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सूबे में आलू विकास को ऑपरेशन ग्रीन
basti
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:15 PM IST
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बस्ती। केंद्र सरकार ने टॉप क्राप यानी आलू, प्याज व टमाटर के विकास को ऑपरेशन ग्रीन योजना में शामिल किया है। इस योजना को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय से संचालित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश को आलू फसल में चयनित किया गया है।
प्रदेश के सर्वाधिक आलू उत्पादन वाले बस्ती समेत सात जिलों में इस पर काम भी शुरू हो गया है। योजना के मुताबिक लंबे समय के लिए आलू मूल्य के संवर्धन के लिए अवस्थापना की सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इसके लिए बस्ती सहित सूबे के सभी जिलों के उद्यमियों को इन जिलों में आलू विकास शृंखला का निर्माण करने वाली संस्था, कंपनी अथवा फर्म को केंद्र सरकार पचास करोड़ रुपये तक का अनुदान मुहैया कराएगी।
योजना के अंतर्गत प्रदेश में आलू विकास के लिए दो क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें प्रथम चरण में सर्वाधिक आलू उत्पादक जिले आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़ व हाथरस, जबकि दूसरे चरण में फर्रुखाबाद व कन्नौज में योजनाएं संचालित की जाएंगीं। इसके तहत कम समय वाली योजना में फसल के अधिक उत्पादन होने पर बाजार भाव लागत मूल्य से कम होने पर सूबे से बाहर विपणन के लिए केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसी अथवा उनकी नामित संस्थाएं आलू क्रय करेंगीं। आलू को बाहर भेजने पर परिवहन शुल्क तथा भंडारण करने के शुल्क में पचास प्रतिशत की छूट सरकार देगी। जबकि लांग टर्म योजना में आलू खपत बढ़ाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना व आलू संवर्धन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। इस कार्य में जिला सहित सूबे की कोई कंपनी, संस्था अथवा फर्म उक्त क्षेत्र में एकीकृत आलू विकास शृंखला का निर्माण करती है तो उसकी अवस्थापना पर पचास प्रतिशत अथवा पचास करोड़ रुपये तक का अनुदान केंद्र सरकार देगी। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त निदेशक डॉ. आरके तोमर ने कहा कि आलू विकास को आपरेशन ग्रीन योजना लागू हो गई है। इसके तहत सात दिसंबर को आगरा में ऑपरेशन ग्रीन से संबंधित जानकारी उद्यमियों को दी जाएगी। अपने जिले से भी इसके लिए कुछेक उद्यमी वहां जाएंगे।
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प्रदेश के सर्वाधिक आलू उत्पादन वाले बस्ती समेत सात जिलों में इस पर काम भी शुरू हो गया है। योजना के मुताबिक लंबे समय के लिए आलू मूल्य के संवर्धन के लिए अवस्थापना की सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इसके लिए बस्ती सहित सूबे के सभी जिलों के उद्यमियों को इन जिलों में आलू विकास शृंखला का निर्माण करने वाली संस्था, कंपनी अथवा फर्म को केंद्र सरकार पचास करोड़ रुपये तक का अनुदान मुहैया कराएगी।
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योजना के अंतर्गत प्रदेश में आलू विकास के लिए दो क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें प्रथम चरण में सर्वाधिक आलू उत्पादक जिले आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़ व हाथरस, जबकि दूसरे चरण में फर्रुखाबाद व कन्नौज में योजनाएं संचालित की जाएंगीं। इसके तहत कम समय वाली योजना में फसल के अधिक उत्पादन होने पर बाजार भाव लागत मूल्य से कम होने पर सूबे से बाहर विपणन के लिए केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसी अथवा उनकी नामित संस्थाएं आलू क्रय करेंगीं। आलू को बाहर भेजने पर परिवहन शुल्क तथा भंडारण करने के शुल्क में पचास प्रतिशत की छूट सरकार देगी। जबकि लांग टर्म योजना में आलू खपत बढ़ाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना व आलू संवर्धन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। इस कार्य में जिला सहित सूबे की कोई कंपनी, संस्था अथवा फर्म उक्त क्षेत्र में एकीकृत आलू विकास शृंखला का निर्माण करती है तो उसकी अवस्थापना पर पचास प्रतिशत अथवा पचास करोड़ रुपये तक का अनुदान केंद्र सरकार देगी। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त निदेशक डॉ. आरके तोमर ने कहा कि आलू विकास को आपरेशन ग्रीन योजना लागू हो गई है। इसके तहत सात दिसंबर को आगरा में ऑपरेशन ग्रीन से संबंधित जानकारी उद्यमियों को दी जाएगी। अपने जिले से भी इसके लिए कुछेक उद्यमी वहां जाएंगे।
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