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सरयू से जल परिवहन के लिए स्थापित हुआ पोर्ट
basti
Updated Tue, 26 Jun 2018 11:43 PM IST
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स्थापित किया गया पोर्ट।
- फोटो : amar ujala
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कलवारी। केंद्रीय भूतल एवं परिवहन व जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी का जल मार्ग विस्तारीकरण का वादा शायद अब पूरा हो जाएगा। क्योंकि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार क्षेत्र के सरयू नदी में जल परिवहन के लिए कलवारी के घाघरा घाट पर टर्मिनल पार्ट पहुंचने लगे हैं। सोमवार को पोर्ट निर्माण के लिए पहुंचे पार्ट का जायजा लेने सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक महादेवा रवि सोनकर, हर्रैया अजय सिंह पहुंचे।
जल परिवहन से यातायात सुविधाओं के लिए अयोध्या के सरयू से घाघरा होते हुए पटना तक की यात्रा आने वाले कुछ ही दिनों में सुगम हो जाएगी। सबसे खास बात यह है कि क्षेत्र के किसानों को अब अपने उत्पाद की सही कीमत मिल सकेगी। क्योंकि जल परिवहन शुरू होने के साथ यहां व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस क्षेत्र के उत्पाद सब्जी और फलों को बाहर के प्रदेशों तक भेजा जा सकेगा।
बंधे से सटे गांव सैफाबाद के किसान महातम सिंह ने कहा कि जल मार्ग के शुरू होने से माझा क्षेत्र में पैदा होने वाली सब्जियों को बाहर भेजा जा सकेगा। इससे सब्जियों की अच्छी कीमत प्राप्त होगी। आर्थिक उन्नयन की दिशा में सरकार का यह कदम बेहद सराहनीय है। अगौना निवासी प्रदीप कुमार ने कहा कि सरयू नदी में पानी वाली जहाज चलने से उसे बाहर भेजेंगे, तथा बाहर के तमाम उत्पाद इस क्षेत्र में पहुंचेंगे। जिससे व्यवसाय बढ़ेगा। भैंसहटी निवासी अखण्ड प्रताप ने कहा कि यहां खूब गन्ना पैदा होता है, मगर चीनी मिल के रवैये के चलते उससे मोह भंग हो गया है। जल परिवहन बढ़ेगा तो गन्ना से गुड़ बनाकर उसे दूसरे प्रदेशों को भेज कर अच्छी कमाई की जाएगी।
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गौरा निवासी राम सागर यादव ने कहा कि यह क्षेत्र दुग्ध उत्पादन में भी अव्वल है। मगर बाजार के अभाव में सही मूल्य नहीं मिलता। ऐसे में पशु पालन में तमाम मुश्किलें आ रही हैं। जल परिवहन व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा, जिससे क्षेत्र में पशुधन का भी विकास हो सकेगा।
इण्डिया वाटरवेज अथॉरिटी आफ इण्डिया (आईडब्लूएआई) के अवर अभियन्ता वेद प्रकाश ने बताया कि पोर्ट का कार्य लगभग पूरा हो गया है। सितम्बर तक इसमें छोटी शिप के माध्यम से नदी के धारा में परिवहन का सर्वेक्षण पूरा कर जहां जरूरत होगी वहां सफाई करा ली जाएगी। जल मार्ग से सबसे पहले अयोध्या से पटना तक परिवहन शुरू किया जाएगा।
सांसद हरीश की लोगों ने की सराहना
जलमार्ग से बस्ती-कोलकाता को जोड़ने की कवायद मूर्त रूप लेने पर आसपास के ही नहीं अधिकतर व्यवसायी भी खुश हैं। माझा क्षेत्र में सर्वाधिक पैदावार खरबूज, तरबूज, ककड़ी की होती है। औने-पौने दामों पर स्थानीय लोग बिक्री करते हैं। अब जलमार्ग से ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा मिलने से इन्हें उचित दाम मिलेंगे ही, गुड़ आदि की आपूर्ति भी हुआ करेगी। बदले में कोलकाता से रेडीमेड कपड़े, साइकिल आदि की खेप आसानी से शहर पहुंच सकेगी। सांसद हरपीश द्विवेदी का कहना है कि उनका प्रयास है कि बस्ती का नाम प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो। बस्ती को अलग पहचान दिलाने के लिए कृत संकल्पित हूं। महादेवा विधायक रवि सोनकर का कहना है कि क्षेत्र ही नहीं जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।
जल परिवहन से यातायात सुविधाओं के लिए अयोध्या के सरयू से घाघरा होते हुए पटना तक की यात्रा आने वाले कुछ ही दिनों में सुगम हो जाएगी। सबसे खास बात यह है कि क्षेत्र के किसानों को अब अपने उत्पाद की सही कीमत मिल सकेगी। क्योंकि जल परिवहन शुरू होने के साथ यहां व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस क्षेत्र के उत्पाद सब्जी और फलों को बाहर के प्रदेशों तक भेजा जा सकेगा।
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बंधे से सटे गांव सैफाबाद के किसान महातम सिंह ने कहा कि जल मार्ग के शुरू होने से माझा क्षेत्र में पैदा होने वाली सब्जियों को बाहर भेजा जा सकेगा। इससे सब्जियों की अच्छी कीमत प्राप्त होगी। आर्थिक उन्नयन की दिशा में सरकार का यह कदम बेहद सराहनीय है। अगौना निवासी प्रदीप कुमार ने कहा कि सरयू नदी में पानी वाली जहाज चलने से उसे बाहर भेजेंगे, तथा बाहर के तमाम उत्पाद इस क्षेत्र में पहुंचेंगे। जिससे व्यवसाय बढ़ेगा। भैंसहटी निवासी अखण्ड प्रताप ने कहा कि यहां खूब गन्ना पैदा होता है, मगर चीनी मिल के रवैये के चलते उससे मोह भंग हो गया है। जल परिवहन बढ़ेगा तो गन्ना से गुड़ बनाकर उसे दूसरे प्रदेशों को भेज कर अच्छी कमाई की जाएगी।
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गौरा निवासी राम सागर यादव ने कहा कि यह क्षेत्र दुग्ध उत्पादन में भी अव्वल है। मगर बाजार के अभाव में सही मूल्य नहीं मिलता। ऐसे में पशु पालन में तमाम मुश्किलें आ रही हैं। जल परिवहन व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा, जिससे क्षेत्र में पशुधन का भी विकास हो सकेगा।
इण्डिया वाटरवेज अथॉरिटी आफ इण्डिया (आईडब्लूएआई) के अवर अभियन्ता वेद प्रकाश ने बताया कि पोर्ट का कार्य लगभग पूरा हो गया है। सितम्बर तक इसमें छोटी शिप के माध्यम से नदी के धारा में परिवहन का सर्वेक्षण पूरा कर जहां जरूरत होगी वहां सफाई करा ली जाएगी। जल मार्ग से सबसे पहले अयोध्या से पटना तक परिवहन शुरू किया जाएगा।
सांसद हरीश की लोगों ने की सराहना
जलमार्ग से बस्ती-कोलकाता को जोड़ने की कवायद मूर्त रूप लेने पर आसपास के ही नहीं अधिकतर व्यवसायी भी खुश हैं। माझा क्षेत्र में सर्वाधिक पैदावार खरबूज, तरबूज, ककड़ी की होती है। औने-पौने दामों पर स्थानीय लोग बिक्री करते हैं। अब जलमार्ग से ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा मिलने से इन्हें उचित दाम मिलेंगे ही, गुड़ आदि की आपूर्ति भी हुआ करेगी। बदले में कोलकाता से रेडीमेड कपड़े, साइकिल आदि की खेप आसानी से शहर पहुंच सकेगी। सांसद हरपीश द्विवेदी का कहना है कि उनका प्रयास है कि बस्ती का नाम प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो। बस्ती को अलग पहचान दिलाने के लिए कृत संकल्पित हूं। महादेवा विधायक रवि सोनकर का कहना है कि क्षेत्र ही नहीं जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।