{"_id":"61a3c7521016f113e6164fba","slug":"paper-was-easy-was-disappointed-to-be-out-basti-news-gkp4179829113","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसान था पेपर, पेपर आउट होने से मिली मायूसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसान था पेपर, पेपर आउट होने से मिली मायूसी
विज्ञापन
गांधीनगर में लगा जाम। संवाद
- फोटो : BASTI
आसान था पेपर, आउट होने से मायूूसी
बस्ती। टीईटी 2021 पर मानों ग्रहण लगा हुआ है। कोरोना संक्रमण के कारण एक तो परीक्षा तय समय से नहीं हुई और जब होने को हुई तो पेपर आउट हो गया। परीक्षा देने केंद्रों पर आए कई परीक्षार्थियों ने कहा कि इस बार पेपर आसान था, अगर होता तो सफलता की संभावना काफी अधिक थी, लेकिन अब उन्हें मायूस होना पड़ा है।
मार्च माह में टीईटी के रजिस्ट्रशन कराने के लिए सूचना जारी की गई। लेकिन पंचायत चुनाव होने के कारण समय से रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। उसके बाद अप्रैल और मई में कोरोना संक्रमण पीक होने के कारण अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दिया गया। उसके बाद सितंबर माह में फिर से रजिस्ट्रेशन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया कि 27 अक्तूबर माह तक फार्म भरे गए। 28 नवंबर को परीक्षा निर्धारित किया गया, लेकिन पेपर निरस्त होने के कारण परीक्षार्थी मायूस हो गए। कई महीनों से पेपर की तैयारी धरी की धरी रह गई।
निधि वर्मा ने बताया कि कई महीनों से तैयारी कर रहे थे। सरकार के विफलता के कारण पेपर आउट हुआ है। अगर अधिकारियों की ओर से ठीक से काम किए गया होता तो पेपर आउट नहीं होता। बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
विज्ञापन
रोली शुक्ला ने बताया कि टीईटी परीक्षा को कभी कोरोना कभी चुनाव अब सरकार के लापरवाही के कारण ग्रहण लग गया है। कई महीने की मेहनत बेकार हो गई। आने वाले दिनों में चुनाव आ जाएगा। जिसके कारण फिर परीक्षा नहीं हो पाएगी।
गुलशन जहां ने बताया कि इस बार पेपर बहुत अच्छा आया था। अगर पेपर होता तो अच्छे नंबर मिलते, लेकिन कुछ लोगों के अपने स्वार्थ के कारण पेपर आउट करा दिया। लगभग साल भर की मेहनत बेकार हो गई।
जानकी यादव ने बताया कि टेट परीक्षा को लेकर गांव से आकर शहर में किराए का मकान लेकर कोचिंग की। इस बार तैयारी भी अच्छी हुई थी। परीक्षा निरस्त होने काफी निराशा हो गई है।
विज्ञापन
बस्ती। टीईटी 2021 पर मानों ग्रहण लगा हुआ है। कोरोना संक्रमण के कारण एक तो परीक्षा तय समय से नहीं हुई और जब होने को हुई तो पेपर आउट हो गया। परीक्षा देने केंद्रों पर आए कई परीक्षार्थियों ने कहा कि इस बार पेपर आसान था, अगर होता तो सफलता की संभावना काफी अधिक थी, लेकिन अब उन्हें मायूस होना पड़ा है।
मार्च माह में टीईटी के रजिस्ट्रशन कराने के लिए सूचना जारी की गई। लेकिन पंचायत चुनाव होने के कारण समय से रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। उसके बाद अप्रैल और मई में कोरोना संक्रमण पीक होने के कारण अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दिया गया। उसके बाद सितंबर माह में फिर से रजिस्ट्रेशन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया कि 27 अक्तूबर माह तक फार्म भरे गए। 28 नवंबर को परीक्षा निर्धारित किया गया, लेकिन पेपर निरस्त होने के कारण परीक्षार्थी मायूस हो गए। कई महीनों से पेपर की तैयारी धरी की धरी रह गई।
विज्ञापन
निधि वर्मा ने बताया कि कई महीनों से तैयारी कर रहे थे। सरकार के विफलता के कारण पेपर आउट हुआ है। अगर अधिकारियों की ओर से ठीक से काम किए गया होता तो पेपर आउट नहीं होता। बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
विज्ञापन
रोली शुक्ला ने बताया कि टीईटी परीक्षा को कभी कोरोना कभी चुनाव अब सरकार के लापरवाही के कारण ग्रहण लग गया है। कई महीने की मेहनत बेकार हो गई। आने वाले दिनों में चुनाव आ जाएगा। जिसके कारण फिर परीक्षा नहीं हो पाएगी।
गुलशन जहां ने बताया कि इस बार पेपर बहुत अच्छा आया था। अगर पेपर होता तो अच्छे नंबर मिलते, लेकिन कुछ लोगों के अपने स्वार्थ के कारण पेपर आउट करा दिया। लगभग साल भर की मेहनत बेकार हो गई।
जानकी यादव ने बताया कि टेट परीक्षा को लेकर गांव से आकर शहर में किराए का मकान लेकर कोचिंग की। इस बार तैयारी भी अच्छी हुई थी। परीक्षा निरस्त होने काफी निराशा हो गई है।