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Basti News: कैली हॉस्पिटल में आवास पर कब्जा...किराये पर रह रहे कर्मचारी
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कैली हॉस्पिटल के जर्जर आवासीय भवन। संवाद
बस्ती। कैली हॉस्पिटल में बने सरकारी आवासों पर बाहरियों का कब्जा है। इसे खाली कराने में मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पसीना छूट रहा है। लिहाजा चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को किराये पर कमरा लेकर रहना पड़ रहा है और मजे बाहरी मार रहे हैं।
कई आवासों में ताला बंद है। इन आवासों की खिड़कियां और दरवाजे जर्जर हो गए हैं। यहां जो लोग रह रहे हैं, वे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, गंदगी की भी भरमार है। वर्ष 2018 तक कैली हॉस्पिटल स्वास्थ्य विभाग के अधीन था। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन 2019 में कर दिया गया।
शहर से तीन किमी दूर 90 की दशक में कैली हॉस्पिटल की स्थापना मिनी पीजीआई के तौर पर की गई थी। यह अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से लैस था। तब यहां अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए गए थे। तब कई कर्मचारियों को आवास आवंटित किए गए थे। शहर के दूर होने के कारण कैली हॉस्पिटल के आवास का ताला तोड़कर कई अनाधिकृत लोग रहने लगे थे।
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अब चूंकि कैली में स्टाफ की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में कर्मचारियों को रहने की समस्या खड़ी होने लगी है। कर्मचारियों की इस समस्या को देखते हुए इन दिनों मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अनाधिकृत रूप से रह रहे लोगों से सरकारी आवास खाली कराने के लिए मुहिम चला रखा है। मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव ने बताया कि कैली हॉस्पिटल में टाइप वन के 28, टाइप टू के 96 और टाइप थ्री के छह आवास बने हैं। अब तक 20 आवास खाली कराए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों का ताला अब भी लगा हुआ है। इन्हें स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आवास खाली करने का नोटिस भेजवाया जा रहा है। इसके लिए समय सीमा भी तय की गई है। यदि तय समय के भीतर मकान खाली नहीं हुआ तो आवास का ताला तोड़ दिया जाएगा।
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कई आवासों में ताला बंद है। इन आवासों की खिड़कियां और दरवाजे जर्जर हो गए हैं। यहां जो लोग रह रहे हैं, वे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, गंदगी की भी भरमार है। वर्ष 2018 तक कैली हॉस्पिटल स्वास्थ्य विभाग के अधीन था। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन 2019 में कर दिया गया।
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शहर से तीन किमी दूर 90 की दशक में कैली हॉस्पिटल की स्थापना मिनी पीजीआई के तौर पर की गई थी। यह अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से लैस था। तब यहां अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए गए थे। तब कई कर्मचारियों को आवास आवंटित किए गए थे। शहर के दूर होने के कारण कैली हॉस्पिटल के आवास का ताला तोड़कर कई अनाधिकृत लोग रहने लगे थे।
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अब चूंकि कैली में स्टाफ की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में कर्मचारियों को रहने की समस्या खड़ी होने लगी है। कर्मचारियों की इस समस्या को देखते हुए इन दिनों मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अनाधिकृत रूप से रह रहे लोगों से सरकारी आवास खाली कराने के लिए मुहिम चला रखा है। मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव ने बताया कि कैली हॉस्पिटल में टाइप वन के 28, टाइप टू के 96 और टाइप थ्री के छह आवास बने हैं। अब तक 20 आवास खाली कराए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों का ताला अब भी लगा हुआ है। इन्हें स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आवास खाली करने का नोटिस भेजवाया जा रहा है। इसके लिए समय सीमा भी तय की गई है। यदि तय समय के भीतर मकान खाली नहीं हुआ तो आवास का ताला तोड़ दिया जाएगा।