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परिजनों से नहीं मिल पाएंगी डा. रीता बरनवाल
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अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ भारत आ रहीं बस्ती जिले की डॉ. रीता बरनवाल।
- फोटो : BASTI
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परिजनों से नहीं मिल पाएंगी डॉ. रीता बरनवाल
बहादुरपुर (बस्ती)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सोमवार को भारत आ रहीं भारतीय मूल की डॉ. रीता बरनवाल अपने परिजनों से मुलाकात नहीं कर पाएंगी। उनका ट्रंप के प्रोटोकाल की वजह से परिवार के लोगों से मिलना संभव नहीं हो पाएगा।
परमाणु ऊर्जा प्रमुख डॉ. रीता के चिकित्सक चाचा मेरठ निवासी सुभाष चंद्र बरनवाल ने बताया कि उनकी भतीजी से बात हुई है। उनका अमेरिकी राष्ट्रपति के व्यस्त कार्यक्रम के कारण परिजनों से मिलना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि रीता राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों के निरीक्षण के लिए 10 फरवरी को आगरा में थीं। समय की कमी की वजह से वह आगरा में रहने वाली मौसी से मुलाकात कर वापस चली गई थीं। डॉ. सुभाष ने बताया कि भारत व अमेरिका के बीच 2008 में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापना के लिए समझौता हुआ था। डॉ. रीता का प्रयास है कि संयंत्र शीघ्र स्थापित हो। इसके लिए उन्हें बार-बार भारत आना होगा। तब समय निकाल कर वह परिजनों से मुलाकात करेंगी। डॉ. रीता के भतीजे गौरव ने कहा कि बुआ ने मेरठ में ही सभी परिजनों से मिलने का वादा किया है।
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बहादुरपुर (बस्ती)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सोमवार को भारत आ रहीं भारतीय मूल की डॉ. रीता बरनवाल अपने परिजनों से मुलाकात नहीं कर पाएंगी। उनका ट्रंप के प्रोटोकाल की वजह से परिवार के लोगों से मिलना संभव नहीं हो पाएगा।
परमाणु ऊर्जा प्रमुख डॉ. रीता के चिकित्सक चाचा मेरठ निवासी सुभाष चंद्र बरनवाल ने बताया कि उनकी भतीजी से बात हुई है। उनका अमेरिकी राष्ट्रपति के व्यस्त कार्यक्रम के कारण परिजनों से मिलना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि रीता राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों के निरीक्षण के लिए 10 फरवरी को आगरा में थीं। समय की कमी की वजह से वह आगरा में रहने वाली मौसी से मुलाकात कर वापस चली गई थीं। डॉ. सुभाष ने बताया कि भारत व अमेरिका के बीच 2008 में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापना के लिए समझौता हुआ था। डॉ. रीता का प्रयास है कि संयंत्र शीघ्र स्थापित हो। इसके लिए उन्हें बार-बार भारत आना होगा। तब समय निकाल कर वह परिजनों से मुलाकात करेंगी। डॉ. रीता के भतीजे गौरव ने कहा कि बुआ ने मेरठ में ही सभी परिजनों से मिलने का वादा किया है।
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