटौती उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। शिकायत करने पर उपभोक्ताओं को लोकल फाल्ट बताया जाता है। दरअसल, शहर के विद्युत उपकेंद्र 45 प्रतिशत तक लाइन लॉस से जूझ रहे हैं। जबकि ग्रामीण इलाकों में लाइन लॉस 55-60 प्रतिशत तक है। उपभोक्ताओं को दी गई बिजली के सापेक्ष राजस्व प्राप्त न हाेने पर विभाग इसे लाइन लॉस की श्रेणी में रखता है। पावर कारपोरेशन का सख्त निर्देश है कि लाइन लॉस को कम करके 15 प्रतिशत तक लाया जाए। इसकी नियमित समीक्षा भी हो रही है। इसके बावजूद यह कम नहीं हो रहा है। ऐसे में अभियंताओं को इसका तोड़ निकालते हुए बिजली कटौती शुरु कर दिया है। अब जब बिजली ही नहीं मिलेगी तो खपत रुक जाएगी और लाइन लॉस का प्रतिशत कुछ हद तक कम हो जाएगा। इससे अभियंता कार्रवाई से बच जाएंगे और उच्चाधिकारियों को मनचाहा परिणाम मिल जाएगा।
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