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पीएम सम्मान निधि : 27,642 मृतकों के आश्रितों से होगी वसूली
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पीएम सम्मान निधि : 27,642 मृतकों के आश्रितों से होगी वसूली
बस्ती। जिले की चारों तहसीलों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का भूलेख अंकन का काम चल रहा है। इसमें अब तक 27,642 मृतकों और 17,371 भूमिहीनों के नाम से योजना की किस्तें प्राप्त करने की पुष्टि हुई है। अब कृषि विभाग ऐसे मृतकों के आश्रितों और भूमिहीन से किस्तों की रकम की वसूली की तैयार कर रहा है। विभाग इनके नाम पर प्राप्त की गईं किस्तों की गणना कराकर वसूली करेगा।
कृषि विभाग ने पीएम किसान पोर्टल से 4,76,543 पंजीकृत किसानों का डाटा हर्रैया, भानपुर, रुधौली व सदर तहसील में भूलेख अंकन के लिए भेजा है। तहसीलों की ओर से अब तक 3,77,478 किसानों का भूलेख अंकन किया जा चुका है। 4,22,491 किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है। सत्यापन के दौरान मृतक और भूमिहीन किसानों को चिह्नित किया गया। उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि भूलेख अंकन का काम अभी चल रहा है। ऐसे में मृतक और भूमिहीनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। सत्यापन पूरा होने के बाद मृतकों के आश्रितों और भूमिहीन किसानों की प्राप्त किस्तों की गणना शुरू कराई जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप अनुचित लाभ लेने वालों के विरुद्ध शासनादेश के अनुसार वसूली शुरू कराई जाएगी।
पहेली बना भूमिहीनों का पंजीकरण
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में सिर्फ किसानों को ही लाभ दिया जाना है। इसमें भूमिहीनों का पंजीकरण कैसे हुआ, यह पहेली बना है। जानकार बताते हैं कि भूमिहीन लोगों की ओर से कूटरचित तरीके से अभिलेख प्रस्तुत कर योजना के शुरुआती दौर में पंजीकरण करा लिया गया। कुछ बताते हैं कि लेखपालों की तरफ से गलत सत्यापन कर उन्हें पात्र बनाया गया। खैर, जो भी हो, यह प्रशासन और कृषि विभाग के लिए जांच का विषय है।
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उल्लेखनीय है कि योजना में पंजीकरण से पहले किसानों को हलका लेखपाल से जमीन का सत्यापन कराकर रिपोर्ट लगवानी होती है। एडीएम ने बताया कि राजस्व का काम उपलब्ध डाटा को सत्यापित करके कृषि विभाग को उपलब्ध कराना है। भूमिहीनों को लाभ कैसे मिला, इसकी जांच कृषि विभाग को करानी होगी।
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बस्ती। जिले की चारों तहसीलों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का भूलेख अंकन का काम चल रहा है। इसमें अब तक 27,642 मृतकों और 17,371 भूमिहीनों के नाम से योजना की किस्तें प्राप्त करने की पुष्टि हुई है। अब कृषि विभाग ऐसे मृतकों के आश्रितों और भूमिहीन से किस्तों की रकम की वसूली की तैयार कर रहा है। विभाग इनके नाम पर प्राप्त की गईं किस्तों की गणना कराकर वसूली करेगा।
कृषि विभाग ने पीएम किसान पोर्टल से 4,76,543 पंजीकृत किसानों का डाटा हर्रैया, भानपुर, रुधौली व सदर तहसील में भूलेख अंकन के लिए भेजा है। तहसीलों की ओर से अब तक 3,77,478 किसानों का भूलेख अंकन किया जा चुका है। 4,22,491 किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है। सत्यापन के दौरान मृतक और भूमिहीन किसानों को चिह्नित किया गया। उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि भूलेख अंकन का काम अभी चल रहा है। ऐसे में मृतक और भूमिहीनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। सत्यापन पूरा होने के बाद मृतकों के आश्रितों और भूमिहीन किसानों की प्राप्त किस्तों की गणना शुरू कराई जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप अनुचित लाभ लेने वालों के विरुद्ध शासनादेश के अनुसार वसूली शुरू कराई जाएगी।
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पहेली बना भूमिहीनों का पंजीकरण
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में सिर्फ किसानों को ही लाभ दिया जाना है। इसमें भूमिहीनों का पंजीकरण कैसे हुआ, यह पहेली बना है। जानकार बताते हैं कि भूमिहीन लोगों की ओर से कूटरचित तरीके से अभिलेख प्रस्तुत कर योजना के शुरुआती दौर में पंजीकरण करा लिया गया। कुछ बताते हैं कि लेखपालों की तरफ से गलत सत्यापन कर उन्हें पात्र बनाया गया। खैर, जो भी हो, यह प्रशासन और कृषि विभाग के लिए जांच का विषय है।
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उल्लेखनीय है कि योजना में पंजीकरण से पहले किसानों को हलका लेखपाल से जमीन का सत्यापन कराकर रिपोर्ट लगवानी होती है। एडीएम ने बताया कि राजस्व का काम उपलब्ध डाटा को सत्यापित करके कृषि विभाग को उपलब्ध कराना है। भूमिहीनों को लाभ कैसे मिला, इसकी जांच कृषि विभाग को करानी होगी।