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Basti News: मंडल में स्थापित होंगी 800 कुक्कुट इकाइयां, महिलाओं को मिलेगा अनुदान
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बस्ती। ग्रामीण क्षेत्र की अनुसूचित जाति की बेरोजगार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पशुपालन विभाग ने पहल की है। बैकयार्ड पोल्ट्री डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बस्ती मंडल में इस वर्ष 800 कुक्कुट इकाइयां (पोल्ट्री फार्मिंग यूनिट) स्थापित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन से लक्ष्य मिलने के बाद लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित महिलाओं को इकाई स्थापित करने के लिए अनुदान के साथ चूजे और मुर्गीदाना भी उपलब्ध कराया जाएगा।
बस्ती और संतकबीरनगर को 200-200, जबकि सिद्धार्थनगर को 400 कुक्कुट इकाइयों का लक्ष्य मिला है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों की बेरोजगार महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत चयनित लाभार्थी को कुक्कुट पालन के लिए बाड़ा तैयार करने में सहायता के तौर पर 425 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा 50 एकदिवसीय चूजे और एक बोरी मुर्गीदाना उपलब्ध कराया जाएगा। लाभार्थियों का चयन आवेदन के बाद खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान और पशु चिकित्साधिकारी की समिति करेगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कम लागत में स्वरोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाना है। कुक्कुट पालन घर के आसपास आसानी से किया जा सकता है। इससे परिवार की आमदनी बढ़ाने के साथ पोषण स्तर में सुधार में भी मदद मिलेगी। पिछले वर्ष 200 महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया था।
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90 हजार कमर्शियल लेयर पक्षियों का लक्ष्य
मंडल के तीनों जिलों में कमर्शियल लेयर पक्षियों के पालन के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में 30-30 हजार पक्षियों के हिसाब से कुल 90 हजार पक्षियों का लक्ष्य रखा गया है। ब्रायलर पैरेंट पक्षियों के लिए इस वर्ष कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। कमर्शियल लेयर की सबसे छोटी इकाई 10 हजार पक्षियों की होगी। इसकी अनुमानित इकाई लागत एक करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 70 लाख रुपये बैंक ऋण और 30 लाख रुपये लाभार्थी अंश होगा। विभाग की ओर से ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
कोट
कुक्कुट इकाइयों के लिए चयन प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर सशक्त बनाना है। अनुदान के साथ उन्हें अन्य प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।
-डॉ. अरुण कुमार गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बस्ती
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बस्ती और संतकबीरनगर को 200-200, जबकि सिद्धार्थनगर को 400 कुक्कुट इकाइयों का लक्ष्य मिला है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों की बेरोजगार महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत चयनित लाभार्थी को कुक्कुट पालन के लिए बाड़ा तैयार करने में सहायता के तौर पर 425 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा 50 एकदिवसीय चूजे और एक बोरी मुर्गीदाना उपलब्ध कराया जाएगा। लाभार्थियों का चयन आवेदन के बाद खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान और पशु चिकित्साधिकारी की समिति करेगी।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कम लागत में स्वरोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाना है। कुक्कुट पालन घर के आसपास आसानी से किया जा सकता है। इससे परिवार की आमदनी बढ़ाने के साथ पोषण स्तर में सुधार में भी मदद मिलेगी। पिछले वर्ष 200 महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया था।
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90 हजार कमर्शियल लेयर पक्षियों का लक्ष्य
मंडल के तीनों जिलों में कमर्शियल लेयर पक्षियों के पालन के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में 30-30 हजार पक्षियों के हिसाब से कुल 90 हजार पक्षियों का लक्ष्य रखा गया है। ब्रायलर पैरेंट पक्षियों के लिए इस वर्ष कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। कमर्शियल लेयर की सबसे छोटी इकाई 10 हजार पक्षियों की होगी। इसकी अनुमानित इकाई लागत एक करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 70 लाख रुपये बैंक ऋण और 30 लाख रुपये लाभार्थी अंश होगा। विभाग की ओर से ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
कोट
कुक्कुट इकाइयों के लिए चयन प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर सशक्त बनाना है। अनुदान के साथ उन्हें अन्य प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।
-डॉ. अरुण कुमार गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बस्ती