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निजी स्कूलों की मान्यता अब हुई आसान
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निजी स्कूलों की मान्यता अब हुई आसान
शासन ने प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूल के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
25 वर्ष के लीज पर भवन में भी विद्यालय चलाने को मिल सकेगी मान्यता
नीरज श्रीवास्तव/ संजय उपाध्याय
बस्ती। कड़े नियमों से संचालित होने वाले निजी स्कूलों पर शासन मेहरबान हो गया है। स्कूल संचालकों के लिए राहत भरी खबर ये है कि इसके नियमों को सरल कर दिया गया है। अब तक किराए के भवन वाले निजी स्कूलों को मान्यता नहीं मिल सकती थी, मगर शासन ने इसमें संशोधन करते हुए 25 साल की लीज वाले जमीन अथवा भवन होने पर भी स्कूलों को मान्यता पर विचार हो सकेगा।
पूर्व में निजी प्राथमिक स्कूलों की मान्यता के लिए सुरक्षित कोष में एक लाख व उच्च प्राथमिक के लिए डेढ़ लाख की एफडी बंधक बनाया जाता था। नए संशोधन के अनुसार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए 25 हजार रुपये की एफडी बंधक होगी। प्राथमिक के लिए आवेदन शुल्क पांच हजार, उच्च प्राथमिक के लिए दस हजार जमा करना होगा।
सूबे के सभी बीएसए को शासन के विशेष सचिव आरबी सिंह ने शासनादेश जारी कर इस आशय के निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि 11 जनवरी-2019 को जारी शासनादेश में उक्त परिवर्तन कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी। शासनादेश में कहा गया है कि जिस जमीन व भवन पर स्कूलों की मान्यता होगी, उस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। इसके अलावा जिस भवन पर मान्यता ली जा रही है, वह भवन पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। शासनादेश के मुताबिक मान्यता के लिए स्कूल भवन का फोटो भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्राथमिक व जूनियर के अशासकीय अथवा निजी स्कूलों के सुरक्षित कोष की रकम अधिक होने के कारण व निजी भवन न होने से तमाम स्कूल मान्यता नहीं पा सके थे। बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि शासनादेश 29 जून का है। अब शासनादेश के अनुसार ही मान्यता का प्राविधान किया जाएगा।
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शासन ने प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूल के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
25 वर्ष के लीज पर भवन में भी विद्यालय चलाने को मिल सकेगी मान्यता
नीरज श्रीवास्तव/ संजय उपाध्याय
बस्ती। कड़े नियमों से संचालित होने वाले निजी स्कूलों पर शासन मेहरबान हो गया है। स्कूल संचालकों के लिए राहत भरी खबर ये है कि इसके नियमों को सरल कर दिया गया है। अब तक किराए के भवन वाले निजी स्कूलों को मान्यता नहीं मिल सकती थी, मगर शासन ने इसमें संशोधन करते हुए 25 साल की लीज वाले जमीन अथवा भवन होने पर भी स्कूलों को मान्यता पर विचार हो सकेगा।
पूर्व में निजी प्राथमिक स्कूलों की मान्यता के लिए सुरक्षित कोष में एक लाख व उच्च प्राथमिक के लिए डेढ़ लाख की एफडी बंधक बनाया जाता था। नए संशोधन के अनुसार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए 25 हजार रुपये की एफडी बंधक होगी। प्राथमिक के लिए आवेदन शुल्क पांच हजार, उच्च प्राथमिक के लिए दस हजार जमा करना होगा।
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सूबे के सभी बीएसए को शासन के विशेष सचिव आरबी सिंह ने शासनादेश जारी कर इस आशय के निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि 11 जनवरी-2019 को जारी शासनादेश में उक्त परिवर्तन कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी। शासनादेश में कहा गया है कि जिस जमीन व भवन पर स्कूलों की मान्यता होगी, उस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। इसके अलावा जिस भवन पर मान्यता ली जा रही है, वह भवन पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। शासनादेश के मुताबिक मान्यता के लिए स्कूल भवन का फोटो भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्राथमिक व जूनियर के अशासकीय अथवा निजी स्कूलों के सुरक्षित कोष की रकम अधिक होने के कारण व निजी भवन न होने से तमाम स्कूल मान्यता नहीं पा सके थे। बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि शासनादेश 29 जून का है। अब शासनादेश के अनुसार ही मान्यता का प्राविधान किया जाएगा।
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