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Basti News: युवक ने लालच में पहले बुजुर्ग पिता को फिर रिश्तेदार को केस में फंसाया
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-पुलिस की विवेचना के बाद बरी हुए रिश्तेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पैकोलिया थाना क्षेत्र के मरवटिया गांव निवासी युवक ने संपत्ति के लालच में पहले बुजुर्ग पिता पर केस दर्ज कराकर जेल भेजवा दिया, फिर पिता की मदद के लिए आगे आए एक रिश्तेदार पर धन हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। यह अलग बात है कि पुलिस की विवेचना में रिश्तेदार बेदाग साबित हुए तब जाकर उनको राहत मिल सकी।
इस क्षेत्र के निवासी बेटे ने पहले तो अपने 80 साल के पिता को संपत्ति के लालच में केस दर्ज करवाकर जेल भिजवा दिया। इसके बाद बुजुर्ग पिता को जेल से बाहर निकलवाने में अहम भूमिका निभाने वाले अपने एक रिश्तेदार को फर्जी मुकदमे फंसाने की कोशिश की मगर वह कामयाब नही हो सका और पुलिस की जांच में सारी सच्चाई सामने आ गई।
पैकोलिया थाना क्षेत्र के मरवटिया गांव के निवासी एक तुफैल ने माता पिता और रिश्तेदार सभी के साथ जमीन के लालच में सारी हदें पार कर दीं। अक्तूबर 2022 को युवक ने संपत्ति के लालच में अपने पिता पर एफआईआर दर्ज कराई, उसके बाद उन्हें जेल भी भिजवा दिया। जेल में दो दिन रहने के बाद युवक के एक रिश्तेदार कमरुद्दीन जलालुद्दीन ने तुफैल के 80 साल के बुजुर्ग पिता को जमानत पर बाहर निकलवाया। इसी से खार खाए तुफैल ने अपने ही पिता के मददगार कमरुद्दीन पर गौर थाने में एक एफआईआर दर्ज करा दी।
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तुफैल ने आरोप लगाया कि उसके भाई की कुवैत में वर्ष 2014 में काम करते वक्त एक हादसे में मौत हो गई, इस बात अपने वतन मंगवाया और उसके 5 साल बाद वर्ष 2019 में कमरुद्दीन के प्रयास से मृतक की मां को मुआवजे का लगभग 9 लाख रुपये खाते में मिला। मगर तुफैल ने कमरुद्दीन पर आरोप लगा दिया कि उसके भाई को कुवैत सरकार की तरफ से मृतक क्लेम का 46 लाख रुपये मिला था, जिसमें से करीब 10 लाख दिलवाकर शेष धन हड़प लिया। इस शिकायत पर कमरुद्दीन पर केस दर्ज हो गया।
मगर इस मामले की विवेचक उप निरीक्षक प्रेम सागर शुक्ल ने जब इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच शुरू की तो परत दर करते खुलकर सामने आने लगी और तुफैल की साजिश का खुलासा हो गया। तुफैल ने पहले तो संपत्ति के लालच में अपनी ही मां को पिता से अलग करवाया और फिर अपने रिश्तेदार कमरुद्दीन पर पिता का मददगार बनने के बदले फर्जी एफआईआर कराई, ऐसे में तुफैल अहमद कमरुद्दीन पर लगाए गए आरोप का कोई भी प्रमाण नहीं दे सके और इस केस पर फाइनल रिपोर्ट लगाकर पुलिस ने कोर्ट में दाखिल कर दिया।
कमरुद्दीन ने कहा कि उन्हें तुफैल ने झूठा आरोप लगाकर फंसाया है। इसके लिए वह मानहानि का केस कराएंगे। कहा कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा काे भी तुफैल नुकसान पहुंच रहा है। इससे स्वयं तथा पूरा परिवार मानसिक अवसाद में है।
तुफैल ने कहा कि मैंने जो केस दर्ज कराया है वह सही है। उसके साक्ष्य एकत्रित कर रहा हूं। जबकि विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक प्रेम सागर शुक्ल ने कहा कि जांच के दौरान तुफैल से कई बार साक्ष्य मांगे, मगर उन्होंने कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया। जिस धन को हड़पने का आरोप लगाया है उसका कहीं को साक्ष्य जांच में नहीं मिला। इसी आधार पर मैंने अपनी रिपोर्ट लगा दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पैकोलिया थाना क्षेत्र के मरवटिया गांव निवासी युवक ने संपत्ति के लालच में पहले बुजुर्ग पिता पर केस दर्ज कराकर जेल भेजवा दिया, फिर पिता की मदद के लिए आगे आए एक रिश्तेदार पर धन हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। यह अलग बात है कि पुलिस की विवेचना में रिश्तेदार बेदाग साबित हुए तब जाकर उनको राहत मिल सकी।
इस क्षेत्र के निवासी बेटे ने पहले तो अपने 80 साल के पिता को संपत्ति के लालच में केस दर्ज करवाकर जेल भिजवा दिया। इसके बाद बुजुर्ग पिता को जेल से बाहर निकलवाने में अहम भूमिका निभाने वाले अपने एक रिश्तेदार को फर्जी मुकदमे फंसाने की कोशिश की मगर वह कामयाब नही हो सका और पुलिस की जांच में सारी सच्चाई सामने आ गई।
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पैकोलिया थाना क्षेत्र के मरवटिया गांव के निवासी एक तुफैल ने माता पिता और रिश्तेदार सभी के साथ जमीन के लालच में सारी हदें पार कर दीं। अक्तूबर 2022 को युवक ने संपत्ति के लालच में अपने पिता पर एफआईआर दर्ज कराई, उसके बाद उन्हें जेल भी भिजवा दिया। जेल में दो दिन रहने के बाद युवक के एक रिश्तेदार कमरुद्दीन जलालुद्दीन ने तुफैल के 80 साल के बुजुर्ग पिता को जमानत पर बाहर निकलवाया। इसी से खार खाए तुफैल ने अपने ही पिता के मददगार कमरुद्दीन पर गौर थाने में एक एफआईआर दर्ज करा दी।
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तुफैल ने आरोप लगाया कि उसके भाई की कुवैत में वर्ष 2014 में काम करते वक्त एक हादसे में मौत हो गई, इस बात अपने वतन मंगवाया और उसके 5 साल बाद वर्ष 2019 में कमरुद्दीन के प्रयास से मृतक की मां को मुआवजे का लगभग 9 लाख रुपये खाते में मिला। मगर तुफैल ने कमरुद्दीन पर आरोप लगा दिया कि उसके भाई को कुवैत सरकार की तरफ से मृतक क्लेम का 46 लाख रुपये मिला था, जिसमें से करीब 10 लाख दिलवाकर शेष धन हड़प लिया। इस शिकायत पर कमरुद्दीन पर केस दर्ज हो गया।
मगर इस मामले की विवेचक उप निरीक्षक प्रेम सागर शुक्ल ने जब इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच शुरू की तो परत दर करते खुलकर सामने आने लगी और तुफैल की साजिश का खुलासा हो गया। तुफैल ने पहले तो संपत्ति के लालच में अपनी ही मां को पिता से अलग करवाया और फिर अपने रिश्तेदार कमरुद्दीन पर पिता का मददगार बनने के बदले फर्जी एफआईआर कराई, ऐसे में तुफैल अहमद कमरुद्दीन पर लगाए गए आरोप का कोई भी प्रमाण नहीं दे सके और इस केस पर फाइनल रिपोर्ट लगाकर पुलिस ने कोर्ट में दाखिल कर दिया।
कमरुद्दीन ने कहा कि उन्हें तुफैल ने झूठा आरोप लगाकर फंसाया है। इसके लिए वह मानहानि का केस कराएंगे। कहा कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा काे भी तुफैल नुकसान पहुंच रहा है। इससे स्वयं तथा पूरा परिवार मानसिक अवसाद में है।
तुफैल ने कहा कि मैंने जो केस दर्ज कराया है वह सही है। उसके साक्ष्य एकत्रित कर रहा हूं। जबकि विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक प्रेम सागर शुक्ल ने कहा कि जांच के दौरान तुफैल से कई बार साक्ष्य मांगे, मगर उन्होंने कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया। जिस धन को हड़पने का आरोप लगाया है उसका कहीं को साक्ष्य जांच में नहीं मिला। इसी आधार पर मैंने अपनी रिपोर्ट लगा दी है।