फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Peace in Amodha town, light incharge line spot

अमोढ़ा कस्बे में शांति, हल्का इंचार्ज लाइन हाजिर

Thu, 10 Oct 2019 11:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2019 11:54 PM IST
विज्ञापन
Peace in Amodha town, light incharge line spot
अमोढ़ा कस्बे में शांति, हल्का इंचार्ज लाइन हाजिर
विज्ञापन

फालोअप
प्रतिमा विसर्जन के रास्ते में मांस का टुकड़ा मिलने पर हुआ था उपद्रव
छावनी थानेदार ने 400 अज्ञात लोगों पर दर्ज कराया है मुकदमा
दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी के बाद तैनात की गई थी फोर्स
राजेश सिंह
विक्रमजोत। मंगलवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रास्ते में मांस के टुकड़े मिलने के बाद हुए बवाल से अमोढ़ा कस्बे में भारी संख्या में फोर्स लगा दी गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को स्थिति पूर्णतया सामान्य हो गई। तीन एसआई सहित दर्जनभर पुलिसकर्मी कैंप कर रहे हैं। घटना के बाद हल्का दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
थानाध्यक्ष रणविजय सिंह की तहरीर पर करीब 400 अज्ञात पर मारपीट, बलवा आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। वहीं बचजार में चहल-पहल पहले लौट आई है। घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों का कहना है कि बवाल वाले दिन भयावह मंजर था। यदि मीट और सरकारी शराब की दुकानें पहले ही बंद करा दी गई होतीं तो यह नौबत ही नहीं आता।
विज्ञापन

बलिदान के लिए चर्चित था अमोढ़ा
कभी आन बान शान के लिए राजा जालिम सिंह शहीद हो गए। उनके त्याग-बलिदान की कहानी किसी से छिपी नहीं है। ब्रिटिश हुकुमत भी थर्राती थी। अमोढ़ा बाजार में कोटही मां का स्थान राजा साहब के कोट चतुर्भुज मंदिर के लिए जाना जाता है। 2015-16 में अमोढ़ा को भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी ने आदर्श ग्राम भी घोषित कराया था, लेकिन समुचित विकास नहीं हो पाया। यह कस्बा 12 पुरवों में बसा है। लगभग साढे़ छह हजार लोग रहते हैं। हियुवा के ब्लॉक अध्यक्ष माताप्रसाद ने तीन दिन पहले भी विक्रमजोत एवं छावनी कस्बे की मांस की दुकानें बंद कराने का अनुरोध किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

हियुवा ने एसओ पर लगाया आरोप
मंगलवार रात अमोढ़ा में बवाल के बाद एसओ छावनी को लेकर लोगों में नाराजगी है। हियुवा नेता विजय कुमार पांडेय आदि ने कुछ उपद्रवियों को नामजद करते हुए तहरीर बुधवार को एसओ छावनी को देकर विधिक कार्रवाई की मांग की थी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश के डीजीपी को शिकायती पत्र भेजा। कहा कि इस प्रकरण में बात करने पर एसओ छावनी ने स्पष्ट जानकारी न देकर केवल इतना कहा कि उचित कार्रवाई हो रही है, जबकि सीओ हर्रैया ने बताया कि एफआईआर दर्ज हो गई है। हियुवा नेता विजय कुमार पांडेय का कहना है कि एसओ छावनी की भूमिका पर संदेह है। वह मात्र मामले में टाल-मटोल कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि नामजद को अज्ञात में तब्दील करना साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो धरना-प्रदर्शन का सहारा लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed