{"_id":"6186bddd8f141a36b96d8abe","slug":"plant-was-born-sugarcane-basti-news-gkp415441634","type":"story","status":"publish","title_hn":"पौधे से उगाए जाएंगे गन्ने, मिल ने तैयार किए 10 लाख पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पौधे से उगाए जाएंगे गन्ने, मिल ने तैयार किए 10 लाख पौधे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौधे से उगाए जाएंगे गन्ने, मिल ने तैयार किए 10 लाख पौधे
- 50 प्रतिशत अनुदान के बाद 1.50 रुपये का मिलेगा एक पौधा
- डेढ़ हजार हेक्टेयर में की जाएगी शरदकालीन गन्ने की बुवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/मुंडेरवा। चीनी मिल प्रबंधन ने उन्नत प्रजाति के गन्ने के पौधे तैयार किए हैं। यह पौधे शरदाकालीन गन्ना बुवाई के लिए किसानों में वितरित किए जाएंगे। यह पौधे लागत कम करने व उत्पादन बढ़ाने में कारगर माने जा रहे हैं। इन पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है।
शरदकालीन गन्ना बुवाई लक्ष्य आसानी से प्राप्त करने के लिए मिल प्रबंधन अब किसानों को पौध वितरित करेगा। बुवाई के लिए जिम्मेदार कार्यदायी संस्था एलएसएस ने करीब दस लाख गन्ने की पौध तैयार किया है। मिल प्रधान प्रबंधक ब्रजेंद्र द्विवेदी ने कहा बताया कि इस बार डेढ़ हजार हेक्टेयर रकबे में शरद कालीन गन्ना बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। तैयार गन्ने का एक पौधा किसानों को डेढ़ रुपये की दर से वितरित किया जा रहा है।
--------
हासिल किया बगास में नर्सरी तैयार करने का कीर्तिमान
चीनी मिल प्रबंधन की मदद से क्षेत्र में कई किसानों ने गन्ने की नर्सरी तैयार किया है। चीनी मिल परिसर के एक बड़े हिस्से में भी नर्सरी डाली गई है। मिल प्रधान प्रबंधक ने बताया कि नर्सरी तैयार करने में कुछ नया प्रयोग किया गया है। मिल परिसर में तैयार नर्सरी में मिट्टी की जगह बगास का उपयोग किया गया है। बगास में गन्ने की पौध तैयार करने के मामले में मुंडेरवा प्रदेश की पहली चीनी मिल है।
विज्ञापन
---------
पौधे की बुवाई से 40 प्रतिशत अधिक उत्पादन
नर्सरी में तैयार किए गए पौधे 40 प्रतिशत अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं। मिल प्रधान प्रबंधक ने बताया कि एक पौधे से औसतन आधा दर्जन गन्ने तैयार होंगे। पारंपरिक बुवाई की अपेक्षा पौधे और लागत दोनों कम लगेंगे। पौध विधि से गन्ने की खेती आय बढ़ाने में भी कारगर साबित होगी।
विज्ञापन
- 50 प्रतिशत अनुदान के बाद 1.50 रुपये का मिलेगा एक पौधा
- डेढ़ हजार हेक्टेयर में की जाएगी शरदकालीन गन्ने की बुवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/मुंडेरवा। चीनी मिल प्रबंधन ने उन्नत प्रजाति के गन्ने के पौधे तैयार किए हैं। यह पौधे शरदाकालीन गन्ना बुवाई के लिए किसानों में वितरित किए जाएंगे। यह पौधे लागत कम करने व उत्पादन बढ़ाने में कारगर माने जा रहे हैं। इन पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है।
शरदकालीन गन्ना बुवाई लक्ष्य आसानी से प्राप्त करने के लिए मिल प्रबंधन अब किसानों को पौध वितरित करेगा। बुवाई के लिए जिम्मेदार कार्यदायी संस्था एलएसएस ने करीब दस लाख गन्ने की पौध तैयार किया है। मिल प्रधान प्रबंधक ब्रजेंद्र द्विवेदी ने कहा बताया कि इस बार डेढ़ हजार हेक्टेयर रकबे में शरद कालीन गन्ना बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। तैयार गन्ने का एक पौधा किसानों को डेढ़ रुपये की दर से वितरित किया जा रहा है।
विज्ञापन
--------
हासिल किया बगास में नर्सरी तैयार करने का कीर्तिमान
चीनी मिल प्रबंधन की मदद से क्षेत्र में कई किसानों ने गन्ने की नर्सरी तैयार किया है। चीनी मिल परिसर के एक बड़े हिस्से में भी नर्सरी डाली गई है। मिल प्रधान प्रबंधक ने बताया कि नर्सरी तैयार करने में कुछ नया प्रयोग किया गया है। मिल परिसर में तैयार नर्सरी में मिट्टी की जगह बगास का उपयोग किया गया है। बगास में गन्ने की पौध तैयार करने के मामले में मुंडेरवा प्रदेश की पहली चीनी मिल है।
विज्ञापन
---------
पौधे की बुवाई से 40 प्रतिशत अधिक उत्पादन
नर्सरी में तैयार किए गए पौधे 40 प्रतिशत अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं। मिल प्रधान प्रबंधक ने बताया कि एक पौधे से औसतन आधा दर्जन गन्ने तैयार होंगे। पारंपरिक बुवाई की अपेक्षा पौधे और लागत दोनों कम लगेंगे। पौध विधि से गन्ने की खेती आय बढ़ाने में भी कारगर साबित होगी।