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Basti News: अधिग्रहित भूमि पर निजी संपत्तियां, उलझन में किसान

Fri, 03 Jan 2025 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 03 Jan 2025 12:14 AM IST
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Private properties on acquired land, farmers confused
मुआवजे की सूची बनाती टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के लिए अधिग्रहित भूमि पर निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी एनएच ने कब्जा लेने का कार्य शुरू कर दिया है। मगर, मुआवजे की प्रक्रिया अधर में लटकी है। यहां पहले चरण के थ्री-ए की कार्रवाई से छूटे किसानों के मामले सुलझाए जाने लगे हैं।
अब अधिग्रहित भूमि पर बगीचा, पेड़, ट्यूबवेल आदि को लेकर किसान उलझन में हैं। उन्हें यह पता ही चल नहीं पा रहा है कि जमीन के अलावा उनकी इन निजी संपत्तियों का क्या होगा। हालांकि, विभाग का दावा है कि जमीन के अतिरिक्त अन्य संपत्तियों का मूल्यांकन कर अलग से मुआवजा निर्धारित होगा। परिक्रमा मार्ग के लिए पहले चरण में 56 में से 29 गांव थ्री-ए की कार्रवाई से वंचित रह गए थे। इन गांवों के गजट की प्रक्रिया बाद में पूरी की गई। इससे इनके मूल्यांकन में अभी देरी है। कुछ अन्य गांवों के काश्तकार अभी गजट की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहे हैं। इसके लिए काश्तकारों की भागदौड़ तेज हो गई है। इधर, अधिग्रहित होने वाली भूमि पर पेड़, पौधे, बगीचे, ट्यूबवेल जैसी निजी संपत्तियों का बखेड़ा खड़ा हो गया है।
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संसारपुर के काश्तकार परमानंद तिवारी, प्रहलाद तिवारी आदि का कहना है कि उनकी जमीन का मूल्यांकन बाद में होना शुरू हुआ। जिस भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, उस पर उनका लगाया हुआ सागौन का बगीचा भी है। तीन फीट के दायरे में लाखों रुपये के पेड़ तैयार हैं। यदि अधिग्रहित भूमि से पेड़ काटेंगे तो वन विभाग को आपत्ति होगी।
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ऐसे में काश्तकार ऐसी संपत्तियों को लेकर ऊहापोह की स्थिति हैं। विभाग में प्रार्थनापत्र देकर इस प्रकरण से अवगत कराया गया है। मगर, कोई सटीक जवाब नहीं दिया जा रहा है। यह समस्या कई काश्तकारों की है।
दूसरे चरण के काश्तकारों को हो रही परेशानी ः दूसरे चरण में जिन 29 गांवों की मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है, वहां के काश्तकारों को अन्य निजी संपत्तियों के मूल्यांकन की समस्या से सामना करना पड़ रहा है।
विभाग की मानें तो जमीन के अतिरिक्त अधिग्रहित भूमि में जितनी भी तरह की संपत्तियां है, सभी का मूल्यांकन कराकर अलग से मुआवजा दिया जाएगा। चूंकि काश्तकार को जमीन और उसमें स्थापित संपत्तियों के मूल्यांकन का अलग-अलग विवरण नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से लोग संदेह में हैं।
180 हेक्टेयर भूमि की गई है अधिग्रहित ः 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के प्रथम फेज की सड़क के लिए जिले के 56 गांवों में 180 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। इसके लिए वर्ष 2023 से पैमाइश शुरू हो गई थी।

इसके बाद थ्री-ए की कार्रवाई की गई। इसमें 29 गांव छूट गए थे। पहली बार प्रकाशन के बाद छूटे हुए काश्तकारों ने भागदौड़ की तो विभाग 29 गांवों का दोबारा जून में प्रकाशन कर थ्री-डी की कार्रवाई शुरू की है। इन गांवों में अधिकतर जगहों की अवार्ड प्रक्रिया लंबित है।
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