{"_id":"6a2c5c975a4067e76d048303","slug":"no-badminton-coach-at-the-stadium-training-affected-basti-news-c-207-1-bst1005-160408-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: स्टेडियम में बैडमिंटन कोच नहीं...प्रशिक्षण प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: स्टेडियम में बैडमिंटन कोच नहीं...प्रशिक्षण प्रभावित
विज्ञापन
बस्ती स्टेडियम का हाल संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्ती। शहीद सत्यवान सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब छह साल से बैडमिंटन खेल प्रशिक्षक के न होने से खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां नहीं मिल पा रही हैं। एक ओर जहां बैडमिंटन प्रशिक्षक की कमी से खिलाड़ियों को बैडमिंटन खेल की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो पा रही है वहीं, समुचित प्रशिक्षण के अभाव में खिलाड़ियों की प्रतिभाएं निखर नहीं पा रही है।
सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए तमाम प्रयास कर रही है। न्याय पंचायत स्तर से लेकर जिला और मंडल स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती रही हैं ताकि युवाओं के अंदर खेलों को लेकर दिलचस्पी पैदा हो। लेकिन, शासन प्रशासन की ओर से सुविधाओं और संसाधनों को लेकर किया गया कोई खास प्रयास जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा है। इसी का नतीजा है कि तमाम प्रयास के बावजूद स्टेडियम में कई खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिसमें से बैडमिंटन कोच भी शामिल हैं।
क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल का प्रशिक्षक न होना सरकार के मंसूबे पर पानी फेरने जैसा है। स्टेडियम में 1986 में बैडमिंटन कोर्ट की स्थापना की गई। वर्तमान में इस खेल में करीब 30 खिलाड़ियों ने पंजीकरण करा रखा है। कभी-कभी जूनियर खिलाड़ियों को वरिष्ठ खिलाड़ियों से अभ्यास में मदद मिल जाती है। लेकिन, प्रशिक्षक के अभाव में प्रशिक्षण शिविर का संचालन नहीं हो पा रहा है। बता दें कि सालभर पहले बैडमिंटन कोच के रूप में एक प्रशिक्षण की तैनाती हुई थी, मगर वह ज्वाइन नहीं किए। इससे मामला फंस गया।
विज्ञापन
कोट
बैडमिंटन खेल व क्रिकेट खेल के प्रशिक्षक की नियुक्ति की मांग खेल निदेशालय से की गई है। जल्द ही प्रशिक्षक नियुक्त करने का आश्वासन मिला है।
-दिलीप कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी, बस्ती।
विज्ञापन
सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए तमाम प्रयास कर रही है। न्याय पंचायत स्तर से लेकर जिला और मंडल स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती रही हैं ताकि युवाओं के अंदर खेलों को लेकर दिलचस्पी पैदा हो। लेकिन, शासन प्रशासन की ओर से सुविधाओं और संसाधनों को लेकर किया गया कोई खास प्रयास जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा है। इसी का नतीजा है कि तमाम प्रयास के बावजूद स्टेडियम में कई खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिसमें से बैडमिंटन कोच भी शामिल हैं।
विज्ञापन
क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल का प्रशिक्षक न होना सरकार के मंसूबे पर पानी फेरने जैसा है। स्टेडियम में 1986 में बैडमिंटन कोर्ट की स्थापना की गई। वर्तमान में इस खेल में करीब 30 खिलाड़ियों ने पंजीकरण करा रखा है। कभी-कभी जूनियर खिलाड़ियों को वरिष्ठ खिलाड़ियों से अभ्यास में मदद मिल जाती है। लेकिन, प्रशिक्षक के अभाव में प्रशिक्षण शिविर का संचालन नहीं हो पा रहा है। बता दें कि सालभर पहले बैडमिंटन कोच के रूप में एक प्रशिक्षण की तैनाती हुई थी, मगर वह ज्वाइन नहीं किए। इससे मामला फंस गया।
विज्ञापन
कोट
बैडमिंटन खेल व क्रिकेट खेल के प्रशिक्षक की नियुक्ति की मांग खेल निदेशालय से की गई है। जल्द ही प्रशिक्षक नियुक्त करने का आश्वासन मिला है।
-दिलीप कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी, बस्ती।