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Basti News: ट्रेन की चपेट में आने से पैथोलॉजिस्ट की मौत
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शशांक शुक्ला उर्फ अमित की फाइल फोटो
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वाल्टरगंज। गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड पर बनतला गांव के पास शनिवार भोर ट्रेन की चपेट में आने से पैथोलॉजिस्ट की मौत हो गई। हादसा रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ। ट्रेन चालक की सूचना पर पहुंची जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
गांव निवासी शशांक शुक्ल उर्फ अमित (31) भिटिया चौराहे पर पैथोलॉजी संचालित करते थे। शनिवार सुबह करीब चार बजे वह शौच के लिए घर से निकले थे। करीब 4:30 बजे वह ट्रेन की चपेट में आ गए। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन उनकी तलाश में निकले। इसी दौरान हादसे की जानकारी मिली तो परिवार में चीख-पुकार मच गई।
सूचना पर पहुंची जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और शव को कब्जे में लिया। थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। शशांक के पिता विनोद कुमार शुक्ल प्रतापगढ़ में फार्मासिस्ट हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग बदहवास हो गए।
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इनसेट
तीन मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
शशांक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी आठ वर्षीय बेटी शालिनी, बेटा नंदन और बेटी लाडो के सिर से पिता का साया उठ गया। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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गांव निवासी शशांक शुक्ल उर्फ अमित (31) भिटिया चौराहे पर पैथोलॉजी संचालित करते थे। शनिवार सुबह करीब चार बजे वह शौच के लिए घर से निकले थे। करीब 4:30 बजे वह ट्रेन की चपेट में आ गए। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन उनकी तलाश में निकले। इसी दौरान हादसे की जानकारी मिली तो परिवार में चीख-पुकार मच गई।
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सूचना पर पहुंची जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और शव को कब्जे में लिया। थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। शशांक के पिता विनोद कुमार शुक्ल प्रतापगढ़ में फार्मासिस्ट हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग बदहवास हो गए।
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तीन मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
शशांक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी आठ वर्षीय बेटी शालिनी, बेटा नंदन और बेटी लाडो के सिर से पिता का साया उठ गया। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।