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Basti News: डॉक्टरों का हड़ताल... मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं ठप, मरीज हुए बेहाल
Sat, 17 Aug 2024 11:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 17 Aug 2024 11:08 PM IST
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- रेजीडेंट चिकित्सक, इंटर्न और स्टाॅफ नर्स ने कामकाज छोड़ जारी रखा आंदोलन
जिला और महिला अस्पताल डॉक्टरों ने काली पट्टी बांंधकर किया मरीजों का इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोलकाता में महिला रेजीडेंट डॉक्टर और उत्तराखंड में स्टाॅफ नर्स के साथ हुए हैवानियत की घटना के विरोध में डॉक्टर और स्टॉफ नर्सों का व्यापक हड़ताल शनिवार को भी जारी रहा। स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप रही । मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स, इंटर्न एवं आइएमए से जुड़े चिकित्सक और स्टॉफ नर्स कामकाज से विरत रहे। मेडिकल कॉलेज में तो ओपीडी सेवाएं बिल्कुल ठप रही। यहां नए मरीज पहुंचे ही नहीं। कुछ भूले विसरे आए भी तो पर्चा न कटने से वह निराश लौट गए।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी हॉल में रेजीडेंट चिकित्सक, इंटर्न फर्श पर ही बैठकर हड़ताल शुरू कर दिए। उनके हाथों में जस्टिस फाॅर लेडी डॉक्टर लिखी हुई दफि्तयां लहरा रही थी। कोलकाता की घटना से आक्रोशित चिकित्सक नारेबाजी करते रहे। इस दौरान रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद रखा गया। वहीं ओपीडी में मेडिसिन विभाग, ईएनटी, दंत, आई, चर्म रोग आदि विभाग में ताले लटकते रहे। हड़ताल की वजह से नए मरीज यहां नहीं आए। कुछ अनजाने में मरीज आए तो उन्हें मौके की नवैयत देखने के बाद लौट जाना पड़ा। अस्पताल की ओपीडी में सन्नाटा पसरा रहा। परिसर में रोजाना की अपेक्षा मरीजों की भीड़ नहीं देखी गई। यहां केवल इमरजेंसी सेवा बहाल रखी गई। पुराने भर्ती मरीज और उनके साथ आए तीमारदार ही ज्यादातर देखे गए। इस सप्ताह केवल दो दिन ही मेडिकल कॉलेज सुचारू रूप से संचालित हो पाया। बाकी दिनों में हड़ताल की भेंट चढ़ा रहा।
रुधौली संवाद के अनुसार शनिवार को रुधौली सीएससी पर डॉक्टर और पैरामेडिकल छात्राओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉक्टर अजय पटेल डॉक्टर संजय चौधरी डॉक्टर प्रदीप स्टाफ नर्स श्वेता गुप्ता समेत एसआर मेडिकल इंस्टीट्यूट की छात्राएं मौजूद रही।
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भर्ती मरीजों को भी उठानी पड़ी दिक्कत
मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को भी हड़ताल की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वह जरूरत पड़ने पर दिन में चिकित्सकों से नहीं मिल पा रहे हैं। जिन पुराने मरीजों को शनिवार को दिखाने का डेट मिला था उन्हें भी आंदोलन के चलते निराश लौटना पड़ा।
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बोले- मरीज
मेरे हाथ में फ्रैक्चर है। मेडिकल कॉलेज में प्लास्टर लगवाए थे। आज दिखाने के लिए डॉक्टर बुलाए थे। उनके इंतजार में बैठे हैं यदि देख लेंगे तो ठीक है वरना लौट जाएंगे।
जगना, मरीज (बेलसड़)
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सांस फूलने की बीमारी है। सुगर लेबल भी बढ़ गया था। इसलिए डॉक्टरों ने एक सप्ताह पहले भर्ती कर लिया था। आज डिस्चार्ज करने को कहा गया था। लेकिन, हड़ताल की वजह से चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं।
असगर अली, मरीज (गांधीनगर)
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हम लंबेे समय से मेडिकल कॉलेज में दिखा रहे हैं। 15 दिन बाद आज फिर बुलाया गया था। लेकिन, यहां डॉक्टर का कक्ष बंद है। बैठकर उनका इंतजार कर रहे हैं। हो सकता है आंदोलन के बाद डॉक्टर हमें देख लें।
गूंजा, मरीज (मूड़ाडीहा)
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मेरा ऑपरेशन हुआ था। आज टांका काटने के लिए बुलाया गया था। सुबह नौ बजे ही आ गए। लेकिन, यहां हड़ताल चल रहा है। हमें जानकारी नहीं थी वरना 60 किलोमीटर दूर से चलकर नहीं आते।
हुबलाल, मरीज (पाली ब्लॉक)
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जिला और महिला अस्पताल डॉक्टरों ने काली पट्टी बांंधकर किया मरीजों का इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोलकाता में महिला रेजीडेंट डॉक्टर और उत्तराखंड में स्टाॅफ नर्स के साथ हुए हैवानियत की घटना के विरोध में डॉक्टर और स्टॉफ नर्सों का व्यापक हड़ताल शनिवार को भी जारी रहा। स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप रही । मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स, इंटर्न एवं आइएमए से जुड़े चिकित्सक और स्टॉफ नर्स कामकाज से विरत रहे। मेडिकल कॉलेज में तो ओपीडी सेवाएं बिल्कुल ठप रही। यहां नए मरीज पहुंचे ही नहीं। कुछ भूले विसरे आए भी तो पर्चा न कटने से वह निराश लौट गए।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी हॉल में रेजीडेंट चिकित्सक, इंटर्न फर्श पर ही बैठकर हड़ताल शुरू कर दिए। उनके हाथों में जस्टिस फाॅर लेडी डॉक्टर लिखी हुई दफि्तयां लहरा रही थी। कोलकाता की घटना से आक्रोशित चिकित्सक नारेबाजी करते रहे। इस दौरान रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद रखा गया। वहीं ओपीडी में मेडिसिन विभाग, ईएनटी, दंत, आई, चर्म रोग आदि विभाग में ताले लटकते रहे। हड़ताल की वजह से नए मरीज यहां नहीं आए। कुछ अनजाने में मरीज आए तो उन्हें मौके की नवैयत देखने के बाद लौट जाना पड़ा। अस्पताल की ओपीडी में सन्नाटा पसरा रहा। परिसर में रोजाना की अपेक्षा मरीजों की भीड़ नहीं देखी गई। यहां केवल इमरजेंसी सेवा बहाल रखी गई। पुराने भर्ती मरीज और उनके साथ आए तीमारदार ही ज्यादातर देखे गए। इस सप्ताह केवल दो दिन ही मेडिकल कॉलेज सुचारू रूप से संचालित हो पाया। बाकी दिनों में हड़ताल की भेंट चढ़ा रहा।
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रुधौली संवाद के अनुसार शनिवार को रुधौली सीएससी पर डॉक्टर और पैरामेडिकल छात्राओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉक्टर अजय पटेल डॉक्टर संजय चौधरी डॉक्टर प्रदीप स्टाफ नर्स श्वेता गुप्ता समेत एसआर मेडिकल इंस्टीट्यूट की छात्राएं मौजूद रही।
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भर्ती मरीजों को भी उठानी पड़ी दिक्कत
मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को भी हड़ताल की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वह जरूरत पड़ने पर दिन में चिकित्सकों से नहीं मिल पा रहे हैं। जिन पुराने मरीजों को शनिवार को दिखाने का डेट मिला था उन्हें भी आंदोलन के चलते निराश लौटना पड़ा।
बोले- मरीज
मेरे हाथ में फ्रैक्चर है। मेडिकल कॉलेज में प्लास्टर लगवाए थे। आज दिखाने के लिए डॉक्टर बुलाए थे। उनके इंतजार में बैठे हैं यदि देख लेंगे तो ठीक है वरना लौट जाएंगे।
जगना, मरीज (बेलसड़)
सांस फूलने की बीमारी है। सुगर लेबल भी बढ़ गया था। इसलिए डॉक्टरों ने एक सप्ताह पहले भर्ती कर लिया था। आज डिस्चार्ज करने को कहा गया था। लेकिन, हड़ताल की वजह से चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं।
असगर अली, मरीज (गांधीनगर)
हम लंबेे समय से मेडिकल कॉलेज में दिखा रहे हैं। 15 दिन बाद आज फिर बुलाया गया था। लेकिन, यहां डॉक्टर का कक्ष बंद है। बैठकर उनका इंतजार कर रहे हैं। हो सकता है आंदोलन के बाद डॉक्टर हमें देख लें।
गूंजा, मरीज (मूड़ाडीहा)
मेरा ऑपरेशन हुआ था। आज टांका काटने के लिए बुलाया गया था। सुबह नौ बजे ही आ गए। लेकिन, यहां हड़ताल चल रहा है। हमें जानकारी नहीं थी वरना 60 किलोमीटर दूर से चलकर नहीं आते।
हुबलाल, मरीज (पाली ब्लॉक)