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Basti News: राजपूत करणी सेना ने महाराणा प्रताप को किया नमन
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महाराणा प्रताप की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते करणी सेना के लोग
बस्ती। राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों ने महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर कंपनीबाग चौराहे से पदयात्रा कर महाराणा प्रताप चौके पहुंचे। यहां उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी वीरता व अदम्य साहस को याद किया। करणी सेना के पूर्वांचल अध्यक्ष यशवंत सिंह रोलू ने कहा मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश के 13वें राजपूत शासक थे, जो अपनी वीरता, स्वाभिमान और अटूट देशभक्ति के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय जीवनभर के लिए संघर्ष करना चुना। हल्दीघाटी का युद्ध (1576) उनके शौर्य का प्रतीक है। जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने कहा महाराणा प्रताप का स्वाभिमान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने घास की रोटी खाया लेकिन उनका उनके स्वभिमान को कोई झुका नही पाया। पूर्वांचल उपाध्यक्ष नागेश सिंह एवं मंडल अध्यक्ष मनीष सिंह मोनू ने कहा महाराणा प्रताप का जीवन साहस और वीरता से भरा है।
अभिजीत सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का नाम आते ही मन उत्साह और वीरता से भर जाता है। उन्हें सदियों तक याद किया जायेगा। रवि सिंह, नागेंद्र पाल, शिवेंद्र विक्रम सिंह, मोनू सिंह, भावेश पांडेय, अमितेश प्रताप सिंह, हरीश सिंह, सिद्धार्थ सिंह, अभिषेक सिंह, अनुरोध सिंह, अमित विक्रम सिंह, प्रमोद सिंह मौजूद रहे।
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उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बजाय जीवनभर के लिए संघर्ष करना चुना। हल्दीघाटी का युद्ध (1576) उनके शौर्य का प्रतीक है। जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने कहा महाराणा प्रताप का स्वाभिमान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने घास की रोटी खाया लेकिन उनका उनके स्वभिमान को कोई झुका नही पाया। पूर्वांचल उपाध्यक्ष नागेश सिंह एवं मंडल अध्यक्ष मनीष सिंह मोनू ने कहा महाराणा प्रताप का जीवन साहस और वीरता से भरा है।
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अभिजीत सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का नाम आते ही मन उत्साह और वीरता से भर जाता है। उन्हें सदियों तक याद किया जायेगा। रवि सिंह, नागेंद्र पाल, शिवेंद्र विक्रम सिंह, मोनू सिंह, भावेश पांडेय, अमितेश प्रताप सिंह, हरीश सिंह, सिद्धार्थ सिंह, अभिषेक सिंह, अनुरोध सिंह, अमित विक्रम सिंह, प्रमोद सिंह मौजूद रहे।
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