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बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, लुढका पारा
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शाम को हुई बारिश से बदला मौसम, बस्ती में भीगे लोग।
- फोटो : BASTI
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गलन से राहत, फिर लुढ़केगा पारा
बस्ती। पूर्वानुमान के मुताबिक बृहस्पतिवार रात से बारिश शुरू हो गई। हालांकि पुरवाई चलने से तापमान में बढ़ोतरी हुई और गलन से राहत महसूस की गई। शुक्रवार को दिन का तापमान 16 और रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। जिले के किसी भी क्षेत्र से ओले गिरने की सूचना नहीं मिली। मगर आसमान में छाए बादलों को देखकर किसान अब भी डरे हैं। यदि ओले पड़े तो दलहनी, तिलहनी के अलावा सब्जी की फसलें चौपट हो जाएंगी। गेहूं एवं गन्ने की फसल के लिए बारिश फायदेमंद साबित हो रही है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आगामी 36 घंटे के भीतर न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। उत्तराखंड में लगातार हो रही बर्फबारी का असर 24 घंटे के भीतर मैदानी क्षेत्रों में पहुंच जाएगा। शनिवार को भी बूंदाबांदी के आसार हैं। दिन के तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी और न्यूनतम में दो डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। आचार्य नरेद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के पूर्व मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई है। दो दिन के भीतर यह बढ़ने वाली हैं। शनिवार-रविवार को तापमान फिर नीचे जा सकता है।
पानी भरा तो फसलों को नुकसान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि यह बारिश फसल के लिए अमृत है। गेहूं समेत दलहनी फसलों के लिए पानी की विशेष जरूरत है। ठीक ढंग से बारिश हो गई तो इस साल पैदावार भी ठीक होगी। विशेषज्ञों की मानें तो जिन फसलों की सिंचाई नहीं हुई है। बारिश होने से उनको काफी फायदा होगा। जिन फसलों की सिंचाई एक-दो दिन के अंदर हुई है, उस खेत में जलभराव होने पर विपरीत असर पड़ सकता है।
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बस्ती। पूर्वानुमान के मुताबिक बृहस्पतिवार रात से बारिश शुरू हो गई। हालांकि पुरवाई चलने से तापमान में बढ़ोतरी हुई और गलन से राहत महसूस की गई। शुक्रवार को दिन का तापमान 16 और रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। जिले के किसी भी क्षेत्र से ओले गिरने की सूचना नहीं मिली। मगर आसमान में छाए बादलों को देखकर किसान अब भी डरे हैं। यदि ओले पड़े तो दलहनी, तिलहनी के अलावा सब्जी की फसलें चौपट हो जाएंगी। गेहूं एवं गन्ने की फसल के लिए बारिश फायदेमंद साबित हो रही है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आगामी 36 घंटे के भीतर न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। उत्तराखंड में लगातार हो रही बर्फबारी का असर 24 घंटे के भीतर मैदानी क्षेत्रों में पहुंच जाएगा। शनिवार को भी बूंदाबांदी के आसार हैं। दिन के तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी और न्यूनतम में दो डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। आचार्य नरेद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के पूर्व मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई है। दो दिन के भीतर यह बढ़ने वाली हैं। शनिवार-रविवार को तापमान फिर नीचे जा सकता है।
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पानी भरा तो फसलों को नुकसान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि यह बारिश फसल के लिए अमृत है। गेहूं समेत दलहनी फसलों के लिए पानी की विशेष जरूरत है। ठीक ढंग से बारिश हो गई तो इस साल पैदावार भी ठीक होगी। विशेषज्ञों की मानें तो जिन फसलों की सिंचाई नहीं हुई है। बारिश होने से उनको काफी फायदा होगा। जिन फसलों की सिंचाई एक-दो दिन के अंदर हुई है, उस खेत में जलभराव होने पर विपरीत असर पड़ सकता है।
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