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Basti News: अब जीपीएस लगे वाहनों से मिलों तक धान की होगी ढुलाई
Sat, 25 Nov 2023 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 25 Nov 2023 11:15 PM IST
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बस्ती। इस बार सरकार ने धान क्रय नीति में बदलाव किया है। इसके तहत ढुलाई करने वाले वाहनों में जीपीएस लगाए जाएंगे। सेवा प्रदाता कंपनी के इंजीनियर मंडल के तीनों जिलों में वाहनोंं में जीपीएस लगा रहे हैं। फिलहाल यह व्यवस्था बस्ती, संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर समेत प्रदेश के 40 जिलों में परीक्षण के तौर पर लागू की गई है।
पूर्व में केंद्रों पर धान खरीदने के बाद परिवहन कार्य में लगे साधारण ट्रकों से मिलों तक धान पहुंचाया जाता था। ऐसे में कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगते थे। केंद्र प्रभारियों का कहना रहता था कि केंद्र पर तौले गए धान व मिलों पर पहुंचने वाले खेप के तौल में अंतर आ जाता है। इससे मिलर्स व केंद्र प्रभारी के बीच विवाद की स्थिति बनी रहती थी। यही नहीं, कई बार गोलमाल की शिकायत भी मिलती थी। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह थी कि कई ट्रक समय से मिलों तक नहीं थे। इससे केंद्र से भेजे जाने वाले धान के दिन व समय की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती थी।
शासन ने गेहूं व धान के खरीद समेत अनाज पहुंचाने की अधिकतर प्रक्रिया को ऑनलाइन कर री है। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए शासन ने केंद्रों से मिलों तक परिवहन करने वाले वाहनों का टेंडर फाइनल कर दिया है। धान की ढुलाई व मिलों से मिलने वाले चावल की आपूर्ति करने वाले वाहनों को भी जीपीएस से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
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704 ट्रकों में लगाया जा रहा जीपीएस
आरएफसी दुर्गेश प्रसाद ने बताया कि संभाग में 352 धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से 704 ट्रकों से धान की ढुलाई कराई जाएगी। सेवा प्रदाता कंपनी के अधिकारी जनपद वार संबंधित डिप्टी आरएमओ की निगरानी में ट्रकों में जीपीएस लगा रहे हैं।
91 केंद्रों पर चल रही धान की सरकारी खरीद
डिप्टी आरएमओ अजय प्रताप सिंह के अनुसार जिले में 145 धान खरीद केंद्रों की स्वीकृति जिला प्रशासन ने दी है। इनमें 125 केंद्र स्थापित कर 14 ब्लॉकों के 91 केंद्रों पर एक नवंबर से धान की खरीद शुरू की जा चुकी है। अब तक 2789 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। शासन ने कॉमन धान के लिए 2183 व ग्रेड वन धान के लिए 2203 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की है। इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी खरीद एजेंसियों के पेच कस दिए हैं।
ये है खरीद की व्यवस्था
डिप्टी आरएमओ अजय प्रताप सिंह के अनुसार धान बिक्री के लिए ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था है। कृषक पंजीकरण के लिए वर्तमान मोबाइल फोन नंबर ही अंकित कराएं और ओटीपी भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान बेचने के लिए पूर्व में पंजीकरण करा चुके किसानों को दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। बावजूद इसके पंजीकरण का संशोधन कर दोबारा लॉक कराना होगा।
नामिनी का भी है इंतजाम
संभागीय खाद्य नियंत्रक दुर्गेश प्रसाद ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए नामिनी की व्यवस्था है। इलेक्ट्रॉनिक प्वांइट ऑफ परचेज के जरिये आधार प्रमाणीकरण करते हुए धान की खरीद की जाएगी। धान खरीद के लिए सभी केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश केंद्र प्रभारियों को दिए गए हैं।
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पूर्व में केंद्रों पर धान खरीदने के बाद परिवहन कार्य में लगे साधारण ट्रकों से मिलों तक धान पहुंचाया जाता था। ऐसे में कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगते थे। केंद्र प्रभारियों का कहना रहता था कि केंद्र पर तौले गए धान व मिलों पर पहुंचने वाले खेप के तौल में अंतर आ जाता है। इससे मिलर्स व केंद्र प्रभारी के बीच विवाद की स्थिति बनी रहती थी। यही नहीं, कई बार गोलमाल की शिकायत भी मिलती थी। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह थी कि कई ट्रक समय से मिलों तक नहीं थे। इससे केंद्र से भेजे जाने वाले धान के दिन व समय की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती थी।
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शासन ने गेहूं व धान के खरीद समेत अनाज पहुंचाने की अधिकतर प्रक्रिया को ऑनलाइन कर री है। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए शासन ने केंद्रों से मिलों तक परिवहन करने वाले वाहनों का टेंडर फाइनल कर दिया है। धान की ढुलाई व मिलों से मिलने वाले चावल की आपूर्ति करने वाले वाहनों को भी जीपीएस से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
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704 ट्रकों में लगाया जा रहा जीपीएस
आरएफसी दुर्गेश प्रसाद ने बताया कि संभाग में 352 धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से 704 ट्रकों से धान की ढुलाई कराई जाएगी। सेवा प्रदाता कंपनी के अधिकारी जनपद वार संबंधित डिप्टी आरएमओ की निगरानी में ट्रकों में जीपीएस लगा रहे हैं।
91 केंद्रों पर चल रही धान की सरकारी खरीद
डिप्टी आरएमओ अजय प्रताप सिंह के अनुसार जिले में 145 धान खरीद केंद्रों की स्वीकृति जिला प्रशासन ने दी है। इनमें 125 केंद्र स्थापित कर 14 ब्लॉकों के 91 केंद्रों पर एक नवंबर से धान की खरीद शुरू की जा चुकी है। अब तक 2789 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। शासन ने कॉमन धान के लिए 2183 व ग्रेड वन धान के लिए 2203 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की है। इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी खरीद एजेंसियों के पेच कस दिए हैं।
ये है खरीद की व्यवस्था
डिप्टी आरएमओ अजय प्रताप सिंह के अनुसार धान बिक्री के लिए ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था है। कृषक पंजीकरण के लिए वर्तमान मोबाइल फोन नंबर ही अंकित कराएं और ओटीपी भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान बेचने के लिए पूर्व में पंजीकरण करा चुके किसानों को दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। बावजूद इसके पंजीकरण का संशोधन कर दोबारा लॉक कराना होगा।
नामिनी का भी है इंतजाम
संभागीय खाद्य नियंत्रक दुर्गेश प्रसाद ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए नामिनी की व्यवस्था है। इलेक्ट्रॉनिक प्वांइट ऑफ परचेज के जरिये आधार प्रमाणीकरण करते हुए धान की खरीद की जाएगी। धान खरीद के लिए सभी केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश केंद्र प्रभारियों को दिए गए हैं।