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बिल वाउचर लिए बिना किया भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:04 AM IST
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बस्ती। पंचायत चुनाव के दौरान चीन निर्मित सोलर लालटेन की खरीद के मामले
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में हो रही जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच अधिकारी एसके
पटेल ने बताया कि कुछ एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सेक्रेटरी ने बिना बिल
वाउचर और लालटेन प्राप्ति के भुगतान कर दिया। नकद भुगतान की बातें भी सामने
आ रही हैं।
बताया कि जिन ब्लॉकों पर बिना बिल वाउचर के भुगतान किया गया, वहां के एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेटरी के विरुद्ध सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि कार्रवाई के दायरे में विकास भवन के कुछ अधिकारी भी आ सकते हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति जांच रिपोर्ट में की जाएगी। डीपीआरओ एपी त्रिपाठी ने बताया कि एक-दो दिन में रिपोर्ट जांच अधिकारी को दे दी जाएगी।
सोलर लालटेन खरीद के मामले में अभी कई सवालों का जवाब अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं। फर्म को सप्लाई का आदेश किस अधिकारी ने दिया, इसके बारे में कोई नहीं बता रहा है। हालांकि बीडीओ ने एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेटरी को ग्राम निधि से सोलर लालटेन खरीद कर बूथों पर उपलब्ध कराने का लिखित आदेश दिया था।
सबसे अधिक चौंकाने वाली बात लालटेन खरीद की दर का निर्धारण है। अभी भी यह रहस्य बना हुआ कि किस क्रय कमेटी ने किस आधार पर 1350 रुपये की दर से खरीद कर भुगतान का निर्देश एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेटरी को दिया।
बिना टेंडर हुई लाखों की खरीद: डीपीआरओ
डीपीआरओ एपी त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायतों को बिना किसी आदेश के पांच हजार रुपये तक सामान खरीदने का अधिकार है। बताया कि अगर कोई ग्राम पंचायत एक लाख रुपये तक सामान क्रय करती है तो उसे कोटेशन लेना होगा और अगर एक लाख रुपये से अधिक की खरीदारी करती हैं तो उसकी निविदा आवश्यक है। बताया कि सोलर लालटेन खरीद और भुगतान में एडीओ पंचायत और पंचायत सचिवों ने अनियमितता बरती है।
60 रुपये प्रिंट वाला लालटेन भी मिला
जांच अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आ रहा है कि कुछ लालटेन पर बिक्री दर 60 रुपये प्रिंट है। मगर उसे मिटाकर 100 रुपये कर दिया गया।
बताया कि जिन ब्लॉकों पर बिना बिल वाउचर के भुगतान किया गया, वहां के एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेटरी के विरुद्ध सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि कार्रवाई के दायरे में विकास भवन के कुछ अधिकारी भी आ सकते हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति जांच रिपोर्ट में की जाएगी। डीपीआरओ एपी त्रिपाठी ने बताया कि एक-दो दिन में रिपोर्ट जांच अधिकारी को दे दी जाएगी।
सोलर लालटेन खरीद के मामले में अभी कई सवालों का जवाब अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं। फर्म को सप्लाई का आदेश किस अधिकारी ने दिया, इसके बारे में कोई नहीं बता रहा है। हालांकि बीडीओ ने एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेटरी को ग्राम निधि से सोलर लालटेन खरीद कर बूथों पर उपलब्ध कराने का लिखित आदेश दिया था।
सबसे अधिक चौंकाने वाली बात लालटेन खरीद की दर का निर्धारण है। अभी भी यह रहस्य बना हुआ कि किस क्रय कमेटी ने किस आधार पर 1350 रुपये की दर से खरीद कर भुगतान का निर्देश एडीओ पंचायत और पंचायत सेक्रेटरी को दिया।
बिना टेंडर हुई लाखों की खरीद: डीपीआरओ
डीपीआरओ एपी त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायतों को बिना किसी आदेश के पांच हजार रुपये तक सामान खरीदने का अधिकार है। बताया कि अगर कोई ग्राम पंचायत एक लाख रुपये तक सामान क्रय करती है तो उसे कोटेशन लेना होगा और अगर एक लाख रुपये से अधिक की खरीदारी करती हैं तो उसकी निविदा आवश्यक है। बताया कि सोलर लालटेन खरीद और भुगतान में एडीओ पंचायत और पंचायत सचिवों ने अनियमितता बरती है।
60 रुपये प्रिंट वाला लालटेन भी मिला
जांच अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आ रहा है कि कुछ लालटेन पर बिक्री दर 60 रुपये प्रिंट है। मगर उसे मिटाकर 100 रुपये कर दिया गया।