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Basti News: पुलिस की हनक पड़ी कमजोर, डीजे के शोर पर नहीं रहा जोर
Tue, 17 Oct 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 17 Oct 2023 01:07 AM IST
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तमाम चेतावनी को नजरअंदाज कर धड़ल्ले से बज रहे कानफोडू डीजे
शांति-सुरक्षा समिति की बैठक में कई बार डीएम और एसपी दे चुके हैं हिदायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मुख्यमंत्री की तमाम चेतावनी और सलाह डीजे बजाने वालों पर बेअसर साबित हो रही है। पुलिस प्रशासन बार-बार न केवल हिदायत दे रहा है, बल्कि कार्रवाई भी की जा रही है। बावजूद इसके कानफोडू डीजे बजाने वालों पर उनकी कोई हनक नहीं देखी जा रही है। कलवारी में रविवार को भी एक पंडाल में निर्धारित ध्वनि से ज्यादा आवाज में डीजे बजता पाया गया। देखा जा रहा है कि ज्यादातर दुर्गा पंडालों में निर्धारित तीव्रता से कई गुना तेज ध्वनि में डीजे बजाए जा रहे हैं।
पंडालों के आसपास के लोगों का कहना है कि उनकी नींद तो हराम हो गई है, बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा सांसत में वृद्ध और बीमार लोग हैं। जिन्हें तीब्र ध्वनि बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होती है। लोगों का कहना है कि अभी तो केवल ग्रामीण क्षेत्र में ही सजे पंडालों में ऐसी हालत है। यदि पुलिस प्रशासन ने अभी से प्रभावी उपाय नहीं कर पाया तो शहर में पंडालों के सजने के बाद तो स्थिति और भी बदतर होती जाएगी।
पुराना डाकखाना निवासी अधिवक्ता अवधेश प्रताप सिंह का कहना है कि कम ध्वनि में देवी गीत या भजन बजाया जाए तो वातावरण भक्तिमय हो जाता है। जो मन को शांति और सुकून देता है। मगर, लोग डीजे पर उसी भजन को रिमिक्स करके इतने तीब्र आवाज में बजाते हैं कि लगता है जैसे कोई सीने पर मुक्का मार रहा हो।
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पांडेय पोखरा निवासी रागिनी बताती हैं कि उनके मोहल्ले में अक्सर बिना त्योहार के ही कुछ लोग पूरी रात डीजे बजाते हैं। वे भजन नहीं, बल्कि कई फूहड़ गाने बार-बार रिवर्स करके बजाते हैं। उनकी ध्वनि और बायब्रेशन इतनी तेज होती है कि सो रहे बच्चे अचानक चौंककर जाग जाते हैं। एक बार नींद खुलने के बाद फिर नींद ही नहीं आती।
...
25 संचालकों पर हो चुकी र्ह कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना करते हुए निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि प्रदूषण पैदा करने के आरोप में पुलिस लगातार कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन ऐसी हनक नहीं बन पा रही है कि लोग खुद से परहेज करना शुरू कर दें। हर्रैया, कोतवाली, पुरानी बस्ती थाने में करीब 25 डीजे संचालकों पर केस दर्ज कराया जा चुका है। बावजूद इसके लोग नहीं मान रहे हैं।
...
शनिवार को दी गई थी चेतावनी
जिले में 2241 दुर्गा पूजा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। बस्ती शहर में 385 प्रतिमाएं हैं। कुल 12 स्थान पर रामलीला का आयोजन हो रहा है। पांच स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। 24 अक्तूबर को बस्ती नगर में कलश यात्रा निकाली जाएगी। 27 अक्तूबर को मुस्लिम भाइयों की ओर से 11वीं शरीफ का जुलूस निकाला जाएगा। लगभग 90 प्रतिशत दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 25 अक्तूबर को किया जाएगा। नगर क्षेत्र की 385 प्रतिमाओं का विसर्जन 30 अक्तूबर को होगा। शनिवार को डीएम ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार प्रत्येक वाहन पर अधिकतम दो डीजे लगाए जा सकेंगे, जिसकी आवाज 60 डेसिबल से अधिक नहीं होगी। निर्देश का उल्लंघन करने पर डीजे संचालक एवं आयोजन समिति पर एफआईआर होगा।
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शांति-सुरक्षा समिति की बैठक में कई बार डीएम और एसपी दे चुके हैं हिदायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मुख्यमंत्री की तमाम चेतावनी और सलाह डीजे बजाने वालों पर बेअसर साबित हो रही है। पुलिस प्रशासन बार-बार न केवल हिदायत दे रहा है, बल्कि कार्रवाई भी की जा रही है। बावजूद इसके कानफोडू डीजे बजाने वालों पर उनकी कोई हनक नहीं देखी जा रही है। कलवारी में रविवार को भी एक पंडाल में निर्धारित ध्वनि से ज्यादा आवाज में डीजे बजता पाया गया। देखा जा रहा है कि ज्यादातर दुर्गा पंडालों में निर्धारित तीव्रता से कई गुना तेज ध्वनि में डीजे बजाए जा रहे हैं।
पंडालों के आसपास के लोगों का कहना है कि उनकी नींद तो हराम हो गई है, बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा सांसत में वृद्ध और बीमार लोग हैं। जिन्हें तीब्र ध्वनि बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होती है। लोगों का कहना है कि अभी तो केवल ग्रामीण क्षेत्र में ही सजे पंडालों में ऐसी हालत है। यदि पुलिस प्रशासन ने अभी से प्रभावी उपाय नहीं कर पाया तो शहर में पंडालों के सजने के बाद तो स्थिति और भी बदतर होती जाएगी।
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पुराना डाकखाना निवासी अधिवक्ता अवधेश प्रताप सिंह का कहना है कि कम ध्वनि में देवी गीत या भजन बजाया जाए तो वातावरण भक्तिमय हो जाता है। जो मन को शांति और सुकून देता है। मगर, लोग डीजे पर उसी भजन को रिमिक्स करके इतने तीब्र आवाज में बजाते हैं कि लगता है जैसे कोई सीने पर मुक्का मार रहा हो।
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पांडेय पोखरा निवासी रागिनी बताती हैं कि उनके मोहल्ले में अक्सर बिना त्योहार के ही कुछ लोग पूरी रात डीजे बजाते हैं। वे भजन नहीं, बल्कि कई फूहड़ गाने बार-बार रिवर्स करके बजाते हैं। उनकी ध्वनि और बायब्रेशन इतनी तेज होती है कि सो रहे बच्चे अचानक चौंककर जाग जाते हैं। एक बार नींद खुलने के बाद फिर नींद ही नहीं आती।
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25 संचालकों पर हो चुकी र्ह कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना करते हुए निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि प्रदूषण पैदा करने के आरोप में पुलिस लगातार कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन ऐसी हनक नहीं बन पा रही है कि लोग खुद से परहेज करना शुरू कर दें। हर्रैया, कोतवाली, पुरानी बस्ती थाने में करीब 25 डीजे संचालकों पर केस दर्ज कराया जा चुका है। बावजूद इसके लोग नहीं मान रहे हैं।
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शनिवार को दी गई थी चेतावनी
जिले में 2241 दुर्गा पूजा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। बस्ती शहर में 385 प्रतिमाएं हैं। कुल 12 स्थान पर रामलीला का आयोजन हो रहा है। पांच स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। 24 अक्तूबर को बस्ती नगर में कलश यात्रा निकाली जाएगी। 27 अक्तूबर को मुस्लिम भाइयों की ओर से 11वीं शरीफ का जुलूस निकाला जाएगा। लगभग 90 प्रतिशत दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 25 अक्तूबर को किया जाएगा। नगर क्षेत्र की 385 प्रतिमाओं का विसर्जन 30 अक्तूबर को होगा। शनिवार को डीएम ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार प्रत्येक वाहन पर अधिकतम दो डीजे लगाए जा सकेंगे, जिसकी आवाज 60 डेसिबल से अधिक नहीं होगी। निर्देश का उल्लंघन करने पर डीजे संचालक एवं आयोजन समिति पर एफआईआर होगा।