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Basti News: डेढ़ साल से उधार के भवन में चल रहा पीडब्ल्यूडी का भवन खंड कार्यालय
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- डाक बंगले के कमरे में दफ्तर खोल कर दर्जन भर अभियंता खींच रहे सरकारी भवनों के निर्माण का खाका
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरकारी भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी निभाने वाले पीडब्ल्यूडी भवन खंड का कार्यालय खुद ही किराए के भवन में संचालित हो रहा है। वह भी तीन कमरों में तकरीबन दर्जन भर इंजीनियर मंडल के विकास का खाका खींचते हैं, लेकिन अभी तक उन्हें स्थायी कार्यालय नहीं मिल सका।
मंडल में पीडब्ल्यूडी के चार खंड हैं। पहले सिर्फ प्रांतीय खंड, निर्माण खंड एक व एनएच खंड का कार्यालय था। डेढ़ साल पहले अप्रैल 2022 में विभाग ने संतकबीरनगर से भवन खंड को भी मंडल मुख्यालय स्थानांतरित कर दिया। विभागीय निर्देशों का पालन करते हुए एक्सईएन सत्यपाल ने यहां डाक बंगले के कमरे में कार्यालय खोल दिया और कामकाज निपटाने लगे। डेढ़ साल का समय बीत गया, लेकिन अभी भी इस कार्यालय को अपना भवन नहीं नसीब हो सका, जबकि यहां कार्यालय में तकरीबन दर्जन भर इंजीनियर व कर्मचारी तैनात हैं। यहां छोटे-छोटे तीन कमरों में इनका पूरा सेटअप स्थापित किया गया है, और यहीं से ही सरकारी भवनों के निर्माण की पृष्ठभूमि तैयार की जाती है।
पहले यहां सरकारी हुक्मरान व राजनेता आकर ठहरते थे, तब यहां गुलजार हुआ करता था। अब सभी नये सर्किट हाउस में पहुंचने लगे तो यहां उदासी की चादर फैली रहती है। यहां मूलभूत सुविधाएं भी नदारद हैं।
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सहायक अभियंता अखिलेश कुमार व अवर अभियंता आरपी चौधरी को कार्यालय निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल्द ही खंड का अपना कार्यालय स्थापित हो जाएगा।
-सत्यपाल, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी भवन खंड
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरकारी भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी निभाने वाले पीडब्ल्यूडी भवन खंड का कार्यालय खुद ही किराए के भवन में संचालित हो रहा है। वह भी तीन कमरों में तकरीबन दर्जन भर इंजीनियर मंडल के विकास का खाका खींचते हैं, लेकिन अभी तक उन्हें स्थायी कार्यालय नहीं मिल सका।
मंडल में पीडब्ल्यूडी के चार खंड हैं। पहले सिर्फ प्रांतीय खंड, निर्माण खंड एक व एनएच खंड का कार्यालय था। डेढ़ साल पहले अप्रैल 2022 में विभाग ने संतकबीरनगर से भवन खंड को भी मंडल मुख्यालय स्थानांतरित कर दिया। विभागीय निर्देशों का पालन करते हुए एक्सईएन सत्यपाल ने यहां डाक बंगले के कमरे में कार्यालय खोल दिया और कामकाज निपटाने लगे। डेढ़ साल का समय बीत गया, लेकिन अभी भी इस कार्यालय को अपना भवन नहीं नसीब हो सका, जबकि यहां कार्यालय में तकरीबन दर्जन भर इंजीनियर व कर्मचारी तैनात हैं। यहां छोटे-छोटे तीन कमरों में इनका पूरा सेटअप स्थापित किया गया है, और यहीं से ही सरकारी भवनों के निर्माण की पृष्ठभूमि तैयार की जाती है।
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पहले यहां सरकारी हुक्मरान व राजनेता आकर ठहरते थे, तब यहां गुलजार हुआ करता था। अब सभी नये सर्किट हाउस में पहुंचने लगे तो यहां उदासी की चादर फैली रहती है। यहां मूलभूत सुविधाएं भी नदारद हैं।
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सहायक अभियंता अखिलेश कुमार व अवर अभियंता आरपी चौधरी को कार्यालय निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल्द ही खंड का अपना कार्यालय स्थापित हो जाएगा।
-सत्यपाल, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी भवन खंड