{"_id":"673b8977eb67e363a003b6e8","slug":"order-to-give-new-vehicle-in-exchange-of-old-vehicle-basti-news-c-207-1-sgkp1006-127526-2024-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: पुराने वाहन के बदले नया वाहन देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: पुराने वाहन के बदले नया वाहन देने का आदेश
विज्ञापन
-कोर्ट का लोगो
- ग्राहक को कंपनी देगी एक लाख 95 हजार रुपए क्षतिपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा व सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने वाहन स्वामी के वाहन को बदलकर इस मॉडल का नया वाहन देने का आदेश दिया है। अदालत ने एक लाख 95 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हवेली खास निवासी अलका श्रीवास्तव पत्नी पंकज कुमार श्रीवास्तव ने शिकायती प्रार्थनापत्र दिया था, जिसमें बताया था कि 13 अगस्त 2020 को हुंडई कंपनी का कार लिया था। कुछ ही दिनों बाद खराबी आ गई। गियर लगाते समय वाहन झटका देने लगा। परिवाद दाखिल होने के बाद कंपनी की तरफ से कोई हाजिर नहीं हुआ।
दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने माना कि वाहन में निर्माण संबंधित त्रुटि है। यदि कार की मरम्मत किए जाने योग्य हो तो उसे परिवादिनी की संतुष्टि के आधार पर मरम्मत कर करके दे दिया जाए। यदि ऐसा संभव न हो इस मॉडल की दूसरी कार दिया जाए। उनको मानसिक व शारीरिक कष्ट की एवज में एक लाख 95 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी दी जाए। न्यायालय ने 12 प्रतिशत ब्याज देने का भी आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- ग्राहक को कंपनी देगी एक लाख 95 हजार रुपए क्षतिपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा व सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने वाहन स्वामी के वाहन को बदलकर इस मॉडल का नया वाहन देने का आदेश दिया है। अदालत ने एक लाख 95 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हवेली खास निवासी अलका श्रीवास्तव पत्नी पंकज कुमार श्रीवास्तव ने शिकायती प्रार्थनापत्र दिया था, जिसमें बताया था कि 13 अगस्त 2020 को हुंडई कंपनी का कार लिया था। कुछ ही दिनों बाद खराबी आ गई। गियर लगाते समय वाहन झटका देने लगा। परिवाद दाखिल होने के बाद कंपनी की तरफ से कोई हाजिर नहीं हुआ।
विज्ञापन
दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने माना कि वाहन में निर्माण संबंधित त्रुटि है। यदि कार की मरम्मत किए जाने योग्य हो तो उसे परिवादिनी की संतुष्टि के आधार पर मरम्मत कर करके दे दिया जाए। यदि ऐसा संभव न हो इस मॉडल की दूसरी कार दिया जाए। उनको मानसिक व शारीरिक कष्ट की एवज में एक लाख 95 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी दी जाए। न्यायालय ने 12 प्रतिशत ब्याज देने का भी आदेश दिया है।
विज्ञापन