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Basti News: कुर्की पर पुलिस फिर बैकफुट, डीएम को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश
Sun, 21 Jan 2024 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 21 Jan 2024 12:32 AM IST
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अमरमणि प्रकरण : व्यापारी के बेटे के अपहरण मामले में चल रही है कुर्की की कार्रवाई
संपत्तियों के बारे में न्यायालय ने स्थिति स्पष्ट करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपहरण मामले में फरार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों की कुर्की करने में पुलिस अब तक नाकाम रही। शनिवार को केस की सुनवाई के दौरान पुलिस ने लखनऊ, गोरखपुर, महराजगंज व बस्ती के जिलाधिकारी से पत्राचार करने की रिपोर्ट पेश की। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए)/ सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने जिलाधिकारी बस्ती को निर्देश दिए कि वह स्थिति स्पष्ट करें कि अमरमणि त्रिपाठी की बस्ती जनपद में कोई चल या अचल संपत्ति है या नहीं। ताकि महराजगंज और लखनऊ में आरोपी की संपत्ति कुर्क करने के संबंध में प्रमुख सचिव गृह को निर्देशित किया जा सके। केस की अगली सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तिथि तय की गई है।
छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल के अपहरण केस में कोतवाल चंदन कुमार की तरफ से न्यायालय में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरमणि त्रिपाठी निवासी 19 ए हुमायुपुर दक्षिण थाना कोतवाली, जिला गोरखपुर के समस्त चल अचल संपत्ति का पता कर कुर्की किए जाने का दो दिसंबर को आदेश जारी किया गया था।
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में संबंधित विभागों से चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने के लिए जनपद गोरखपुर, महराजगंज एवं जनपद लखनऊ से पत्राचार किया गया था। एकत्रित सूचना के अनुसार आरोपी अमरमणि त्रिपाठी की कोई चल संपत्ति नहीं पाई गई। महराजगंज व लखनऊ में दो अचल संपत्ति पाई गई। उक्त दोनों संपत्तियां जिलाधिकारी बस्ती के अधिकार क्षेत्र से बाहर की हैं। ऐसे में न्यायालय ने जिलाधिकारी से स्थिति स्पष्ट करने को निर्देशित किया है।
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यह है मामला
छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। इस मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में अमरमणि समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह तत्कालीन मंत्री अमरमणि का था। अमरमणि के खिलाफ 24 अक्तूबर 2011 से गैर जमानती वारंट जारी है। तीन नवंबर 2023 को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बस्ती कोतवाली पुलिस को सीआरपीसी-82 की कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इस मामले में अंतिम सुनवाई आठ दिसंबर को की गई थी। जिसमें कोतवाली पुलिस को कुर्की करके 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख तय की गई थी। 20 दिसंबर को सुनवाई नहीं हो सकी और 10 जनवरी की तारीख मुकर्रर की गई थी। जिस पर पुलिस ने 10 दिन की मोहलत मांगी थी।
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संपत्तियों के बारे में न्यायालय ने स्थिति स्पष्ट करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपहरण मामले में फरार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों की कुर्की करने में पुलिस अब तक नाकाम रही। शनिवार को केस की सुनवाई के दौरान पुलिस ने लखनऊ, गोरखपुर, महराजगंज व बस्ती के जिलाधिकारी से पत्राचार करने की रिपोर्ट पेश की। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए)/ सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने जिलाधिकारी बस्ती को निर्देश दिए कि वह स्थिति स्पष्ट करें कि अमरमणि त्रिपाठी की बस्ती जनपद में कोई चल या अचल संपत्ति है या नहीं। ताकि महराजगंज और लखनऊ में आरोपी की संपत्ति कुर्क करने के संबंध में प्रमुख सचिव गृह को निर्देशित किया जा सके। केस की अगली सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तिथि तय की गई है।
छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल के अपहरण केस में कोतवाल चंदन कुमार की तरफ से न्यायालय में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरमणि त्रिपाठी निवासी 19 ए हुमायुपुर दक्षिण थाना कोतवाली, जिला गोरखपुर के समस्त चल अचल संपत्ति का पता कर कुर्की किए जाने का दो दिसंबर को आदेश जारी किया गया था।
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कोर्ट के आदेश के अनुपालन में संबंधित विभागों से चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने के लिए जनपद गोरखपुर, महराजगंज एवं जनपद लखनऊ से पत्राचार किया गया था। एकत्रित सूचना के अनुसार आरोपी अमरमणि त्रिपाठी की कोई चल संपत्ति नहीं पाई गई। महराजगंज व लखनऊ में दो अचल संपत्ति पाई गई। उक्त दोनों संपत्तियां जिलाधिकारी बस्ती के अधिकार क्षेत्र से बाहर की हैं। ऐसे में न्यायालय ने जिलाधिकारी से स्थिति स्पष्ट करने को निर्देशित किया है।
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यह है मामला
छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। इस मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में अमरमणि समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह तत्कालीन मंत्री अमरमणि का था। अमरमणि के खिलाफ 24 अक्तूबर 2011 से गैर जमानती वारंट जारी है। तीन नवंबर 2023 को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बस्ती कोतवाली पुलिस को सीआरपीसी-82 की कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इस मामले में अंतिम सुनवाई आठ दिसंबर को की गई थी। जिसमें कोतवाली पुलिस को कुर्की करके 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख तय की गई थी। 20 दिसंबर को सुनवाई नहीं हो सकी और 10 जनवरी की तारीख मुकर्रर की गई थी। जिस पर पुलिस ने 10 दिन की मोहलत मांगी थी।