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Basti News: वेटिंग, निरस्तीकरण व तत्काल टिकटों के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा रेलवे
Thu, 14 Dec 2023 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 14 Dec 2023 11:50 PM IST
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बस्ती। रेलवे बदलाव के दौर से गुजर रही है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि रेलवे का यात्री सुविधाओं पर कम और कमाई पर ज्यादा ध्यान है। बे-टिकट यात्रियों से जुर्माना वसूला जाना सामान्य प्रक्रिया है, पर वेटिंग, निरस्तीकरण व तत्काल टिकटों के नाम पर भी रेलवे मोटी रकम वसूल रहा है।
ट्रेनों में जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोच घटाकर एसी श्रेणी के कोच बढ़ाए जा रहे हैं। नतीजतन यात्रा महंगी हो गई है। एसी व जनरल कोच में अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। वेटिंग टिकट लेकर सफर करने वाले यात्रियों को दुर्दशा झेलनी पड़ती है, वहीं रेलवे की तिजोरी भर रही है। रेलवे ने ज्यादातर ट्रेनों में जनरल कोचों की संख्या चार और छह से घटाकर दो कर दी है। कुछ ट्रेनों में तो एक ही जनरल कोच लगाया जा रहा है।
ऐसे में जनरल श्रेणी के यात्रियों को स्लीपर कोच में सफर करना मजबूरी बन गई है। एसी श्रेणी के कोचों की भी यही स्थिति है। इस कारण कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ट्रेन के स्लीपर कोच में सीटों की संख्या 72 से 80 तक होती है। एसी कोच में सीटों की संख्या 42 से 48 के बीच होती है। जनरल कोच में 250-300 यात्री बैठ सकते हैं। इन दिनों ट्रेनों के जनरल कोचों में 400-500 और एक स्लीपर कोच में 250-300 यात्री सफर कर रहे हैं। जनरल श्रेणी के कोच घटाए जाने से यह समस्या बढ़ी है।
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इस तरह बढ़ रहा यात्रियों की जेब पर बोझ
ट्रेन में टिकट बुक कराने पर आईआरसीटीसी प्रति नॉन एसी टिकट पर 20 और एसी श्रेणी के टिकट की बुकिंग पर 40 रुपये सर्विस चार्ज लेता है। इसके अलावा 18 फीसदी जीएसटी भी वसूली जाती है। अगर टिकट कंफर्म नहीं होता है तो तीन से चार दिन में रिफंड कर दिया जाता है, लेकिन इसमें जीएसटी और सर्विस चार्ज की कटौती की जाती है। इसके अलावा कुल किराए की रकम में 10 फीसदी कटौती की जाती है। अगर टिकट कंफर्म है और कोई यात्री 48 घंटे पहले अपना टिकट कैंसिल कराता है तो एसी फर्स्ट क्लास और एग्जीक्यूटिव क्लास के टिकट पर रेलवे 240 रुपये की कटौती करता है। इसी तरह अगर आपका टिकट सेकंड एसी का है तो इसके लिए रेलवे 200 रुपये वसूलता है। तत्काल टिकट लेने पर रेलवे कुल किराये का दोगुना वसूल करता है।
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ट्रेनों में जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोच घटाकर एसी श्रेणी के कोच बढ़ाए जा रहे हैं। नतीजतन यात्रा महंगी हो गई है। एसी व जनरल कोच में अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। वेटिंग टिकट लेकर सफर करने वाले यात्रियों को दुर्दशा झेलनी पड़ती है, वहीं रेलवे की तिजोरी भर रही है। रेलवे ने ज्यादातर ट्रेनों में जनरल कोचों की संख्या चार और छह से घटाकर दो कर दी है। कुछ ट्रेनों में तो एक ही जनरल कोच लगाया जा रहा है।
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ऐसे में जनरल श्रेणी के यात्रियों को स्लीपर कोच में सफर करना मजबूरी बन गई है। एसी श्रेणी के कोचों की भी यही स्थिति है। इस कारण कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ट्रेन के स्लीपर कोच में सीटों की संख्या 72 से 80 तक होती है। एसी कोच में सीटों की संख्या 42 से 48 के बीच होती है। जनरल कोच में 250-300 यात्री बैठ सकते हैं। इन दिनों ट्रेनों के जनरल कोचों में 400-500 और एक स्लीपर कोच में 250-300 यात्री सफर कर रहे हैं। जनरल श्रेणी के कोच घटाए जाने से यह समस्या बढ़ी है।
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इस तरह बढ़ रहा यात्रियों की जेब पर बोझ
ट्रेन में टिकट बुक कराने पर आईआरसीटीसी प्रति नॉन एसी टिकट पर 20 और एसी श्रेणी के टिकट की बुकिंग पर 40 रुपये सर्विस चार्ज लेता है। इसके अलावा 18 फीसदी जीएसटी भी वसूली जाती है। अगर टिकट कंफर्म नहीं होता है तो तीन से चार दिन में रिफंड कर दिया जाता है, लेकिन इसमें जीएसटी और सर्विस चार्ज की कटौती की जाती है। इसके अलावा कुल किराए की रकम में 10 फीसदी कटौती की जाती है। अगर टिकट कंफर्म है और कोई यात्री 48 घंटे पहले अपना टिकट कैंसिल कराता है तो एसी फर्स्ट क्लास और एग्जीक्यूटिव क्लास के टिकट पर रेलवे 240 रुपये की कटौती करता है। इसी तरह अगर आपका टिकट सेकंड एसी का है तो इसके लिए रेलवे 200 रुपये वसूलता है। तत्काल टिकट लेने पर रेलवे कुल किराये का दोगुना वसूल करता है।