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Basti News: रिटर्न दाखिल न करने पर 393 पर व्यापरियों को नोटिस जारी
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बस्ती। राज्य कर विभाग ने रिटर्न फाइल न करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। सामान्य योजना में हर माह जीएसटी रिटर्न दाखिल करना होता है। कंपोजीशन स्कीम में त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करना होता है। छह माह से अधिक समय से रिटर्न नहीं फाइल करने वाले जिले के 105 व्यापारियों को 50 हजार रुपये प्रतिमाह जुर्माने का नोटिस दिया गया है।
वस्तु व सेवा कर अधिनियम में व्यापारियों को समय-समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करना होता है। इसके तहत व्यापारियों को कई प्रकार की योजनाओं का लाभ भी दिया गया है। इसके बावजूद कई व्यापारी ऐसे समय पर जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं। 24 जुलाई तक मंथली रिटर्न न भरने वाले जिले के 393 व्यापारी को नोटिस देकर उन पर जुर्माना लगाया गया है। राज्य कर विभाग के उपायुक्त उपेंद्र यादव ने बताया कि लगातार छह माह तक जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल करने पर 50,000 रुपये प्रतिमाह का जुर्माना देना होता है। जुलाई, 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से अभी तक कुल करीब 1800 लोगों ने अपनी फर्म का पंजीकरण कराया है। रिटर्न नहीं दाखिल करने वालों की संख्या करीब आठ प्रतिशत है। कुल 393 व्यापारियों को जुर्माने का नोटिस दिया गया है।
ऑनलाइन सिस्टम में जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल करने वाली फर्म की मॉनीटरिंग स्वत: हो रही है। ऐसे में जो भी फर्म छह माह या अधिक समय से रिटर्न नहीं दाखिल कर रही हैं, उनके पास सिस्टम के माध्यम से ही जुर्माने का नोटिस पहुंच जा रहा है। संवाद
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वस्तु व सेवा कर अधिनियम में व्यापारियों को समय-समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करना होता है। इसके तहत व्यापारियों को कई प्रकार की योजनाओं का लाभ भी दिया गया है। इसके बावजूद कई व्यापारी ऐसे समय पर जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं। 24 जुलाई तक मंथली रिटर्न न भरने वाले जिले के 393 व्यापारी को नोटिस देकर उन पर जुर्माना लगाया गया है। राज्य कर विभाग के उपायुक्त उपेंद्र यादव ने बताया कि लगातार छह माह तक जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल करने पर 50,000 रुपये प्रतिमाह का जुर्माना देना होता है। जुलाई, 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से अभी तक कुल करीब 1800 लोगों ने अपनी फर्म का पंजीकरण कराया है। रिटर्न नहीं दाखिल करने वालों की संख्या करीब आठ प्रतिशत है। कुल 393 व्यापारियों को जुर्माने का नोटिस दिया गया है।
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ऑनलाइन सिस्टम में जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल करने वाली फर्म की मॉनीटरिंग स्वत: हो रही है। ऐसे में जो भी फर्म छह माह या अधिक समय से रिटर्न नहीं दाखिल कर रही हैं, उनके पास सिस्टम के माध्यम से ही जुर्माने का नोटिस पहुंच जा रहा है। संवाद
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