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Basti News: पूर्व विधायक राना कृष्ण किंकर सिंह का निधन
Sat, 19 Aug 2023 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 19 Aug 2023 11:52 PM IST
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पूर्व विधायक राना कृष्ण सिंह । फाइल फोटो
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बस्ती। कप्तानगंज से दो बार विधायक रहे राना कृष्ण किकंर सिंह (78) नहीं रहे। उन्होंने अपने पैतृक निवास रानीपुर बेलाड़ी में शनिवार सुबह करीब 6 बजे अंतिम सांस ली। परिवार के लोगों के मुताबिक हृदयघात के चलते उनकी मौत हुई है। जिले की राजनीति में राना कृष्ण किंकर सिंह बड़ा नाम है। राजनीति में उनकी सीधी दखल रहती थी।
दो साल पहले जुलाई 2020 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद वह, उनके पुत्र नागेश प्रताप सिंह भतीजे राना दिनेश प्रताप सिंह भाजपा में शामिल हो गए थे। नागेश के अलावा राना कृष्ण किंकर सिंह की तीन बेटियां हैं सभी की शादी हो चुकी है। उनके निधन की जानकारी के बाद जिले भर से लोग उनके आवास पर पहुंच गए। निधन पर सांसद हरीश द्विवेदी, एमएलसी देवेंद्र सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि हरीश सिंह, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह, भाजपा नेता नितेश शर्मा, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष दुर्गा दत्त पांडेय ने निधन पर शोक जताया है।
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राजनीतिक सफर
राना कृष्ण किंकर सिंह ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 1977 में एपीएन काॅलेज के छात्र संघ अध्यक्ष पद के चुनाव से की थी, जिसमें वह भारी मतों से जीते थे। इसके बाद वह अपने ग्राम पंचायत रानीपुर बेलाड़ी के प्रधान चुने गए। धीरे-धीरे बहादुरपुर ब्लाॅक की राजनीति में उनकी दखल बढ़ती गई। क्षेत्र में उनकी जबरदस्त पकड़ रही। यथोचित सम्मान और सामाजिक भागीदारी की वजह से लोगों का उनके प्रति खुला समर्थन रहा। इसी का नतीजा रहा कि लगातार दो बार वर्ष 1983 और 1988 में बहादुरपुर के ब्लाॅक प्रमुख रहे। इसके बाद उन्होंने निर्दल के रूप में विधानसभा चुनाव में हाथ आजमाया। 1989 और 1991 के विधानसभा चुनाव में कप्तानगंज सीट से निर्दल विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 1995 में जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने। बाद में वह सपा, बसपा और कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर राजनीति करते रहे। 7 दिसंबर 2022 को समर्थकों के साथ वह भाजपा में शामिल हो गए थे।
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दो साल पहले जुलाई 2020 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद वह, उनके पुत्र नागेश प्रताप सिंह भतीजे राना दिनेश प्रताप सिंह भाजपा में शामिल हो गए थे। नागेश के अलावा राना कृष्ण किंकर सिंह की तीन बेटियां हैं सभी की शादी हो चुकी है। उनके निधन की जानकारी के बाद जिले भर से लोग उनके आवास पर पहुंच गए। निधन पर सांसद हरीश द्विवेदी, एमएलसी देवेंद्र सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि हरीश सिंह, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह, भाजपा नेता नितेश शर्मा, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष दुर्गा दत्त पांडेय ने निधन पर शोक जताया है।
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राजनीतिक सफर
राना कृष्ण किंकर सिंह ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 1977 में एपीएन काॅलेज के छात्र संघ अध्यक्ष पद के चुनाव से की थी, जिसमें वह भारी मतों से जीते थे। इसके बाद वह अपने ग्राम पंचायत रानीपुर बेलाड़ी के प्रधान चुने गए। धीरे-धीरे बहादुरपुर ब्लाॅक की राजनीति में उनकी दखल बढ़ती गई। क्षेत्र में उनकी जबरदस्त पकड़ रही। यथोचित सम्मान और सामाजिक भागीदारी की वजह से लोगों का उनके प्रति खुला समर्थन रहा। इसी का नतीजा रहा कि लगातार दो बार वर्ष 1983 और 1988 में बहादुरपुर के ब्लाॅक प्रमुख रहे। इसके बाद उन्होंने निर्दल के रूप में विधानसभा चुनाव में हाथ आजमाया। 1989 और 1991 के विधानसभा चुनाव में कप्तानगंज सीट से निर्दल विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 1995 में जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने। बाद में वह सपा, बसपा और कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर राजनीति करते रहे। 7 दिसंबर 2022 को समर्थकों के साथ वह भाजपा में शामिल हो गए थे।
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