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'पापा कहां हैं': 'हैंगिंग' से हुई थी थानेदार की मौत, खुलासा; बेटी की दर्द भरी पुकार सुन छलक पड़े लोगों के आंसू
Mon, 31 Aug 2026 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:17 AM IST
सार
पापा कहां हैं...बेटियों की यह दर्द भरी पुकार सुनकर पुलिसकर्मियों की भी आंख से आंसू छलक आए। उनके करुण क्रंदन देख हर कोई गमगीन हो गया। पिता का शव देखकर बेटियां रह-रहकर अचेत हो जा रही थीं। जैसे ही उन्हें होश आता, उनकी जुबान पर सिर्फ पापा...को बुलाओ, कहां हैं पापा...यही शब्द निकल रहे थे।
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बेटी को सहारा देते हुए और दिवंगत एसओ को कंधा देते एसपी डा. यशवीर सिंह व अन्य पुलिस कर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
वाल्टरगंज के थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद रविवार सुबह चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसमें मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है। पूरे प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। इसके बाद पुलिस लाइंस में उनके पार्थिव शरीर को सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र के बूढ़नपुर निवासी थानाध्यक्ष सूर्यप्रकाश सिंह (57) का शव जिलाधिकारी कार्यालय के पास स्थित सरकारी आवास में फंदे से लटकता मिला था। देर रात करीब 11 बजे उनके परिजन लखनऊ से आए तो पंचनामा की प्रक्रिया शुरू हुई।
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रविवार की सुबह करीब 11 बजे डॉ. सतीश कुमार सिंह और डॉ. विनोद कुमार वर्मा की टीम ने करीब 45 मिनट तक उनके शव का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में 18 से 20 घंटे पहले हैंगिंग से मौत का अनुमान लगाया गया। आशंका व्यक्त की गई कि उनकी मौत शनिवार दोपहर करीब तीन बजे हुई होगी।
पोस्टमार्टम के बाद बाद उनका पार्थिव शरीर पुलिस लाइंस लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनके शव को सलामी दी गई। पुलिस अधिकारी और सह कर्मियों ने उनके शव पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पोस्टमार्टम के बाद बाद उनका पार्थिव शरीर पुलिस लाइंस लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनके शव को सलामी दी गई। पुलिस अधिकारी और सह कर्मियों ने उनके शव पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस से लेकर पुलिस लाइंस तक उनके साथ काम करने वाले पुलिसकर्मी भावुक नजर आए। इस घटना से हर कोई स्तब्ध दिखा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके व्यवहार, कार्यशैली और सहकर्मियों के प्रति सहज रवैये को याद किया।
कब्जे में मोबाइल फोन, सीडीआर खंगाल रही पुलिस : पुलिस के मुताबिक थानाध्यक्ष की आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य बनी है। इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए पुलिस ने उनके सरकारी आवास और थाने का कक्ष सील कर दिया है।
कब्जे में मोबाइल फोन, सीडीआर खंगाल रही पुलिस : पुलिस के मुताबिक थानाध्यक्ष की आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य बनी है। इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए पुलिस ने उनके सरकारी आवास और थाने का कक्ष सील कर दिया है।
उनके मोबाइल फोन कब्जे में लिए गए हैं, जिनका तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। उनके सीडीआर (काॅल डिटेल रिकॉर्ड) खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब मौत से पहले की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सुसाइड नोट न मिलने से गहराया रहस्य
बस्ती। थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद घटनास्थल से सुसाइड नोट न मिलने से घटना रहस्य बनी है। यह गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस उनके सीयूजी और निजी नंबरों की जांच करेगी। मोबाइल की जांच से पुलिस यह पता लगाएगी कि घटना से ठीक पहले उनकी किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी।
सुसाइड नोट न मिलने से गहराया रहस्य
बस्ती। थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद घटनास्थल से सुसाइड नोट न मिलने से घटना रहस्य बनी है। यह गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस उनके सीयूजी और निजी नंबरों की जांच करेगी। मोबाइल की जांच से पुलिस यह पता लगाएगी कि घटना से ठीक पहले उनकी किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी।
क्या वे किसी मानसिक तनाव या बाहरी दबाव में थे। इसी से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उनके भावुक संदेश के पीछे की मंशा जानने की कोशिश भी की जा रही है। इसी से उनके किसी मानसिक परेशानी का अनुमान लगाने की कोशिश की जा रही है।
घटना के बाद थानाध्यक्ष के सरकारी आवास पर पुलिस तैनात की गई है। मकान को सील किया गया है। वहां किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पूरे परिसर व गलियों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। उधर से गुजर रहे राहगीर भी घटना को लेकर आपस में तरह-तरह की चर्चा करते नजर आ रहे हैं।
घटना के बाद थानाध्यक्ष के सरकारी आवास पर पुलिस तैनात की गई है। मकान को सील किया गया है। वहां किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पूरे परिसर व गलियों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। उधर से गुजर रहे राहगीर भी घटना को लेकर आपस में तरह-तरह की चर्चा करते नजर आ रहे हैं।
बेटी की दर्द भरी पुकार सुनकर छलक पड़े लोगों के आंसू
पापा कहां हैं...बेटियों की यह दर्द भरी पुकार सुनकर पुलिसकर्मियों की भी आंख से आंसू छलक आए। उनके करुण क्रंदन देख हर कोई गमगीन हो गया। पिता का शव देखकर बेटियां रह-रहकर अचेत हो जा रही थीं।
जैसे ही उन्हें होश आता, उनकी जुबान पर सिर्फ पापा...को बुलाओ, कहां हैं पापा...यही शब्द निकल रहे थे। मौजूद पुलिसकर्मी व अन्य लोगों को भी यह शब्द झकझोर कर रख दे रहे थे। उधर एसओ की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। महिला पुलिसकर्मी उन्हें सांत्वना देने में लगी थी।
पापा कहां हैं...बेटियों की यह दर्द भरी पुकार सुनकर पुलिसकर्मियों की भी आंख से आंसू छलक आए। उनके करुण क्रंदन देख हर कोई गमगीन हो गया। पिता का शव देखकर बेटियां रह-रहकर अचेत हो जा रही थीं।
जैसे ही उन्हें होश आता, उनकी जुबान पर सिर्फ पापा...को बुलाओ, कहां हैं पापा...यही शब्द निकल रहे थे। मौजूद पुलिसकर्मी व अन्य लोगों को भी यह शब्द झकझोर कर रख दे रहे थे। उधर एसओ की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। महिला पुलिसकर्मी उन्हें सांत्वना देने में लगी थी।
रविवार को पुलिस लाइंस में वाल्टरगंज के दिवंगत एसओ सूर्य प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। वहां भी उनके परिजन की चीख गूंजती रही। बेटी शिखा और आंचल पिता की जुदाई का गम नहीं सह पा रही थीं। छोटी बेटी आंचल होश में आते ही पापा छोड़कर नहीं जा सकते...जैसे शब्द कहती रही।
पुलिस लाइंस में रखे पिता का शव देखकर वह उनकी तरफ भागने लग रही थी, महिला पुलिस कर्मी उसे संभालने में लगी थी। बड़ी बेटी शिखा की चीख-पुकार लोगों के दिलों को चीर रही थी। उसे संभालने वाली महिला पुलिस कर्मी की भी आंखें नम हो जा रही थीं। एसओ की पत्नी सुनीता बेसुध थीं। वहीं बेटा संदीप सिंह भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। पिता के जाने के गम में वह भी पूरी तरह से टूट गए थे।
पुलिस लाइंस में रखे पिता का शव देखकर वह उनकी तरफ भागने लग रही थी, महिला पुलिस कर्मी उसे संभालने में लगी थी। बड़ी बेटी शिखा की चीख-पुकार लोगों के दिलों को चीर रही थी। उसे संभालने वाली महिला पुलिस कर्मी की भी आंखें नम हो जा रही थीं। एसओ की पत्नी सुनीता बेसुध थीं। वहीं बेटा संदीप सिंह भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। पिता के जाने के गम में वह भी पूरी तरह से टूट गए थे।
अंतिम विदाई पर एसपी ने दिया कंधा : दिवंगत एसओ को अंतिम विदाई देने के लिए एसपी डाॅ. यशवीर सिंह मौजूद थे। वह उन्हें कंधा दिए। दिवंगत एसओ का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव आजमगढ़ के अतरौलिया थाना के भीलनपुर छपरा गांव में किया जाएगा।
पुलिस लाइंस में उनके अंतिम दर्शन के लिए पुलिस कर्मियों के अलावा अन्य लोग भी पहुंचे थे। यह भीड़ कहीं न कहीं उनकी सरलता व अच्छाई से प्रभावित लोगों की थी। उनका इस तरह से जाना उनके जानने वालों के मन भी कई सवाल छोड़ गया।
पुलिस लाइंस में उनके अंतिम दर्शन के लिए पुलिस कर्मियों के अलावा अन्य लोग भी पहुंचे थे। यह भीड़ कहीं न कहीं उनकी सरलता व अच्छाई से प्रभावित लोगों की थी। उनका इस तरह से जाना उनके जानने वालों के मन भी कई सवाल छोड़ गया।