{"_id":"61310eff8ebc3e0b132f2f25","slug":"police-will-conduct-dna-test-to-identify-hell-basti-news-gkp407722386","type":"story","status":"publish","title_hn":"नरकंकाल की पहचान के लिए डीएनए जांच कराएगी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नरकंकाल की पहचान के लिए डीएनए जांच कराएगी पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरकंकाल की पहचान के लिए डीएनए जांच कराएगी पुलिस
ओपेक हॉस्पिटल की लिफ्ट की मरम्मत के दौरान मिला था
फोरेंसिक टीम ने सील किया कंकाल का जरूरी हिस्सा
बस्ती। ओपेक हॉस्पिटल कैली की लिफ्ट में बुधवार देर शाम मिले नर कंकाल की पहचान नहीं हो सकी। इसके लिए कंकाल का नमूना डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि लिफ्ट मरम्मत के दौरान मिले नरकंकाल का डीएनए फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। जिले की फोरेंसिक टीम व फील्ड यूनिट ने जरूरी साक्ष्य सील किया है।
ओपेक हॉस्पिटल कैली के आर्थोपेडिक वार्ड के पास लगी दो लिफ्ट में इन दिनों मरम्मत का काम चल रहा है। बुधवार शाम मजदूरों ने नर कंकाल देखा। आननफानन में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर मनोज कुमार को सूचना दी गई। प्राचार्य की सूचना पर थोड़ी ही देर में एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, कोतवाल शिवाकांत मिश्रा, सोनूपार चौकी इंचार्ज राम भवन प्रजापति व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पाया गया कि मृतक के शव का अधिकांश हिस्सा कंकाल में बदल चुका है। नरकंकाल से मिले कुछ कपड़ों और एक बैग को भी साक्ष्य के तौर पर एकत्र किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।
24 साल से बंद था वह हिस्सा
हॉस्पिटल सूत्रों के मुताबिक 1997 के आसपास से लिफ्ट का यह हिस्सा पूरी तरह से पैक था। बंद पड़े उस हिस्से में कभी कोई नहीं गया। ऐसे में माना जा रहा है कि उसी समय का यह शव होगा। एएसपी ने बताया कि उस दौर के गुमशुदगी के दर्ज मुकदमों को भी खंगाला जा रहा है, जिससे मृतक की पहचान को सामने लाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
ओपेक हॉस्पिटल की लिफ्ट की मरम्मत के दौरान मिला था
फोरेंसिक टीम ने सील किया कंकाल का जरूरी हिस्सा
बस्ती। ओपेक हॉस्पिटल कैली की लिफ्ट में बुधवार देर शाम मिले नर कंकाल की पहचान नहीं हो सकी। इसके लिए कंकाल का नमूना डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि लिफ्ट मरम्मत के दौरान मिले नरकंकाल का डीएनए फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। जिले की फोरेंसिक टीम व फील्ड यूनिट ने जरूरी साक्ष्य सील किया है।
ओपेक हॉस्पिटल कैली के आर्थोपेडिक वार्ड के पास लगी दो लिफ्ट में इन दिनों मरम्मत का काम चल रहा है। बुधवार शाम मजदूरों ने नर कंकाल देखा। आननफानन में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर मनोज कुमार को सूचना दी गई। प्राचार्य की सूचना पर थोड़ी ही देर में एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, कोतवाल शिवाकांत मिश्रा, सोनूपार चौकी इंचार्ज राम भवन प्रजापति व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पाया गया कि मृतक के शव का अधिकांश हिस्सा कंकाल में बदल चुका है। नरकंकाल से मिले कुछ कपड़ों और एक बैग को भी साक्ष्य के तौर पर एकत्र किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।
विज्ञापन
24 साल से बंद था वह हिस्सा
हॉस्पिटल सूत्रों के मुताबिक 1997 के आसपास से लिफ्ट का यह हिस्सा पूरी तरह से पैक था। बंद पड़े उस हिस्से में कभी कोई नहीं गया। ऐसे में माना जा रहा है कि उसी समय का यह शव होगा। एएसपी ने बताया कि उस दौर के गुमशुदगी के दर्ज मुकदमों को भी खंगाला जा रहा है, जिससे मृतक की पहचान को सामने लाया जा सके।
विज्ञापन