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Basti News: पिछले साल से 10 प्रतिशत बढ़ गए गणेश प्रतिमाओं के दाम
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केडीसी स्कूल के सामने कार्यशाला में तैयार गणेश प्रतिमा को पसंद करते श्रद्धालु संवाद
बस्ती। गणेश चतुर्थी को लेकर जिले के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। शहर के प्रमुख बाजारों और सड़कों के किनारे भगवान गणेश की प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। पूजा पंडालों और घरों में स्थापना के लिए लोग अपनी पसंद की प्रतिमाएं खरीद रहे हैं। हालांकि, इस बार गणेश प्रतिमाओं पर महंगाई का असर दिखाई दे रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में प्रतिमाओं के दाम करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
मूर्तियों के साथ मुकुट, माला, वस्त्र, कृत्रिम फूल और अन्य सजावटी सामान की बिक्री भी तेज हो गई है। बाजार में ढाई हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। कच्चे माल, रंग, सजावट के सामान और कारीगरों की मजदूरी महंगी होने से मूर्तिकारों की लागत बढ़ी है। इसका असर प्रतिमाओं की कीमतों पर पड़ा है।
मुख्य बाजारों के अलावा मालवीय रोड के किनारे भी प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। गांधीनगर बाजार में दुकानों पर खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है। केडीसी के सामने पश्चिम बंगाल से आए कारीगर कई माह से प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हैं। गणेश चतुर्थी नजदीक आने के साथ प्रतिमाओं की बुकिंग भी तेज हो गई है।
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पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के मूर्तिकार अमल पाल ने बताया कि इस बार सुतली, पुआल, मिट्टी और रंग के दाम बढ़े हैं। सुतली पहले करीब 120 रुपये किलो मिलती थी, अब 260 रुपये किलो तक पहुंच गई है। पुआल और मिट्टी की उपलब्धता भी मुश्किल हो गई है। कच्चा माल दूर से मंगाना पड़ रहा है। इससे प्रतिमाओं की लागत बढ़ी है। इसके बावजूद आस्था को देखते हुए कीमतों को सीमित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
गणेश चतुर्थी से 10 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत होगी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पूजा पंडालों में गणपति की स्थापना की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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तीन माह से प्रतिमाएं तैयार कर रहा परिवार
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रहने वाले मूर्तिकार अमल पाल, विजय पाल और उनके परिवार के सदस्य पिछले तीन माह से केडीसी रोड और मालवीय रोड के किनारे रहकर प्लास्टर ऑफ पेरिस से गणेश प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। वे करीब 30 वर्षों से गणेश चतुर्थी समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाते आ रहे हैं। अमल पाल और विजय पाल ने बताया कि शुरुआती वर्षों में गणेश चतुर्थी के लिए महज 10-12 प्रतिमाएं तैयार करते थे। पिछले पांच वर्षों में जिले में गणेश प्रतिमाओं की मांग बढ़ी है। इस बार छह फुट की प्रतिमा करीब 14 हजार रुपये में उपलब्ध है। उनके पास अलग-अलग आकार और डिजाइन की छोटी-बड़ी प्रतिमाएं मौजूद हैं।
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बजट के अनुसार छोटी प्रतिमाओं की मांग अधिक
महंगाई के बीच इस बार खरीदार दो से तीन फुट की प्रतिमाओं को अधिक पसंद कर रहे हैं। लोग अपने बजट के अनुसार घर और छोटे पूजा पंडालों के लिए प्रतिमाएं चुन रहे हैं। बाजार में दो से तीन फुट की प्रतिमाओं की कीमत करीब तीन से चार हजार रुपये से शुरू हो रही है। मूर्तिकार विजय ने बताया कि पिछले वर्ष करीब पांच हजार रुपये में मिलने वाली तीन फुट की प्रतिमा अब सात हजार रुपये तक में बिक रही है। कीमत बढ़ने के बावजूद गणेश प्रतिमाओं की बुकिंग लगातार हो रही है।
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मूर्तियों के साथ मुकुट, माला, वस्त्र, कृत्रिम फूल और अन्य सजावटी सामान की बिक्री भी तेज हो गई है। बाजार में ढाई हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। कच्चे माल, रंग, सजावट के सामान और कारीगरों की मजदूरी महंगी होने से मूर्तिकारों की लागत बढ़ी है। इसका असर प्रतिमाओं की कीमतों पर पड़ा है।
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मुख्य बाजारों के अलावा मालवीय रोड के किनारे भी प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। गांधीनगर बाजार में दुकानों पर खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है। केडीसी के सामने पश्चिम बंगाल से आए कारीगर कई माह से प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हैं। गणेश चतुर्थी नजदीक आने के साथ प्रतिमाओं की बुकिंग भी तेज हो गई है।
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पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के मूर्तिकार अमल पाल ने बताया कि इस बार सुतली, पुआल, मिट्टी और रंग के दाम बढ़े हैं। सुतली पहले करीब 120 रुपये किलो मिलती थी, अब 260 रुपये किलो तक पहुंच गई है। पुआल और मिट्टी की उपलब्धता भी मुश्किल हो गई है। कच्चा माल दूर से मंगाना पड़ रहा है। इससे प्रतिमाओं की लागत बढ़ी है। इसके बावजूद आस्था को देखते हुए कीमतों को सीमित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
गणेश चतुर्थी से 10 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत होगी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पूजा पंडालों में गणपति की स्थापना की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
तीन माह से प्रतिमाएं तैयार कर रहा परिवार
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रहने वाले मूर्तिकार अमल पाल, विजय पाल और उनके परिवार के सदस्य पिछले तीन माह से केडीसी रोड और मालवीय रोड के किनारे रहकर प्लास्टर ऑफ पेरिस से गणेश प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। वे करीब 30 वर्षों से गणेश चतुर्थी समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाते आ रहे हैं। अमल पाल और विजय पाल ने बताया कि शुरुआती वर्षों में गणेश चतुर्थी के लिए महज 10-12 प्रतिमाएं तैयार करते थे। पिछले पांच वर्षों में जिले में गणेश प्रतिमाओं की मांग बढ़ी है। इस बार छह फुट की प्रतिमा करीब 14 हजार रुपये में उपलब्ध है। उनके पास अलग-अलग आकार और डिजाइन की छोटी-बड़ी प्रतिमाएं मौजूद हैं।
बजट के अनुसार छोटी प्रतिमाओं की मांग अधिक
महंगाई के बीच इस बार खरीदार दो से तीन फुट की प्रतिमाओं को अधिक पसंद कर रहे हैं। लोग अपने बजट के अनुसार घर और छोटे पूजा पंडालों के लिए प्रतिमाएं चुन रहे हैं। बाजार में दो से तीन फुट की प्रतिमाओं की कीमत करीब तीन से चार हजार रुपये से शुरू हो रही है। मूर्तिकार विजय ने बताया कि पिछले वर्ष करीब पांच हजार रुपये में मिलने वाली तीन फुट की प्रतिमा अब सात हजार रुपये तक में बिक रही है। कीमत बढ़ने के बावजूद गणेश प्रतिमाओं की बुकिंग लगातार हो रही है।