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पक्षियों की लगातार हो रही मौत से सहमे लोग
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पक्षियों की लगातार हो रही मौत से सहमे लोग
बस्ती। बर्ड फ्लू के खतरे के बीच जिले में पक्षियों की हो रही लगातार मौत से लोग सहमे हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक जितने भी पक्षी मरे हैं, उनमें से किसी में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में सभी की मौत की वजह ठंड को बताया गया है।
बता दें कि बर्ड फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन की ओर से पशुपालन, वन, पंचायती राज, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए रैपिड रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पशुपालन व वन विभाग को आपसी तालमेल से बर्ड फ्लू से संबंधित सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दे रखा है।
चंदो ताल तथा पचवस में बड़े तालाब हैं, जहां विदेशी पक्षी आते हैं। ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उनकी बीट को लैब में जांच के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बर्ड फ्लू से रोकथाम व बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
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डीएफओ नवीन शाक्य ने बताया कि बहुत अधिक संख्या में पक्षियों का कम समय में मर जाना, पक्षियों का सुस्त हो जाना, आहार में अरुचि, पंखों का अचानक गिरना, अंडा उत्पादन में कमी, सांस लेने में कठिनाई, सिमट कर बैठना, सिर तथा लोलक का नीला पड़ जाना, टांगों पर खून के चकते, घरघराहट की आवाज, नाक या मुंह से पानी निकलना पक्षियों में बर्ड फ्लू के पाए जाने वाले लक्षण हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि पक्षियों की मौत या किसी अन्य स्थिति में सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर कोई भी सूचना दे सकता है। पशुपालन विभाग, स्थानीय पशु चिकित्सालय, कंट्रोल रूम के फोन नंबर 9415278493 पर सूचित करें। बर्ड फ्लू से संबंधित सूचना प्रभागीय वन अधिकारी 7839435128, डीपीआरओ 7599396160 को भी दी जा सकती है।
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बस्ती। बर्ड फ्लू के खतरे के बीच जिले में पक्षियों की हो रही लगातार मौत से लोग सहमे हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक जितने भी पक्षी मरे हैं, उनमें से किसी में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में सभी की मौत की वजह ठंड को बताया गया है।
बता दें कि बर्ड फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन की ओर से पशुपालन, वन, पंचायती राज, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए रैपिड रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पशुपालन व वन विभाग को आपसी तालमेल से बर्ड फ्लू से संबंधित सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दे रखा है।
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चंदो ताल तथा पचवस में बड़े तालाब हैं, जहां विदेशी पक्षी आते हैं। ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उनकी बीट को लैब में जांच के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बर्ड फ्लू से रोकथाम व बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
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डीएफओ नवीन शाक्य ने बताया कि बहुत अधिक संख्या में पक्षियों का कम समय में मर जाना, पक्षियों का सुस्त हो जाना, आहार में अरुचि, पंखों का अचानक गिरना, अंडा उत्पादन में कमी, सांस लेने में कठिनाई, सिमट कर बैठना, सिर तथा लोलक का नीला पड़ जाना, टांगों पर खून के चकते, घरघराहट की आवाज, नाक या मुंह से पानी निकलना पक्षियों में बर्ड फ्लू के पाए जाने वाले लक्षण हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि पक्षियों की मौत या किसी अन्य स्थिति में सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर कोई भी सूचना दे सकता है। पशुपालन विभाग, स्थानीय पशु चिकित्सालय, कंट्रोल रूम के फोन नंबर 9415278493 पर सूचित करें। बर्ड फ्लू से संबंधित सूचना प्रभागीय वन अधिकारी 7839435128, डीपीआरओ 7599396160 को भी दी जा सकती है।