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सूची से गायब हुआ पात्रों का नाम, अपात्र बन गए पीएम आवास के हकदार

Wed, 29 Jun 2022 11:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:39 PM IST
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PM AWAS10 got inspite of 7
पीएम आवास : पात्रता सूची से जरूरतमंदों का नाम बाहर
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जरूरतमंद सात पात्रों की जगह दस अपात्रों को दिया गया है प्रधानमंत्री आवास
जिम्मेदारों की अनदेखी से जिले के कुदरहा ब्लॉक के कड़सरी मिश्र गांव में हुआ खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कुदरहा ब्लॉक के कड़सरी मिश्र गांव में पीएम आवास में खूब खेल हुआ है। यहां सात पात्र जरूरतमंदों को पीएम आवास की सूची से बाहर कर दस अपात्रों को जगह दे दी गई। उसमें से तीन तो योजना का लाभ भी ले चुके हैं। हालांकि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से हुई है लेकिन, इस पर किसी ने कोई कदम नहीं उठाया। परिणामस्वरूप अब तक जांच की भी जिम्मेदारों ने जहमत नहीं उठाई है। अब जब बारिश का मौसम सिर पर है तो गरीब जरूरतमंद छप्पर में ही रात बिताएंगे। कड़सरी मिश्र गांव के श्रवण कुमार मिश्र का नाम प्रधानमंत्री आवास प्लस की सूची में क्रमांक 13 पर था। करीब एक वर्ष पहले उनका नाम पात्रता सूची से हटा दिया गया। पात्र के कई बार पूछने के बाद भी सचिव ने न तो योजना से वंचित करने का कारण बताया और न ही कहीं सूची चस्पा किया। जिम्मेदारों के मनमानी के कारण श्रवण कुमार का परिवार वर्तमान समय में भी छप्पर के मकान में रहने को मजबूर हैं। छप्पर के घर में टाट का पर्दा कर तीन बेटियां एक बेटा व पति पत्नी किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं। यही हाल गांव के जरूरतमंद बाल गोविंद का भी है। पीएम आवास की सूची में क्रमांक 123 पर इनका नाम था। परिवार को उम्मीद थी कि अब उन्हें पक्की छत मिलेगी। लेकिन, आवास मिलने से पहले ही जिम्मेदारों ने सूची से ही बेदखल कर दिया।
गोविंद ने शपथ पत्र के साथ पीडी डीआरडीए कमलेश कुमार सोनी से ग्राम प्रधान व तत्कालीन सचिव की शिकायत कर जांच की मांग की है। गांव के राजमति पत्नी रामचेत, बृजमोहन पुत्र सीताराम, शांति पत्नी राम सजन, कमलावती पत्नी श्रीराम व नेबू लाल पुत्र फौजदार सहित कई लोग जो पात्र हैं। आवास सूची में नाम भी था, मगर उन्हें बिना कारण बताए सूची से हटा दिया गया।
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बोले, सीडीओ
सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति ने कहा कि मामला संज्ञान में है। इस मामले की जांच कराई जाएगी कि आखिर पात्रों का सूची से नाम कैसे हट गया। दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
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बोले, परियोजना निदेशक
परियोजना निदेशक कमलेश सोनी ने कहा कि शिकायत मिली है। इसकी जांच के लिए किसी को नोडल नियुक्त कर दिया जाएगा जिससे दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। शीघ्र ही पोर्टल खुलने वाला है पात्र दोबारा आवेदन करें उन्हें लाभ मिलेगा।
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