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समता को व्यवस्था परिवर्तन जरूरी
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 09 Oct 2016 10:52 PM IST
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मौलिक अधिकार मंच के अधिवेशन मे मंचासीन मुख्यअतिथि ।
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मौलिक अधिकार संघर्ष समिति (मास) के अधिवेशन में वक्ताओं ने सामाजिक व्यवस्था परिवर्तन पर बल दिया। कहा कि सामाजिक समानता लिए परिवर्तन जरूरी है। एक मैरिज हाल में आयोजित कार्यक्रम भंते विमल सागर के बुद्ध वंदना, त्रिसरण एवं पंचशील से शुरू हुआ।
बीएचयू में सहायक प्रोफेसर अमरनाथ पासवान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य ही समानता लाना है। इसके लिए सभी को सार्थक प्रयास करना होगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. जीएल प्रजापति ने कहा कि तथागत बुद्ध की वैचारिक क्रांति ही विषमता को समता में परिवर्तित कर सकती है। महाराष्ट्र प्रभारी अरुण घायवान, पश्चिम बंगाल के आलोक सुंदर सरकार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों पर चलना होगा। सूचना विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुरेश उजाला ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन बगैर राजनीतिक परिवर्तन नहीं हो सकता।
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बीएचयू में सहायक प्रोफेसर अमरनाथ पासवान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य ही समानता लाना है। इसके लिए सभी को सार्थक प्रयास करना होगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. जीएल प्रजापति ने कहा कि तथागत बुद्ध की वैचारिक क्रांति ही विषमता को समता में परिवर्तित कर सकती है। महाराष्ट्र प्रभारी अरुण घायवान, पश्चिम बंगाल के आलोक सुंदर सरकार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों पर चलना होगा। सूचना विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुरेश उजाला ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन बगैर राजनीतिक परिवर्तन नहीं हो सकता।
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