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पिपराती बंधे पर खतरा
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:45 PM IST
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पिपरपाती घाघरा तटबंध बचाने के लिए बने स्पर पांच पर हो रहा कटान ।
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घटती घाघरा कोहराम मचाने को आतुर दिख रही है। पिपराती तटबंध के 500 मीटर में जगह-जगह कटान हो रही है। ठोकर नंबर पांच कटने की सूचना पर शनिवार को डीएम, एसपी, एसडीएम और एक्सईएन जायजा लेने पहुंचे।
पिपरपाती गांव के दक्षिण में 2013 में शुरू हुई कटान के बाद चार सालों में विभाग 25 स्पर बनाए। वहीं नदी सभी प्रयासों को रौदती हुई तटबंध को निगलने पहुंच गई। इस साल बंधे को बचाने के लिए बने स्परों (ठोकर) में से दो से छह तक कटान के चलते अस्तित्व खो चुके हैं। शनिवार सुबह नौ बजे एक बार फिर कटान से पांच नंबर ठोकर का बड़ा हिस्सा कट कर धारा में समा गया।
घाघरा के ताबड़तोड़ कटान से तटबंध के अस्तित्व पर खतरे का मड़राता बादल देख शनिवार को जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह पटेल और पुलिस अधीक्षक कृपाशंकर सिंह मौके पहुंचे। जगह जगह हो रहे कटान एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा कि बंधे की हालत संवेदनशील बनी हुई है। जलस्तर घटने से समस्या फिलहाल टल गई लेकिन जल स्तर बढ़ने पर खतरा बढ़ सकता है। बस्ती और संत कबीर नगर के 50 गांव प्रभावित हो सकते हैं। राजस्व टीम को जहां सतर्क कर दिया गया है वहीं बंधे को कटने से बचाने के लिए धन का मांग की गई है।
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पिपरपाती गांव के दक्षिण में 2013 में शुरू हुई कटान के बाद चार सालों में विभाग 25 स्पर बनाए। वहीं नदी सभी प्रयासों को रौदती हुई तटबंध को निगलने पहुंच गई। इस साल बंधे को बचाने के लिए बने स्परों (ठोकर) में से दो से छह तक कटान के चलते अस्तित्व खो चुके हैं। शनिवार सुबह नौ बजे एक बार फिर कटान से पांच नंबर ठोकर का बड़ा हिस्सा कट कर धारा में समा गया।
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घाघरा के ताबड़तोड़ कटान से तटबंध के अस्तित्व पर खतरे का मड़राता बादल देख शनिवार को जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह पटेल और पुलिस अधीक्षक कृपाशंकर सिंह मौके पहुंचे। जगह जगह हो रहे कटान एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा कि बंधे की हालत संवेदनशील बनी हुई है। जलस्तर घटने से समस्या फिलहाल टल गई लेकिन जल स्तर बढ़ने पर खतरा बढ़ सकता है। बस्ती और संत कबीर नगर के 50 गांव प्रभावित हो सकते हैं। राजस्व टीम को जहां सतर्क कर दिया गया है वहीं बंधे को कटने से बचाने के लिए धन का मांग की गई है।
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