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अमोढ़ा कस्बे में शांति, हल्का इंचार्ज लाइन हाजिर
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अमोढ़ा कस्बे में शांति, हल्का इंचार्ज लाइन हाजिर
फालोअप
प्रतिमा विसर्जन के रास्ते में मांस का टुकड़ा मिलने पर हुआ था उपद्रव
छावनी थानेदार ने 400 अज्ञात लोगों पर दर्ज कराया है मुकदमा
दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी के बाद तैनात की गई थी फोर्स
राजेश सिंह
विक्रमजोत। मंगलवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रास्ते में मांस के टुकड़े मिलने के बाद हुए बवाल से अमोढ़ा कस्बे में भारी संख्या में फोर्स लगा दी गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को स्थिति पूर्णतया सामान्य हो गई। तीन एसआई सहित दर्जनभर पुलिसकर्मी कैंप कर रहे हैं। घटना के बाद हल्का दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
थानाध्यक्ष रणविजय सिंह की तहरीर पर करीब 400 अज्ञात पर मारपीट, बलवा आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। वहीं बचजार में चहल-पहल पहले लौट आई है। घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों का कहना है कि बवाल वाले दिन भयावह मंजर था। यदि मीट और सरकारी शराब की दुकानें पहले ही बंद करा दी गई होतीं तो यह नौबत ही नहीं आता।
बलिदान के लिए चर्चित था अमोढ़ा
कभी आन बान शान के लिए राजा जालिम सिंह शहीद हो गए। उनके त्याग-बलिदान की कहानी किसी से छिपी नहीं है। ब्रिटिश हुकुमत भी थर्राती थी। अमोढ़ा बाजार में कोटही मां का स्थान राजा साहब के कोट चतुर्भुज मंदिर के लिए जाना जाता है। 2015-16 में अमोढ़ा को भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी ने आदर्श ग्राम भी घोषित कराया था, लेकिन समुचित विकास नहीं हो पाया। यह कस्बा 12 पुरवों में बसा है। लगभग साढे़ छह हजार लोग रहते हैं। हियुवा के ब्लॉक अध्यक्ष माताप्रसाद ने तीन दिन पहले भी विक्रमजोत एवं छावनी कस्बे की मांस की दुकानें बंद कराने का अनुरोध किया था।
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हियुवा ने एसओ पर लगाया आरोप
मंगलवार रात अमोढ़ा में बवाल के बाद एसओ छावनी को लेकर लोगों में नाराजगी है। हियुवा नेता विजय कुमार पांडेय आदि ने कुछ उपद्रवियों को नामजद करते हुए तहरीर बुधवार को एसओ छावनी को देकर विधिक कार्रवाई की मांग की थी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश के डीजीपी को शिकायती पत्र भेजा। कहा कि इस प्रकरण में बात करने पर एसओ छावनी ने स्पष्ट जानकारी न देकर केवल इतना कहा कि उचित कार्रवाई हो रही है, जबकि सीओ हर्रैया ने बताया कि एफआईआर दर्ज हो गई है। हियुवा नेता विजय कुमार पांडेय का कहना है कि एसओ छावनी की भूमिका पर संदेह है। वह मात्र मामले में टाल-मटोल कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि नामजद को अज्ञात में तब्दील करना साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो धरना-प्रदर्शन का सहारा लिया जाएगा।
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फालोअप
प्रतिमा विसर्जन के रास्ते में मांस का टुकड़ा मिलने पर हुआ था उपद्रव
छावनी थानेदार ने 400 अज्ञात लोगों पर दर्ज कराया है मुकदमा
दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी के बाद तैनात की गई थी फोर्स
राजेश सिंह
विक्रमजोत। मंगलवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रास्ते में मांस के टुकड़े मिलने के बाद हुए बवाल से अमोढ़ा कस्बे में भारी संख्या में फोर्स लगा दी गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को स्थिति पूर्णतया सामान्य हो गई। तीन एसआई सहित दर्जनभर पुलिसकर्मी कैंप कर रहे हैं। घटना के बाद हल्का दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
थानाध्यक्ष रणविजय सिंह की तहरीर पर करीब 400 अज्ञात पर मारपीट, बलवा आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। वहीं बचजार में चहल-पहल पहले लौट आई है। घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों का कहना है कि बवाल वाले दिन भयावह मंजर था। यदि मीट और सरकारी शराब की दुकानें पहले ही बंद करा दी गई होतीं तो यह नौबत ही नहीं आता।
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बलिदान के लिए चर्चित था अमोढ़ा
कभी आन बान शान के लिए राजा जालिम सिंह शहीद हो गए। उनके त्याग-बलिदान की कहानी किसी से छिपी नहीं है। ब्रिटिश हुकुमत भी थर्राती थी। अमोढ़ा बाजार में कोटही मां का स्थान राजा साहब के कोट चतुर्भुज मंदिर के लिए जाना जाता है। 2015-16 में अमोढ़ा को भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी ने आदर्श ग्राम भी घोषित कराया था, लेकिन समुचित विकास नहीं हो पाया। यह कस्बा 12 पुरवों में बसा है। लगभग साढे़ छह हजार लोग रहते हैं। हियुवा के ब्लॉक अध्यक्ष माताप्रसाद ने तीन दिन पहले भी विक्रमजोत एवं छावनी कस्बे की मांस की दुकानें बंद कराने का अनुरोध किया था।
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हियुवा ने एसओ पर लगाया आरोप
मंगलवार रात अमोढ़ा में बवाल के बाद एसओ छावनी को लेकर लोगों में नाराजगी है। हियुवा नेता विजय कुमार पांडेय आदि ने कुछ उपद्रवियों को नामजद करते हुए तहरीर बुधवार को एसओ छावनी को देकर विधिक कार्रवाई की मांग की थी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश के डीजीपी को शिकायती पत्र भेजा। कहा कि इस प्रकरण में बात करने पर एसओ छावनी ने स्पष्ट जानकारी न देकर केवल इतना कहा कि उचित कार्रवाई हो रही है, जबकि सीओ हर्रैया ने बताया कि एफआईआर दर्ज हो गई है। हियुवा नेता विजय कुमार पांडेय का कहना है कि एसओ छावनी की भूमिका पर संदेह है। वह मात्र मामले में टाल-मटोल कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि नामजद को अज्ञात में तब्दील करना साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो धरना-प्रदर्शन का सहारा लिया जाएगा।