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निरीक्षण में खुली दावे की पोल
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Mon, 17 Apr 2017 11:12 PM IST
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जिला अस्पताल का स्वास्थ्य सचिव बी हेकाली झीमोमी ने निरीक्षण किया।
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सेहत को लेकर गंभीर योगी सरकार के इरादों को परवान चढ़ाने प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव सोमवार को जिला अस्पताल का जायजा लेने पहुंचीं । यहां उनका सामना हकीकत से हुआ तो नाराज हो गईं। हर तरफ अव्यवस्था को देखकर एसआईसी को नसीहत देने के साथ सीएमओ को व्यवस्था में सुधार लाने की चेतावनी भी दीं।
स्वास्थ्य का मुद्दा प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार है। इसे लेकर तमाम निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सोमवार दोपहर जिला अस्पताल के हालात को जांचने प्रदेश की सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा बी हेेकाली झीमोमी, निदेशक संचारी डॉ. बद्रीविशाल के साथ पहुंच गईं। उनके आने की सूचना होते ही व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई थी लेकिन सच छुपा नहीं सके। स्वास्थ्य सचिव सबसे पहले चिल्ड्रेन वार्ड में पहुंची जो खचाखच भरा था। सभी मरीजों को दवा आदि दी जा रही थी।
यहां निरीक्षण के बाद वे दूसरे तल पर जाने लगीं। उन्हें बताया गया कि ऊपर स्टोर है, बावजूद इसके दरवाजा खोल दूसरे तल पर पहुंच गईं। पीछे पूरा अमला भी चल पड़ा। यहां पहुंचते ही सच्चाई स्वास्थ्य सचिव के सामने आ गई। चारों ओर टूटी कुर्सियां, चारपाई व अन्य सामान बिखरे मिले। तत्काल उन्होंने बंद कमरे को खुलवाने का निर्देश दिया। एसआईसी डॉ. आलोक शुक्ल पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमओ को निर्देश दिया कि व्यवस्था में यदि एसआईसी सटीक नहीं बैठ रहे हैं तो तत्काल इन्हें हटा दिया जाए। करीब आधा घंटे तक निरीक्षण के दौरान खामियों पर नाराजगी जतातीं रहीं। इस दौरान उन्हें बताया गया कि ऊपरी तल के इस वार्ड का संचालन करने में कर्मियों की कमी बाधा बनी हुई है। सचिव के कई सवालों का उत्तर दे पाने में एसआईसी नाकाम रहे।
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स्वास्थ्य का मुद्दा प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार है। इसे लेकर तमाम निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सोमवार दोपहर जिला अस्पताल के हालात को जांचने प्रदेश की सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा बी हेेकाली झीमोमी, निदेशक संचारी डॉ. बद्रीविशाल के साथ पहुंच गईं। उनके आने की सूचना होते ही व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई थी लेकिन सच छुपा नहीं सके। स्वास्थ्य सचिव सबसे पहले चिल्ड्रेन वार्ड में पहुंची जो खचाखच भरा था। सभी मरीजों को दवा आदि दी जा रही थी।
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यहां निरीक्षण के बाद वे दूसरे तल पर जाने लगीं। उन्हें बताया गया कि ऊपर स्टोर है, बावजूद इसके दरवाजा खोल दूसरे तल पर पहुंच गईं। पीछे पूरा अमला भी चल पड़ा। यहां पहुंचते ही सच्चाई स्वास्थ्य सचिव के सामने आ गई। चारों ओर टूटी कुर्सियां, चारपाई व अन्य सामान बिखरे मिले। तत्काल उन्होंने बंद कमरे को खुलवाने का निर्देश दिया। एसआईसी डॉ. आलोक शुक्ल पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमओ को निर्देश दिया कि व्यवस्था में यदि एसआईसी सटीक नहीं बैठ रहे हैं तो तत्काल इन्हें हटा दिया जाए। करीब आधा घंटे तक निरीक्षण के दौरान खामियों पर नाराजगी जतातीं रहीं। इस दौरान उन्हें बताया गया कि ऊपरी तल के इस वार्ड का संचालन करने में कर्मियों की कमी बाधा बनी हुई है। सचिव के कई सवालों का उत्तर दे पाने में एसआईसी नाकाम रहे।
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