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Basti News: जेनरिक दवाखाना में नाम मात्र की दवाएं, मरीजों का मोहभंग

Wed, 07 Aug 2024 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 07 Aug 2024 01:24 AM IST
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Only nominal medicines in generic dispensary, disillusionment of patients
अस्पताल परिसरों में नहीं हो पा रही जन औषधि केंद्र की पहचान
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डिमांड भी हुई कम, सरकारी पर्चों पर नहीं लिखी रहती जेनरिक दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जनपद में कारगर नहीं हो पाए। बाहर की तो बात छोड़िए, सरकारी अस्पताल परिसरों में खोले गए यह औषधि केंद्र पहचान को मोहताज हैं। यहां सस्ते दर पर दवा खरीदने के लिए मरीज नहीं पहुंच रहे हैं। इसलिए जेनरिक दवाओं की डिमांड घट गई है। डॉक्टरों के पर्चे पर भी यह दवाएं नहीं लिखी जा रही है।
जिले में 11 जन औषधि केंद्र खोले गए थे। इसमें से अधिकतर सरकारी अस्पताल परिसरों में आवंटित हुए हैं। जिला अस्पताल, जिला महिला चिकित्सालय और ओपेक चिकित्सालय कैली समेत आधा दर्जन जन औषधि केंद्र मुख्यालय पर खोले गए हैं। लेकिन, अधिकतर पर सन्नाटा पसरा रहता है। डॉक्टरों के पर्चे पर जेनरिक दवाएं न लिखे जाने से इसकी डिमांड नहीं बढ़ पाई। इसी वजह से जेनरिक दवाखाना लगभग खाली हो चले हैं।
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कुछ केंद्र तो अक्सर बंद मिलने लगे हैं। यहां 180 प्रकार से अधिक दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए। लेकिन, 70 से 80 प्रकार की मामूली मात्रा में दवाएं उपलब्ध है। कुछ डायबिटिज एवं ब्लड प्रेशर के मरीज ही यहां से दवाएं खरीद रहे हैं। इसके अलावा अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीज या तो अस्पताल से मिलने वाली निशुल्क दवा ले रहे हैं या बाहर की दवा खरीद रहे हैं।
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जानकारों की मानें तो मरीज माफिया ने चिकित्सकों से सांठगांठ कर सस्ते दर पर मिलने वाली जेनरिक दवाओं का चलन बढ़ने ही नहीं दिया। जिला अस्पताल के होम्योपैथिक सेंटर के बगल संचालित इस केंद्र की पहचान आम लोग नहीं कर पाते हैं। कुछ चुनिंदा लोग ही यहां दवा लेने पहुंच रहे हैं। महिला अस्पताल में अभी कुछ दिन पहले तक खरीदारों की भीड़ इस केंद्र पर देखी जाती रही। लेकिन, इन दिनों सन्नाटा छाया हुआ है। अब तो जेनरिक दवाखाना के लिए आवंटित भवन के कुछ हिस्से में मरीजों का पंजीकरण और कोरोना जांच काउंटर स्थापित कर दिया गया है। इससे इस दवाखाना की पहचान नहीं हो पा रही है। ओेपेक चिकित्सालय कैली में भी मरीज और तीमारदारों को इस केंद्र का पता नहीं चल पा रहा है। चिकित्सक यदि अलग से दवाओं की पर्ची दे भी रहे हैं तो वह बाहर ही मिल रही है।

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कोट
जिला महिला चिकित्सालय में जन औषधि केंद्र संचालित है। इसके बगल में पंजीकरण और कोरोना जांच की व्यवस्था बनाई गई है। इससे जन औषधि केंद्र पर कोई असर नहीं है। जरूरत के अनुसार मरीज यहां से दवाएं भी खरीद रहे हैं।
-डॉ. एके वर्मा, सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय
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