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Basti News: किसी की हिम्मत नहीं जो तुम्हारी गाड़ी रोक ले, बस मेरा नाम बता देना
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- खनन माफिया और सिपाही से बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद खुली पोल
- कलवारी पुलिस की सांठगांठ से बालू खनन का आरोप, तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
- एसपी ने सीओ कलवारी को सौंपी ऑडियो प्रकरण की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/कलवारी। सरयू की कोख छलनी करने वाले बालू खनन माफिया से कलवारी थाने की पुलिस की सांठगांठ का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। थाने के एक सिपाही और खनन माफिया से फोन पर बातचीत के वायरल ऑडियो से खलबली मच गई है। ऑडियो में बड़े साहब यानी थानेदार से लेकर उच्चाधिकारियों तक की खनन की जानकारी होने की बात कही गई है। ऑडियो में थाने का सिपाही खनन माफिया से कहता है कि तुम बेफिक्र होकर अपनी गाड़ी भरो। बीट का दरोगा या कोई सिपाही गाड़ी रोके तो मेरा नाम बता देना। किसी की हिम्मत नहीं है जो तुम्हे टच कर दे। बड़े साहब से लेकर उच्चाधिकारी तक की जानकारी में सब है, इसलिए तुम्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि अमर उजाला इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।
प्रकरण संज्ञान में आते ही एसपी ने ऑडियो के आधार पर कलवारी थाने के तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि कलवारी थाने पर तैनात मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी राजेश यादव एवं बृजेश भारद्वाज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीओ कलवारी आलोक प्रसाद को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है।
दरअसल, रामजानकी मार्ग से दक्षिण के सरयू नदी के तलहटी वाले गांवों से बालू खनन के मामले अक्सर सामने आते हैं। उधर के ग्रामीण भी शिकायत करते हैं कि उनके खेतों और सीवान से माफिया बालू का खनन कर रहे हैं। मना करने पर माफिया के गुर्गे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। खनन में पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत भी बताई जाती है लेकिन अमूमन या बात साबित नहीं हो पाती है। पर सोमवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसने पुलिस की सांठगांठ की पोल खोल दी।
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थानाध्यक्ष ने झाड़ा पल्ला
- कलवारी के थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने वायरल ऑडियो से पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि यह ऑडियो उनके थाने पर आने से पहले का है। एसओ ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मियों की शिकायत मिलने पर लगभग डेढ़ माह पहले ही उनकी बीट बदल दी गई थी। ऑडियो के बारे में बताया कि अवैध बालू खनन रुकने के कारण ही अब इसको वायरल किया जा रहा है।
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- कलवारी पुलिस की सांठगांठ से बालू खनन का आरोप, तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
- एसपी ने सीओ कलवारी को सौंपी ऑडियो प्रकरण की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/कलवारी। सरयू की कोख छलनी करने वाले बालू खनन माफिया से कलवारी थाने की पुलिस की सांठगांठ का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। थाने के एक सिपाही और खनन माफिया से फोन पर बातचीत के वायरल ऑडियो से खलबली मच गई है। ऑडियो में बड़े साहब यानी थानेदार से लेकर उच्चाधिकारियों तक की खनन की जानकारी होने की बात कही गई है। ऑडियो में थाने का सिपाही खनन माफिया से कहता है कि तुम बेफिक्र होकर अपनी गाड़ी भरो। बीट का दरोगा या कोई सिपाही गाड़ी रोके तो मेरा नाम बता देना। किसी की हिम्मत नहीं है जो तुम्हे टच कर दे। बड़े साहब से लेकर उच्चाधिकारी तक की जानकारी में सब है, इसलिए तुम्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि अमर उजाला इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।
प्रकरण संज्ञान में आते ही एसपी ने ऑडियो के आधार पर कलवारी थाने के तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि कलवारी थाने पर तैनात मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी राजेश यादव एवं बृजेश भारद्वाज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीओ कलवारी आलोक प्रसाद को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है।
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दरअसल, रामजानकी मार्ग से दक्षिण के सरयू नदी के तलहटी वाले गांवों से बालू खनन के मामले अक्सर सामने आते हैं। उधर के ग्रामीण भी शिकायत करते हैं कि उनके खेतों और सीवान से माफिया बालू का खनन कर रहे हैं। मना करने पर माफिया के गुर्गे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। खनन में पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत भी बताई जाती है लेकिन अमूमन या बात साबित नहीं हो पाती है। पर सोमवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसने पुलिस की सांठगांठ की पोल खोल दी।
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थानाध्यक्ष ने झाड़ा पल्ला
- कलवारी के थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने वायरल ऑडियो से पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि यह ऑडियो उनके थाने पर आने से पहले का है। एसओ ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मियों की शिकायत मिलने पर लगभग डेढ़ माह पहले ही उनकी बीट बदल दी गई थी। ऑडियो के बारे में बताया कि अवैध बालू खनन रुकने के कारण ही अब इसको वायरल किया जा रहा है।