{"_id":"60feef178ebc3e5823712dcb","slug":"patients-upset-due-to-strike-of-ambulance-workers-basti-news-gkp4033168191","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल से मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल से मरीज परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल से मरीज परेशान
प्राइवेट वाहनों को अधिक किराया देकर पहुंच रहे हैं अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। एंबुलेंस चालकों के चक्काजाम से ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सीएचसी और पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक पहुंचने में मरीजों व प्रसव पीड़ा महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर होकर लोग प्राइवेट वाहनों को अधिक किराया देकर आने-जाने को मजबूर हो रहे हैं।
सोमवार को सीएचसी गौर क्षेत्र के हरदिया निवासी पूनम देवी को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल किया, लेकिन फोन नहीं लगा। इस पर मजबूर होकर परिजनों ने महिला को बाइक से लेकर पांच किलोमीटर दूर गौर सीएचसी पहुंचे। जहां पर उसने डॉक्टर की देखरेख में बच्चे को जन्म दिया। इसी तरह ग्रामसभा मुस्लिम पैकोलिया निवासी शाबिरा खातून को प्रसव पीड़ा हुई और अस्पताल तक पहुंचने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलने पर प्राइवेट वाहन का सहारा लेना पड़ा। रामापुर गांव निवासी रीमा और कवलसिया गांव की साधना देवी को भी प्रसव पीड़ा हुई और इनके परिजनों ने घंटों एंबुलेंस के लिए तड़पते रहे। मगर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिलने से लोगों ने निजी साधन से अस्पताल पहुंचे। लोगों को कहना है कि एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि इनकी इनकी मांगे मानकर शीघ्र व्यवस्था ठीक कराए।
विज्ञापन
प्राइवेट वाहनों को अधिक किराया देकर पहुंच रहे हैं अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। एंबुलेंस चालकों के चक्काजाम से ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सीएचसी और पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक पहुंचने में मरीजों व प्रसव पीड़ा महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर होकर लोग प्राइवेट वाहनों को अधिक किराया देकर आने-जाने को मजबूर हो रहे हैं।
सोमवार को सीएचसी गौर क्षेत्र के हरदिया निवासी पूनम देवी को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल किया, लेकिन फोन नहीं लगा। इस पर मजबूर होकर परिजनों ने महिला को बाइक से लेकर पांच किलोमीटर दूर गौर सीएचसी पहुंचे। जहां पर उसने डॉक्टर की देखरेख में बच्चे को जन्म दिया। इसी तरह ग्रामसभा मुस्लिम पैकोलिया निवासी शाबिरा खातून को प्रसव पीड़ा हुई और अस्पताल तक पहुंचने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलने पर प्राइवेट वाहन का सहारा लेना पड़ा। रामापुर गांव निवासी रीमा और कवलसिया गांव की साधना देवी को भी प्रसव पीड़ा हुई और इनके परिजनों ने घंटों एंबुलेंस के लिए तड़पते रहे। मगर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिलने से लोगों ने निजी साधन से अस्पताल पहुंचे। लोगों को कहना है कि एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि इनकी इनकी मांगे मानकर शीघ्र व्यवस्था ठीक कराए।
विज्ञापन