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जनप्रतिनिधि सीएचसी, पीएचसी को लें गोद : सीएम
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जनप्रतिनिधि सीएचसी, पीएचसी को लें गोद : सीएम
बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधि एक-एक सीएचसी, पीएचसी गोद लें और वहां नियमित रूप से भ्रमण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण, सैनिटाइजेशन तथा फागिंग की सूचना जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराएं, जिससे वे इसका सत्यापन कर सकें।
बृहस्पतिवार को बस्ती मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिले में 100 बेड का पोस्ट कोविड अस्पताल शुरू करें। उसमें कोविड से ठीक हुए मरीजों को आवश्यकतानुसार पुन: भर्ती कर उनका आगे इलाज किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने बरसात को देखते हुए इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकुनगुनियां आदि बीमारियों से सुरक्षा के लिए भी समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को रोकने में सभी ने अच्छा कार्य किया है, लेकिन तब भी हमें सतर्क रहना होगा। सरकार ब्लैक फंगस से निपटने के लिए विशेष प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सीएचसी, पीएचसी पर अभी ओपीडी शुरू नहीं की जाएगी, लेकिन जिला अस्पताल में नानकोविड अस्पताल संचालित करके गंभीर रोगों के मरीजों का इलाज किया जाएगा। अन्य लोग टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से डॉक्टरों से परामर्श कर सकते हैं। साथ ही महिला और बच्चों के लिए अलग से अस्पताल संचालित किए जाने पर उन्होंने जोर दिया। जिले के अस्पतालों में जिलाधिकारी तथा मेडिकल कॉलेज में वहां के प्रधानाचार्य, पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के संबंध में कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा। पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स को मेडिकल कॉलेज से संपर्क करके ट्रेनिंग दिलाए जाने की बात भी कही। उन्होंने वेंटिलेटर संचालित करने के लिए आईटीआई के छात्रों को ट्रेंड करने के निर्देश दिए।
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बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह तथा उद्यान राज्यमंत्री श्रीराम चौहान, प्रमुख सचिव सूचना संजय प्रसाद भी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर ने मंडल में कोरोना की स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कोविड के 660 से बढ़ाकर 1230 बेड तैयार किए गए हैं। बस्ती में पांच, संतकबीरनगर तथा सिद्धार्थनगर में 4-4 प्लांट की स्थापना की जा रही है। बस्ती में 50 पोस्ट कोविड केयर बेड तथा 50 पीकू बेड तैयार कर लिए गए हैं। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए ईटीसी, मीनी पीकू तथा पीकू के 212 बेड तैयार कर लिए गए हैं। मंडल में 45 वर्ष से ऊपर के पांच लाख तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के 22967 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है।
बैठक में जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल, संतकबीरनगर की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव, संतकबीरनगर के एसपी डॉ. कौस्तुभ, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. मनोज, सीएमओ डॉ. अनूप कुमार, सीएमएम डॉ. आलोक कुमार, डॉ. सोमेश श्रीवास्तव तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने जिले में कम्युनिटी किचन का संचालन करने के लिए कहा, ताकि कोरोना काल में कोई भूखा न रहने पाए। साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन, मजदूर, स्ट्रीट वेंडर, पल्लेदार और फुटपाथ पर रहकर गुजारा करने वालों को दो वक्त का शुद्ध ताजा भोजन मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कोरोना कर्फ्यू के उल्लंघन को गंभीरता से लिया है। कहा कि कोरोना कर्फ्यू के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही कंटेनमेन जोन में कड़ाई बरते जाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योग, कृषि, सब्जी मंडी खोलने की अनुमति दी गई है, लेकिन वहां बेवजह की भीड़ एकत्र न होने दें। शादी समारोह में 25 से अधिक लोगों को जाने की अनुमति न दें और इसका कड़ाई से पालन भी कराएं।
सांसद हरीश द्विवेदी ने कोरोना नियंत्रण में अच्छे प्रयास के लिए मुख्यमंत्री तथा प्रशासन को बधाई दी। विधायक दयाराम चौधरी ने कहा कि अस्पतालों में कर्मियों की संख्या बढ़ाकर उन्हें ट्रेंड किया जाए। विधायक अजय सिंह ने कहा कि हर्रैया में 100 बेड का महिला अस्पताल चालू हो। विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने कहा कि ब्लैक फंगस से बचाव के लिए आवश्यक इंजेक्शन उपलब्ध कराई जाए। विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला ने मेडिसिन किट एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता पर जोर दिया।
विधायक रवि सोनकर ने सीएचसी/पीएचसी पर ओपीडी शुरू करने का अनुरोध किया। संतकबीरनगर के विधायक राकेश सिंह बघेल ने पैरामेडिकल स्टाफ बढ़ाने पर बल दिया। दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने जिला अस्पताल के एनिस्थीसिया तथा नाक, कान, गला के डॉक्टर को तैनात करने का मामला उठाया।
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बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधि एक-एक सीएचसी, पीएचसी गोद लें और वहां नियमित रूप से भ्रमण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण, सैनिटाइजेशन तथा फागिंग की सूचना जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराएं, जिससे वे इसका सत्यापन कर सकें।
बृहस्पतिवार को बस्ती मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिले में 100 बेड का पोस्ट कोविड अस्पताल शुरू करें। उसमें कोविड से ठीक हुए मरीजों को आवश्यकतानुसार पुन: भर्ती कर उनका आगे इलाज किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने बरसात को देखते हुए इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकुनगुनियां आदि बीमारियों से सुरक्षा के लिए भी समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को रोकने में सभी ने अच्छा कार्य किया है, लेकिन तब भी हमें सतर्क रहना होगा। सरकार ब्लैक फंगस से निपटने के लिए विशेष प्रयास कर रही है।
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उन्होंने कहा कि सीएचसी, पीएचसी पर अभी ओपीडी शुरू नहीं की जाएगी, लेकिन जिला अस्पताल में नानकोविड अस्पताल संचालित करके गंभीर रोगों के मरीजों का इलाज किया जाएगा। अन्य लोग टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से डॉक्टरों से परामर्श कर सकते हैं। साथ ही महिला और बच्चों के लिए अलग से अस्पताल संचालित किए जाने पर उन्होंने जोर दिया। जिले के अस्पतालों में जिलाधिकारी तथा मेडिकल कॉलेज में वहां के प्रधानाचार्य, पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के संबंध में कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा। पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स को मेडिकल कॉलेज से संपर्क करके ट्रेनिंग दिलाए जाने की बात भी कही। उन्होंने वेंटिलेटर संचालित करने के लिए आईटीआई के छात्रों को ट्रेंड करने के निर्देश दिए।
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बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह तथा उद्यान राज्यमंत्री श्रीराम चौहान, प्रमुख सचिव सूचना संजय प्रसाद भी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर ने मंडल में कोरोना की स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कोविड के 660 से बढ़ाकर 1230 बेड तैयार किए गए हैं। बस्ती में पांच, संतकबीरनगर तथा सिद्धार्थनगर में 4-4 प्लांट की स्थापना की जा रही है। बस्ती में 50 पोस्ट कोविड केयर बेड तथा 50 पीकू बेड तैयार कर लिए गए हैं। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए ईटीसी, मीनी पीकू तथा पीकू के 212 बेड तैयार कर लिए गए हैं। मंडल में 45 वर्ष से ऊपर के पांच लाख तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के 22967 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है।
बैठक में जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल, संतकबीरनगर की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव, संतकबीरनगर के एसपी डॉ. कौस्तुभ, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. मनोज, सीएमओ डॉ. अनूप कुमार, सीएमएम डॉ. आलोक कुमार, डॉ. सोमेश श्रीवास्तव तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने जिले में कम्युनिटी किचन का संचालन करने के लिए कहा, ताकि कोरोना काल में कोई भूखा न रहने पाए। साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन, मजदूर, स्ट्रीट वेंडर, पल्लेदार और फुटपाथ पर रहकर गुजारा करने वालों को दो वक्त का शुद्ध ताजा भोजन मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कोरोना कर्फ्यू के उल्लंघन को गंभीरता से लिया है। कहा कि कोरोना कर्फ्यू के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही कंटेनमेन जोन में कड़ाई बरते जाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योग, कृषि, सब्जी मंडी खोलने की अनुमति दी गई है, लेकिन वहां बेवजह की भीड़ एकत्र न होने दें। शादी समारोह में 25 से अधिक लोगों को जाने की अनुमति न दें और इसका कड़ाई से पालन भी कराएं।
सांसद हरीश द्विवेदी ने कोरोना नियंत्रण में अच्छे प्रयास के लिए मुख्यमंत्री तथा प्रशासन को बधाई दी। विधायक दयाराम चौधरी ने कहा कि अस्पतालों में कर्मियों की संख्या बढ़ाकर उन्हें ट्रेंड किया जाए। विधायक अजय सिंह ने कहा कि हर्रैया में 100 बेड का महिला अस्पताल चालू हो। विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने कहा कि ब्लैक फंगस से बचाव के लिए आवश्यक इंजेक्शन उपलब्ध कराई जाए। विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला ने मेडिसिन किट एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता पर जोर दिया।
विधायक रवि सोनकर ने सीएचसी/पीएचसी पर ओपीडी शुरू करने का अनुरोध किया। संतकबीरनगर के विधायक राकेश सिंह बघेल ने पैरामेडिकल स्टाफ बढ़ाने पर बल दिया। दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने जिला अस्पताल के एनिस्थीसिया तथा नाक, कान, गला के डॉक्टर को तैनात करने का मामला उठाया।