फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Not an ophthalmologist at CHC for three years

Basti News: तीन साल से सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं

Sat, 03 Jan 2026 12:35 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jan 2026 12:35 AM IST
विज्ञापन
Not an ophthalmologist at CHC for three years
हर्रैया। कस्बे में संचालित सीएचसी में करीब तीन साल से आंख का डाॅक्टर नहीं है। विशेषज्ञ डाॅक्टर नहीं होने से आंख संबंधी बीमारियों से पीड़ितों का इलाज नेत्र सहायक के भरोसे है। मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
विज्ञापन

सीएचसी में विशेषज्ञ नेत्र सर्जन का एक पद सृजित है। इसके अलावा दो पद नेत्र सहायक के हैं। करीब तीन साल पहले डाॅक्टर अमित कुमार गुप्ता बतौर नेत्र सर्जन नियुक्त थे। उस दौरान अस्पताल में ही नेत्र संबंधी बीमारियों का इलाज संभव हो रहा था। मोतियाबिंद पीड़ितों का ऑपरेशन भी अस्पताल में होने लगा था। महीने में दो बार चिह्नित मरीजों के आंख के ऑपरेशन के जिले से टीम आकर करती थी।
विज्ञापन

वर्ष 2023 में नियुक्त डाॅक्टर बिना किसी सूचना के लापता हो जाने के बाद से सीएचसी में नेत्र चिकित्सक का पद रिक्त है। अब अस्पताल में आंख की सामान्य जांच व चश्मा के नंबर की जांच ही हो पा रही है। नेत्र परीक्षण अधिकारी सीमा ने बताया कि महीने में छह से सात मोतियाबिंद के रोगी चिह्नित होते हैं, उन्हें ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। यहां सिर्फ आंखों की जांच ही हो पाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों का कहना है कि चिकित्सक की कमी के साथ ही सीएचसी की ओटी में अत्याधुनिक सुविधाएं नहीं हैं। जो भी उपकरण हैं, वह पुराने हैं। इससे अब मोतियाबिंद का ऑपरेशन संभव नहीं है।

इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डाॅ. अभय सिंह ने बताया कि तीन साल से नेत्र सर्जन की नियुक्ति अस्पताल में नहीं है। उन्होंने अभी जल्दी ही चार्ज लिया है। नेत्र सर्जन की नियुक्ति के लिए पत्राचार करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed