फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   patients increased in hospial

बढ़ रहा तापमान, बीमारियों ने पांव पसारा

Fri, 06 Apr 2018 11:04 PM IST
basti
basti Updated Fri, 06 Apr 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
patients increased in hospial
अस्पताल में बढ़े मरीज। - फोटो : amar ujala
बस्ती। मौसम के तेवर सख्त हो गए हैं। तापमान 35-38 डिग्री सेल्सियस पर है। ऐसे में बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। अस्पताल में उल्टी-दस्त, डायरिया व वायरल फीवर के सर्वाधिक मरीज आ रहे हैं। शुक्रवार को ओपीडी में जहां 1400 पर्चे मरीजों ने लिए थे, वहीं, चिल्ड्रेन वार्ड हाउसफुल रहा। यहां तीन वार्डों में 45 बेड पर 60 बीमार बच्चे भर्ती हैं। इनमें अधिकतर उल्टी-दस्त और वायरल फीवर से पीड़ित हैं। 
विज्ञापन


एक बेड पर दो बच्चे 
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में तीन वार्ड हैं। यहां जेई-एईएस के लिए अलग वार्ड बना है। जो इसके अतिरिक्त है। यहां तीन बच्चे भर्ती हैं। इन्हें तेज बुखार बताया गया है। इसके अलावा तीनों वार्ड के 45 बेड पर साठ बच्चों को भर्ती किया गया है। एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे लिटाए गए हैं। 
विज्ञापन


वार्ड में मिली गंदगी 
यूं तो सफाई को लेकर तमाम आदेश निर्देश हैं, मगर चिल्ड्रेन वार्ड में शुक्रवार को जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो वहां जमीन पर फलों के छिलकों के अलावा कागज के टुकड़े, प्लास्टिक अन्य मेडिकल वेस्ट बिखरे मिले। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ओपीडी खचाखच 
जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी थी। डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीज धक्का-मुक्की करते नजर आए। पर्ची काउंटर पर भी भीड़ थी। काउंटर पर बैठे कर्मी ने बताया कि पिछले दस दिनों से भीड़ बढ़ी है। इससे पहले तीन से चार सौ मरीज आते थे, मगर मौसम के तेवर बदलते ही मरीजों की संख्या 1400 से 1600 तक पहुंच गई है। यहां शुक्रवार को दो बजे तक 1400 पर्चे मरीजों ने कटवाए हैं। 

डाक्टरों की सुनें 
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी कहते हैं कि मरीजों की संख्या मौसम के चलते बढ़ी है। आजकल अधिकांश मरीज वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और जुकाम के आ रहे हैं। हर दिन सौ से ऊपर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को भर्ती करा दिया जाता है। 

बाल रोग विशेषज्ञ बोले 
अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज कहते हैं कि बढ़ता तापमान बच्चों का शरीर एडजस्ट नहीं कर पाता है तथा साथ ही खाली पेट रहने से लू का खतरा और भी रहता है। फिलहाल, लू से नहीं लेकिन वायरल फीवर और डायरिया से बीमार बच्चे आ रहे हैं। प्रतिदिन करीब तीन सौ तक बीमार बच्चे ओपीडी में आते हैं। 

बीमारी से कैसे बचाएं 
डॉ. सरफराज कहते हैं कि गर्मी जब बढ़े तो बच्चों को पानी की मात्रा बढ़ा दें। बासी भोजन कतई न करें न बच्चों को करने दें। क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा रहता है। लू से बचाने के लिए बच्चों का शरीर ढक कर रखें यानी कपड़े पहनाएं। बाहर निकलें तो बच्चों के सिर को कपड़े आदि से ढक दें। 


एसआईसी बोले 
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने कहा कि मौसम के चलते मरीज बढ़ रहे हैं। इसका पूरा इंतजाम अस्पताल में है। दवा आदि भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराया गया है। जेई-एईएस से बीमारों के इलाज के लिए भी दवाएं उपलब्ध हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed