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Basti News: इलाज के दौरान प्रधान की मौत, हंगामा
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मृतक सालिक राम चौधरी की फाइल फोटो
- फोटो : बाबागंज इलाके में खेत में कटी पड़ी फसल।
बस्ती। शहर के कटरा स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार भोर में इलाज के दौरान संतकबीरनगर के बेलहर क्षेत्र के फुलवरिया गांव के प्रधान सालिकराम चौधरी की मौत हो गई। नाराज परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई और परिजनों को समझा कर शांत किया। मृतक के बेटे ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सालिक राम के बेटे राहुल ने बताया कि पिता की तबीयत खराब होने पर इलाज के लिए कटरा स्थित निजी अस्पताल में छह अप्रैल को भर्ती कराया था। अस्पताल के कर्मचारियों ने पिता का बीपी लो बताया और ऑक्सीजन की समस्या बताते हुए भर्ती कर लिया।
दो दिन तक इलाज चला और सब कुछ नार्मल हो गया था लेकिन बुधवार की सुबह लगभग चार बजे अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि पिता की हालत नाजुक है। थोड़ी देर दिखावा करने के बाद बोले कि मरीज की मौत हो गई है, जबकि पिता को वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर रखकर इलाज कर रहे थे, लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं था। जब सवाल-जवाब किया गया तो अस्पताल प्रबंध ने मारपीट शुरू कर दी। अस्पताल में परिजनों के हंगामे की सूचना पर काेतवाली पुलिस पहुंच गई और परिजनों से समझाया-बुझाया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव चले गए।
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कोतवाल मोतीचंद ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस गई थी। परिजनों को समझाया गया, जिसके बाद वे शव लेकर चले गए। तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई और परिजनों को समझा कर शांत किया। मृतक के बेटे ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सालिक राम के बेटे राहुल ने बताया कि पिता की तबीयत खराब होने पर इलाज के लिए कटरा स्थित निजी अस्पताल में छह अप्रैल को भर्ती कराया था। अस्पताल के कर्मचारियों ने पिता का बीपी लो बताया और ऑक्सीजन की समस्या बताते हुए भर्ती कर लिया।
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दो दिन तक इलाज चला और सब कुछ नार्मल हो गया था लेकिन बुधवार की सुबह लगभग चार बजे अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि पिता की हालत नाजुक है। थोड़ी देर दिखावा करने के बाद बोले कि मरीज की मौत हो गई है, जबकि पिता को वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर रखकर इलाज कर रहे थे, लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं था। जब सवाल-जवाब किया गया तो अस्पताल प्रबंध ने मारपीट शुरू कर दी। अस्पताल में परिजनों के हंगामे की सूचना पर काेतवाली पुलिस पहुंच गई और परिजनों से समझाया-बुझाया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव चले गए।
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कोतवाल मोतीचंद ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस गई थी। परिजनों को समझाया गया, जिसके बाद वे शव लेकर चले गए। तहरीर मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।