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Basti News: प्रधान ने खोली पोल... नाम बदलने वाले शिवशंकर को हो गई जेल
Fri, 09 Feb 2024 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 09 Feb 2024 01:22 AM IST
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खुद को मृत घोषित कर शिवशंकर ने नाम बदलकर रख लिया था जटाशंकर
पटीदार देवीसरन की संपत्ति पर भी खड़ा हो था विवाद, नाम बदलने वाला बना पुत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव के रहने वाले शिवशंकर पांडेय ने पुलिस केस से बचने के लिए खुद को मृत घोेषित कर दिया था। उसने नाम बदलकर जटाशंकर पांडेय पुत्र देवीसरन रख लिया था। इस नाम से आधार, वोटर आईडी, परिवार रजिस्टर की नकल जैसे जरूरी दस्तावेज बनवा लिया था। पुलिस की जांच में इसकी रिपोर्ट ग्राम प्रधान ने खोली। तब शिवशंकर की फिर से गिरफ्तारी हुई और जेल भेजा गया।
वर्ष 2002 में मुंडेरवा चीनी मिल तिराहे के पास भाकियू कार्यकर्ता और पुलिस के बीच हुए खूनी संघर्ष में मुंडेरवा पुलिस ने शिवशंकर पांडेय की भी संलिप्तता पाई थी। कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। वर्ष 2006 में एसीजेएम ने उसके खिलाफ आरोप तय किया था। दिसंबर 2023 में जारी गैर जमानती वारंट में लालगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा तो उसने खुद को जटाशंकर पांडेय बताकर बच निकला।
साक्ष्य के तौर पर उसने जटाशंकर पांडेय पुत्र देवी सरन के नाम से आधार, परिवार रजिस्टर की नकल, वोटर आईडी जैसे जरूरी प्रपत्र भी पेश किए। इसके अलावा शिवशंकर पांडेय के नाम से एक दिसंबर 2023 की तिथि में मृत्यु होने का प्रमाणपत्र भी दिया। इसके बाद उसने गिरफ्तार करने वाले उप निरीक्षक राम भवन प्रजापति पर उल्टा गलत व्यक्ति की गिरफ्तारी का आरोप लगाया। उसके द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों की पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
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इस दौरान प्रधान सरिता ने लिखित रूप से बताया कि शिवशंकर पांडेय जीवित है। उसने प्रपत्र में अपना नाम बदलकर जटाशंकर रख लिया है। व्यक्ति एक ही है पहचान से जुड़े दो नाम के प्रपत्र उसने बनवा लिया है। इसकी पुष्टि होते ही लालगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष लालगंज जितेंद्र सिंह ने बताया कि शिवशंकर पांडेय के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। पटीदार की संपत्ति हासिल करने के लिए स्वयं को उसने मृत घोषित कर अपना नाम देवी सरन के पुत्र के रूप में जटाशंकर पांडेय रख लिया था।
...
नाती ने बताया एसपी से देवी सरन का सेजरा
जिसे देवी सरन पांडेय के पुत्र जटाशंकर के रूप में शिवशंकर ने अपना नाम बदला इससे उसके संतति विवादों में आ गई। नाती लक्ष्मेश्वर पांडेय ने एसपी को दिए गए प्रार्थनापत्र में बताया कि उनके बाबा देवी शरन से दो संतान राम नरायन पांडेय और कमला थी। दोनों की मृत्यु हो चुकी है। उनकी संतति के रूप में स्व. राम नरायन पांडेय के संतान के रूप में हम जीवित हैं। शिवशंकर पांडेय पुरषोत्तम पांडेय के संतान है। उन्हें फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर नाम बदलकर देवी सरन के संतान बन गए हैं। वह मेरी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। इसके अलावा शिवशंकर अपने नाम से बैंक से ऋण भी लिया था। बैंक में भी इस नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कर दिया था।
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पटीदार देवीसरन की संपत्ति पर भी खड़ा हो था विवाद, नाम बदलने वाला बना पुत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव के रहने वाले शिवशंकर पांडेय ने पुलिस केस से बचने के लिए खुद को मृत घोेषित कर दिया था। उसने नाम बदलकर जटाशंकर पांडेय पुत्र देवीसरन रख लिया था। इस नाम से आधार, वोटर आईडी, परिवार रजिस्टर की नकल जैसे जरूरी दस्तावेज बनवा लिया था। पुलिस की जांच में इसकी रिपोर्ट ग्राम प्रधान ने खोली। तब शिवशंकर की फिर से गिरफ्तारी हुई और जेल भेजा गया।
वर्ष 2002 में मुंडेरवा चीनी मिल तिराहे के पास भाकियू कार्यकर्ता और पुलिस के बीच हुए खूनी संघर्ष में मुंडेरवा पुलिस ने शिवशंकर पांडेय की भी संलिप्तता पाई थी। कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। वर्ष 2006 में एसीजेएम ने उसके खिलाफ आरोप तय किया था। दिसंबर 2023 में जारी गैर जमानती वारंट में लालगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा तो उसने खुद को जटाशंकर पांडेय बताकर बच निकला।
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साक्ष्य के तौर पर उसने जटाशंकर पांडेय पुत्र देवी सरन के नाम से आधार, परिवार रजिस्टर की नकल, वोटर आईडी जैसे जरूरी प्रपत्र भी पेश किए। इसके अलावा शिवशंकर पांडेय के नाम से एक दिसंबर 2023 की तिथि में मृत्यु होने का प्रमाणपत्र भी दिया। इसके बाद उसने गिरफ्तार करने वाले उप निरीक्षक राम भवन प्रजापति पर उल्टा गलत व्यक्ति की गिरफ्तारी का आरोप लगाया। उसके द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों की पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
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इस दौरान प्रधान सरिता ने लिखित रूप से बताया कि शिवशंकर पांडेय जीवित है। उसने प्रपत्र में अपना नाम बदलकर जटाशंकर रख लिया है। व्यक्ति एक ही है पहचान से जुड़े दो नाम के प्रपत्र उसने बनवा लिया है। इसकी पुष्टि होते ही लालगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष लालगंज जितेंद्र सिंह ने बताया कि शिवशंकर पांडेय के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। पटीदार की संपत्ति हासिल करने के लिए स्वयं को उसने मृत घोषित कर अपना नाम देवी सरन के पुत्र के रूप में जटाशंकर पांडेय रख लिया था।
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नाती ने बताया एसपी से देवी सरन का सेजरा
जिसे देवी सरन पांडेय के पुत्र जटाशंकर के रूप में शिवशंकर ने अपना नाम बदला इससे उसके संतति विवादों में आ गई। नाती लक्ष्मेश्वर पांडेय ने एसपी को दिए गए प्रार्थनापत्र में बताया कि उनके बाबा देवी शरन से दो संतान राम नरायन पांडेय और कमला थी। दोनों की मृत्यु हो चुकी है। उनकी संतति के रूप में स्व. राम नरायन पांडेय के संतान के रूप में हम जीवित हैं। शिवशंकर पांडेय पुरषोत्तम पांडेय के संतान है। उन्हें फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर नाम बदलकर देवी सरन के संतान बन गए हैं। वह मेरी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। इसके अलावा शिवशंकर अपने नाम से बैंक से ऋण भी लिया था। बैंक में भी इस नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कर दिया था।