फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Quacks are selling ointments, bandages and needles

Basti News: झोलाछाप लगा रहे मरहम-पट्टी और सुई, अवैध क्लीनिकों पर सख्ती बेअसर

Mon, 07 Sep 2026 01:16 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:16 AM IST
विज्ञापन
Quacks are selling ointments, bandages and needles
बस्ती। जिले में बिना पंजीकरण संचालित क्लीनिक और कथित झोलाछापों पर कार्रवाई के निर्देश के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। गांव, कस्बों और बाजारों में ऐसे क्लीनिक संचालित होने की शिकायतें हैं जहां मरीजों को मरहम-पट्टी से लेकर इंजेक्शन और दवाएं तक दी जा रही हैं। रुधौली थाना क्षेत्र में कथित उपचार के बाद दो लोगों की मौत के मामलों ने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 295 स्वास्थ्य इकाइयां पंजीकृत थीं। इनमें से 165 ने नवीनीकरण करा लिया है। 50 से अधिक क्लीनिक पंजीकृत हैं, जबकि करीब 80 स्वास्थ्य इकाइयों का अभी नवीनीकरण या पंजीकरण नहीं हुआ है। विभाग का कहना है कि इनमें कुछ आवेदन पोर्टल से हटाए भी जा चुके हैं। स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण क्लीनिक संचालित होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। आरोप है कि कुछ जगह बिना चिकित्सकीय डिग्री वाले लोग मरीजों को इंजेक्शन, ग्लूकोज और एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं। ऐसे उपचार से मरीजों की जान जोखिम में पड़ने की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन

-----------
छापे की भनक लगते ही बंद कर देते हैं क्लीनिक
शहर से लेकर कस्बों और सीएचसी-पीएचसी के आसपास संचालित अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की सूचना मिलते ही संचालक शटर गिराकर भाग जाते हैं। विभागीय टीम कई बार क्लीनिक बंद मिलने पर ताला लगा देती है, लेकिन संचालक की पहचान और पता नहीं मिलने से आगे की कार्रवाई प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ क्लीनिक बाद में नाम बदलकर दोबारा संचालित होने लगते हैं। करीब चार माह पहले देईसाड़, सल्टौआ और बनकटी में कार्रवाई के दौरान भी संचालकों के मौके से भागने की बात सामने आई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस-एक
इंजेक्शन लगाने के बाद किशोर की बिगड़ी हालत, मौत
निवारबार निवासी पूर्णमासी का 14 वर्षीय बेटा प्रशांत उर्फ रवि के दाहिने पैर में छोटे-छोटे दाने निकलने के साथ खुजली हो रही थी। परिजनों के अनुसार चार सितंबर को वह नसीबगंज चौराहे स्थित एक क्लीनिक पर इलाज कराने गया था। आरोप है कि वहां इंजेक्शन लगाने के करीब 10 मिनट बाद उसकी हालत बिगड़ गई। उसे उल्टी और चक्कर आने लगे और मुंह से झाग निकलने लगा। परिजन उसे करीब चार किलोमीटर दूर सीएचसी रुधौली ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है।
-----
केस-दो
इंजेक्शन के बाद महिला की हालत बिगड़ी, अस्पताल में मौत
सल्टौआ क्षेत्र के पचमोहनी गांव निवासी 25 वर्षीय ललिता पत्नी संतोष शर्मा कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। परिजनों के अनुसार 24 अगस्त को वह पचमोहनी बाजार स्थित एक क्लीनिक पर इलाज कराने पहुंचीं। वहां इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उन्हें उल्टी होने लगी। क्लीनिक से बाहर निकलते ही वह बेहोश होकर गिर गईं। परिजन उन्हें पीएचसी सल्टौआ ले गए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर किया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

---
शिकायत मिलने पर कराई जाती है जांच
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि सभी सीएचसी प्रभारियों को अपने क्षेत्र में झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सीएचसी स्तर पर डिप्टी सीएमओ और एसीएमओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाती है। बिना पंजीकरण संचालित अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed