{"_id":"65ea0f2f92a2468e330ed384","slug":"old-pension-and-harassment-of-doctors-basti-news-c-207-1-sgkp1006-112625-2024-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: पुरानी पेंशन व डॉक्टरों का उत्पीड़न रोकने पर हुई चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: पुरानी पेंशन व डॉक्टरों का उत्पीड़न रोकने पर हुई चर्चा
Fri, 08 Mar 2024 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 08 Mar 2024 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीएमएस की बैठक, अब हर मुद्दे पर संगठन मुखर होकर जवाब देगा संगठन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रांतीय चिकित्सा संघ (पीएमएस) की बैठक में पुरानी पेंशन, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न, चिकित्साधिकारियों की सुरक्षा, ग्रामीण अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि हर मुद्दे पर अब मुखर होकर संगठन की ओर से जवाब दिया जाएगा।
शहर के एक होटल के सभागार में हुई बैठक में संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. एफ हुसैन ने कहा कि एक सर्वे की रिपोर्ट में कहा गया है कि 85 प्रतिशत चिकित्सक अपने बेटे-बेटियों को चिकित्सक नहीं बनाना चाहते। पुरानी पेंशन छीने जाने से चिकित्सक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। पूर्व में हुए कुछ मामलों का हवाला देते हुए कहा कि अधिकारियों की बैठक में जिस तरह से सीनियर चिकित्सकों को अपमानित किया जा रहा है, उससे उनमें कुंठा पैदा हो रही है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आलोक पांडेय ने कहा कि अब संगठन पुरानी पेंशन की मांग नहीं करेगा, बल्कि हमारी मांग होगी कि जो लोग पेंशन का लाभ ले रहे हैं, उनकी पेंशन बंद कराई जाए। डॉ. एके वर्मा ने कहा कि डॉक्टरों पर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता जा रहा है। सुविधाएं छीनी जा रही हैं। कोरोना में फूल बरसाए जा रहे थे, आज सबकुछ उलटा हो गया है।
विज्ञापन
डॉ. राम प्रकाश ने कहा कि संगठन की कमजोरी के कारण स्थानीय समस्याएं हल नहीं करवा पा रहे हैं। डॉ. संतोष मौर्या ने कहा कि चिकित्सकों के खिलाफ अगर शिकायत आती है तो शिकायतकर्ता से साक्ष्य व एफिडेविट जरूर मांगी जानी चाहिए, तभी चिकित्सकों का उत्पीड़न रोका जा सकेगा। डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि चिकित्साधिकारी को यह नहीं मालूम होता है कि उसे कितने घंटे ड्यूटी करनी होगी।
इस मौके पर डॉ. नदीम अहमद, डॉ. फैज वारिस, डॉ. पंकज शुक्ला, डॉ. शशि कुमार, डॉ. वीके वर्मा आदि चिकित्सक मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रांतीय चिकित्सा संघ (पीएमएस) की बैठक में पुरानी पेंशन, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न, चिकित्साधिकारियों की सुरक्षा, ग्रामीण अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि हर मुद्दे पर अब मुखर होकर संगठन की ओर से जवाब दिया जाएगा।
शहर के एक होटल के सभागार में हुई बैठक में संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. एफ हुसैन ने कहा कि एक सर्वे की रिपोर्ट में कहा गया है कि 85 प्रतिशत चिकित्सक अपने बेटे-बेटियों को चिकित्सक नहीं बनाना चाहते। पुरानी पेंशन छीने जाने से चिकित्सक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। पूर्व में हुए कुछ मामलों का हवाला देते हुए कहा कि अधिकारियों की बैठक में जिस तरह से सीनियर चिकित्सकों को अपमानित किया जा रहा है, उससे उनमें कुंठा पैदा हो रही है।
विज्ञापन
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आलोक पांडेय ने कहा कि अब संगठन पुरानी पेंशन की मांग नहीं करेगा, बल्कि हमारी मांग होगी कि जो लोग पेंशन का लाभ ले रहे हैं, उनकी पेंशन बंद कराई जाए। डॉ. एके वर्मा ने कहा कि डॉक्टरों पर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता जा रहा है। सुविधाएं छीनी जा रही हैं। कोरोना में फूल बरसाए जा रहे थे, आज सबकुछ उलटा हो गया है।
विज्ञापन
डॉ. राम प्रकाश ने कहा कि संगठन की कमजोरी के कारण स्थानीय समस्याएं हल नहीं करवा पा रहे हैं। डॉ. संतोष मौर्या ने कहा कि चिकित्सकों के खिलाफ अगर शिकायत आती है तो शिकायतकर्ता से साक्ष्य व एफिडेविट जरूर मांगी जानी चाहिए, तभी चिकित्सकों का उत्पीड़न रोका जा सकेगा। डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि चिकित्साधिकारी को यह नहीं मालूम होता है कि उसे कितने घंटे ड्यूटी करनी होगी।
इस मौके पर डॉ. नदीम अहमद, डॉ. फैज वारिस, डॉ. पंकज शुक्ला, डॉ. शशि कुमार, डॉ. वीके वर्मा आदि चिकित्सक मौजूद रहे।