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बूथों पर पहुंचीं पोलिंग पार्टियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:26 AM IST
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बस्ती। जिले में आखिरी चरण में नौ दिसंबर बुधवार को चार विकास खंडों के
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ग्राम प्रधान के 2061 और सदस्यों के 3099 पदों के लिए मतदान होगा।
4,04,971 मतदाता अपनेे मताधिकार का प्रयोेग करेंगे।
चार सुपर जोनल, चार जोनल मजिस्ट्रेट और 35 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। मंगलवार को ब्लॉक मुख्यालयों से पोलिंग पार्टियों की रवानगी हुई। जिला स्तरीय अधिकारियों ने पोलिंग पार्टियाें की रवानगी का जायजा लिया।
जिले में आखिरी चरण में कप्तानगंज, दुबौलिया, विक्रमजोत और बहादुरपुर विकास खंड में वोट पड़ेगा। इसके लिए 2061 ग्राम प्रधान और 3099 सदस्य पद के उम्मीदवार मैदान में है।
आखिरी चरण के चार ब्लॉकों के लिए चार सुपर जोनल, चार जोनल और 35 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 2684 कार्मिक मतदान को सकुशल कराने के लिए योजित किए गए हैं। जबकि 270 को आरक्षित रखा गया है।
कप्तानगंज विकास खंड में 64 मतदान केंद्र और 142 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इसमें से 25 सामान्य, 25 संवेदनशील, आठ अतिसंवेदनशील और पांच अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र बने हैं। बहादुरपुर में 97 मतदान केंद्र बने हैं।
इसमें से सामान्य मतदान केंद्र चालीस, संवेदनशील 38, अतिसंवेदनशील 15 और अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र की संख्या तीन है। दुबौलिया में 64 मतदान केंद्र और 135 मतदेय स्थल हैं।
इसमें से सामान्य 19, संवेदनशील 27, अतिसंवेदनशील 12 और अतिसंवेदनशील प्लस 6 मतदान केंद्र है। जबकि विक्रमजोत में 81 मतदान केंद्र और 171 मतदेय स्थल बनाए गए हैं।
इनमें 37 सामान्य, 23 संवेदनशील, 13 अतिसंवेदनशील और सात अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने अनिल कुमार दमेले ने कहा कि मतदान सकुशल कराने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। कहा कि
संवेदनशील, अतिसंवेदनशील और अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्रों पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को अधिक ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। मतदान में खलल डालने वालाें से सख्ती से निपटा जाएगा। किसी भी पीठासीन
अधिकारी की सूचना के तुरंत बाद कोई न कोई अधिकारी मौके पर पहुंच जाएगा। बूथाें पर पुलिस व सशस्त्र बल भी तैनात हैं जो किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं।
कोहरे ने काम में डाला खलल
मंगलवार को सुबह 11 बजे कोहरा छाया रहा। इसके चलते ब्लॉक मुख्यालयाें से पोलिंग पार्टियों की रवानगी के काम में असुविधा आई। ब्लॉक मुख्यालयों पर कर्मचारी और अधिकारी समय से थोड़ा विलंब से पहुंचे।
छावनी प्रतिनिधि के अनुसार आरओ महेंद्र यादव और बीडीओ एके सिंह की निगरानी में पोलिंग पार्टियों की रवागनी कराई गई। महिलाओं के बैठने के लिए खास व्यवस्था न होने से वे अपने मासूम बच्चाें के साथ जमीन पर बैठकर मतदान सामग्री को संकलित करने को विवश हुईं।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार कोहरे के चलते पोलिंग पार्टियों की रवागनी का काम समय से प्रारंभ नहीं हो पाया था। दिन के बारह बजे तक एक भी पोलिंग पार्टी बूथों की ओर रवाना नहीं हो पाई थीं।
हांलाकि रिटर्निग अधिकारी यूएन प्रधान और बीडीओ सुशील अग्रहरि ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंच कर पार्टियों की रवागनी के अन्य इंतजाम में जुटे रहे। कही वाहनों के समय से न पहुंचने से कर्मियाें को दिक्कत उठानी पड़ी।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार रिटर्निंग अधिकारी जयकृष्ण शुक्ल और बीडीओ प्यारे लाल की निगरानी में पोलिंग पार्टियाें की रवानगी कराई गई। हांलाकि कई कर्मचारी विलंब से पहुंचे। देर से पहुंचने वाले कर्मी हड़बड़ी में दिखे।
चार सुपर जोनल, चार जोनल मजिस्ट्रेट और 35 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। मंगलवार को ब्लॉक मुख्यालयों से पोलिंग पार्टियों की रवानगी हुई। जिला स्तरीय अधिकारियों ने पोलिंग पार्टियाें की रवानगी का जायजा लिया।
जिले में आखिरी चरण में कप्तानगंज, दुबौलिया, विक्रमजोत और बहादुरपुर विकास खंड में वोट पड़ेगा। इसके लिए 2061 ग्राम प्रधान और 3099 सदस्य पद के उम्मीदवार मैदान में है।
आखिरी चरण के चार ब्लॉकों के लिए चार सुपर जोनल, चार जोनल और 35 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 2684 कार्मिक मतदान को सकुशल कराने के लिए योजित किए गए हैं। जबकि 270 को आरक्षित रखा गया है।
कप्तानगंज विकास खंड में 64 मतदान केंद्र और 142 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इसमें से 25 सामान्य, 25 संवेदनशील, आठ अतिसंवेदनशील और पांच अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र बने हैं। बहादुरपुर में 97 मतदान केंद्र बने हैं।
इसमें से सामान्य मतदान केंद्र चालीस, संवेदनशील 38, अतिसंवेदनशील 15 और अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र की संख्या तीन है। दुबौलिया में 64 मतदान केंद्र और 135 मतदेय स्थल हैं।
इसमें से सामान्य 19, संवेदनशील 27, अतिसंवेदनशील 12 और अतिसंवेदनशील प्लस 6 मतदान केंद्र है। जबकि विक्रमजोत में 81 मतदान केंद्र और 171 मतदेय स्थल बनाए गए हैं।
इनमें 37 सामान्य, 23 संवेदनशील, 13 अतिसंवेदनशील और सात अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्र हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने अनिल कुमार दमेले ने कहा कि मतदान सकुशल कराने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। कहा कि
संवेदनशील, अतिसंवेदनशील और अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्रों पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को अधिक ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। मतदान में खलल डालने वालाें से सख्ती से निपटा जाएगा। किसी भी पीठासीन
अधिकारी की सूचना के तुरंत बाद कोई न कोई अधिकारी मौके पर पहुंच जाएगा। बूथाें पर पुलिस व सशस्त्र बल भी तैनात हैं जो किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं।
कोहरे ने काम में डाला खलल
मंगलवार को सुबह 11 बजे कोहरा छाया रहा। इसके चलते ब्लॉक मुख्यालयाें से पोलिंग पार्टियों की रवानगी के काम में असुविधा आई। ब्लॉक मुख्यालयों पर कर्मचारी और अधिकारी समय से थोड़ा विलंब से पहुंचे।
छावनी प्रतिनिधि के अनुसार आरओ महेंद्र यादव और बीडीओ एके सिंह की निगरानी में पोलिंग पार्टियों की रवागनी कराई गई। महिलाओं के बैठने के लिए खास व्यवस्था न होने से वे अपने मासूम बच्चाें के साथ जमीन पर बैठकर मतदान सामग्री को संकलित करने को विवश हुईं।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार कोहरे के चलते पोलिंग पार्टियों की रवागनी का काम समय से प्रारंभ नहीं हो पाया था। दिन के बारह बजे तक एक भी पोलिंग पार्टी बूथों की ओर रवाना नहीं हो पाई थीं।
हांलाकि रिटर्निग अधिकारी यूएन प्रधान और बीडीओ सुशील अग्रहरि ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंच कर पार्टियों की रवागनी के अन्य इंतजाम में जुटे रहे। कही वाहनों के समय से न पहुंचने से कर्मियाें को दिक्कत उठानी पड़ी।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार रिटर्निंग अधिकारी जयकृष्ण शुक्ल और बीडीओ प्यारे लाल की निगरानी में पोलिंग पार्टियाें की रवानगी कराई गई। हांलाकि कई कर्मचारी विलंब से पहुंचे। देर से पहुंचने वाले कर्मी हड़बड़ी में दिखे।